तुम्हारी समस्या का हल है अमिताभ बच्चन की फिल्म त्रिशूल: प्रणेश कुमार प्राण
लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दी अवयस्क बेटे को सलाह
✓तुम्हारी समस्या का हल है अमिताभ बच्चन की फिल्म त्रिशूल:प्रणेश कुमार प्राण
✓लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दी अवयस्क बेटे को सलाह
✓अदालत में जज के सामने पहनाई माला, बेटी की उंगली थामकर घर लौटा परिवार
परिधि न्यूज बैतूल


जिला लोक अदालत में आज कई सुखद नजारे देखने मिले। वर्षो से अलग रह रहे माता पिता जहां अपनी बेटी का भविष्य संवारने के लिए अधिवक्ताओं व न्यायाधीश की समझाइश पर फिर साथ रहने राजी हुए वही अवयस्क बेटे ने मां पर किया भरण पोषण का मुकदमा वापस लिया और राजी खुशी मां के साथ घर लौटा। जहां पति पत्नी ने एक दूसरे को माला पहनाकर सौहाद्र के साथ रहने का संकल्प लिया वही बेटे ने मां के पांव छूकर गलती के लिए माफी मांगी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रणेश कुमार प्राण ने अवयस्क किशोर को इस दौरान अमिताभ बच्चन की फिल्म त्रिशूल देखने के लिए कहा।उन्होंने कहा बेटा घर जाकर अमिताभ की फिल्म त्रिशूल जरूर देखना।वही तुम्हारी समस्या का हल है।दरअसल अवयस्क किशोर की कहानी फिल्म त्रिशूल से मेल खा रही थी। मां का महत्व समझाने के लिए श्री प्राण ने इसी वजह से फिल्म देखने की सलाह दी।

जिला न्यायालय बैतूल में आज 14 सितंबर को नेशनल लोक अदालत में बिजली उपभोक्ताओं और मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के दावेदारों को बड़ी राहत मिली।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रणेश कुमार प्राण की अध्यक्षता में न्यायालय परिसर में लोक अदालत सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होकर शाम 5 बजे तक चली 20 खंडपीठ में विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई कर त्वरित निराकरण और आपसी समझाइश देकर प्रकरण में राजीनामे किए गए।मोटर दुर्घटना और क्षतिपूर्ति के मामलो में भी पक्षकारों को बड़ी राहत मिली।
बेटी के लिए फिर एक हुए माता पिता

जिला मुख्यालय के एक दंपती पारिवारिक कलह एव विवाद की वजह से अलग रह रहे थे। लोक अदालत में पति पत्नी अपनी बेटी के लिए साथ रहने तैयार हो गए। वही मां और अवयस्क बेटे के एक मामले में भी सुलह हुई। बेटे ने मां पर भरण पोषण का दावा किया था।इस मामले में भी बेटे और मां के बीच सुलह हुआ।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रणेश कुमार प्राण,विधिक सेवा प्राधिकरण से महजबीन खान, जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव सहित अधिवक्ताओं ने पौधे भेंट कर दोनो परिवार को निर्विवाद रहने की समझाइश दी। एक अन्य प्रकरण में 22 साल से अलग रह रहे पति पत्नी ने भी आज लोक अदालत से साथ साथ घर वापसी की।