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मंगलसूत्र से लेकर पूजन सामग्री तक के लिए करना पड़ा वर-वधु को इंतजार

✓जिम्मेदार अधिकारियों के सामने नाबालिग कैमरामेन करता रहा फोटो-वीडियो शूट
✓1 करोड़ 10 लाख की राशि को लगाया पलीता, 200 रजिस्टर्ड जोड़ों में 196 पहुंचे
✓वैदिक रीति से 45 और 155 जोड़े आदिवासी परम्परा से एक दूजे के हुए
परिधि न्यूज भीमपुर


जिले के आदिवासी बाहुल्य भीमपुर अंचल के सैकड़ों परिवारों के लिए आज का दिन खास हो सकता था, लेकिन शासन प्रशासन की लापरवाही की वजह से हजारों लोगों की खुशियां पसीने में बह गई। मौका था मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत विकासखंड मुख्यालय के पुलिस ग्राउंड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन का जिसमें अव्यवस्थाओं के अंबार के बीच 45 जोड़ों ने वैदिक रीति-नीति से तथा 155 जोड़े आदिवासी परम्परानुसार एक दूजे के हुए। विवाह सम्मेलन के लिए 200 जोड़ों का पंजीयन हुआ था जिसमें चार अनुपस्थित रहे। विवाह सम्मेलन में अधिकारियों एवं व्यवस्थापकों द्वारा की गई तैयारियों की पोल उस वक्त खुली जब विवाह की वेदी पर बैठे जोड़ों के पास समय पर मंगलसूत्र तक नहीं पहुंच पाया था। किसी दूल्हे के पास टोपी नहीं थी तो किसी के पास नवग्रह सहित अन्य पूजन सामग्री नदारत थी। विवाह सम्मेलन के साथ-साथ यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं के साक्षी स्वयं क्षेत्रीय विधायक महेन्द्रसिंह चौहान,जनपद अध्यक्ष भैय्यालाल इरपाचे, जनपद उपाध्यक्ष प्रेमलता कास्दे,भाजपा मंडल अध्यक्ष भीमपुर अनिल उइके,कृष्णा यादव, भैंसदेही नगरपालिका अध्यक्ष मनीष सोलंकी भी बने। जानकारी के अनुसार विवाह सम्मेलन के लिए जनपद पंचायत भीमपुर को दो सौ जोड़ों के लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपए का आबंटन प्राप्त हुआ, लेकिन जिस तरह से तैयारियां देखी गई सभी ने यही कहां कि शासन की मंशा और राशि पर पलीता लग गया। विवाह सम्मेलन को एक नाबालिग कैमरामेन अपने कैमरे में कैद कर रहा था। उसके द्वारा अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सामने वीडियो फोटो शूट किए लेकिन किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।


मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत ब्लॉक मुख्यालय के पुलिस ग्राउंड में बुधवार को 1 करोड़ 10 लाख रुपये का पलीता लगाते हुए 196 कन्याओ का व्यस्थाओं के आभाव में विवाह संपन्न हुआ। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकारण विभाग के माध्यम से यह योजना चलाई जा रही है। ब्लॉक मुख्यालय में भैंसदेही एवं भीमपुर विकासखंड के कुल 200 जोड़ो का विवाह संपन्न होना था। जिसमे चार जोड़े अनुपस्थित रहे। इस तरह 196 जोड़ो का विवाह सम्पन्न हुआ।
घंटो मंगलसूत्र एवं पूजन सामग्री के लिए इंतजार करते रहे वर वधु


विवाह सम्मेलन में जिन पंजीकृत जोड़ों का विवाह सम्पन्न होना था उनमें से कई ऐसे जोड़े थे जिन्हें मंगलसूत्र सहित अन्य पूजन सामग्री तक के लिए घंटो इंतजार करना पड़ा। पिपरिया की अनिता धुर्वे ने बताया कि उसे सिर्फ माला और टोपी मिली, ना मंगलसूत्र दिया गया ना ही कुमकुम। वही भैंसदेही के कोरकू समाज के जोड़े ने बताया कि हमे नारियल, दीपक-बाती,नाड़ा,हवन और नवग्रह सामग्री कुछ नहीं दिया गया। विवाह के लिए इस सामग्री की जरूरत पड़ती है। यह हाल सिर्फ एक जोड़े का नहीं था, यहां कई जोड़े परेशान हो रहे थे।
भीषण गर्मी में पानी और हवा के लिए तरसे घराती-बराती

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शासन ने तो विवाह सम्मेलन सुविधाजनक रुप से कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन भीमपुर में यह सम्मेलन असुविधाओं की भेंट चढ़ गया। चिलचिलाती गर्मी में वर वधु के लिए ना ठंडे पानी की व्यस्थाएं थी और ना ही कूलर-पंखे की। गर्मी, धूप और भीड़ की वजह से वर वधु खासे परेशान होते रहे।
लापरवाहों पर क्या एक्शन लेंगे जिम्मेदार


भीमपुर मुख्यालय पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एक मजाक बन कर रह गई जिसमें अनेक खामिया देखने को मिली। जिम्मेदारों द्वारा इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नही दिया गया। जिसके चलते जोड़े अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं गौरतलब है कि एक जोड़े के विवाह की व्यवस्था में 6 हजार रुपए शासन द्वारा दिए जाते है लेकिन हैरत की बात है कि उन्हीं जोड़ों को पानी तक नसीब नहीं हो पाया। गौरतलब है कि विवाह समारोह में शामिल होने आए वर वधु एवं परिजनों के वाहनों की पार्किंग और भोजन व्यवस्था भी अजीत मरावी भैंसदेही अनुविभागीय अधिकारी और नानसिंह चौहान भीमपुर सी ई ओ की मॉनिटरिंग में विवाह स्थल से काफी दूर की गई थी जिसकी वजह से लोग धूप में परेशान होते रहे।

इनका कहना…
विवाह स्थल पर सभी व्यवस्थाएं थी, वेदियों से कुछ ही दूरी पर पानी की केने रखी गई थी, वर वधुओं को एक पैकेट में पूजन सामग्री, मंगलसूत्र एवं सभी आवश्यक चीजे पहले ही दी गई थी। पार्किंग एवं भोजन की व्यवस्था ग्राउंड छोटा होने की वजह से कुछ दूरी पर थी, आराम से दो-तीन मिनट में वहां पहुंचा जा सकता था। भगदड़ न हो इस लिहाज से भी थोड़ा दूर ही यह व्यवस्था की गई। कूलर एवं पंखें भी पर्याप्त संख्या में लगे थे, पेयजल के लिए टैंकर भी थे।
अजीत मरावी, एसडीएम, भैंसदेही

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