भारत गैस एजेंसी द्वारा हाईस्कूल प्रभुढाना में किया गया सेफ्टी क्लिनिक का आयोजन

✓भारत गैस एजेंसी द्वारा हाईस्कूल प्रभुढाना में किया गया सेफ्टी क्लिनिक का आयोजन
परिधि न्यूज खेड़ी सांवलीगढ़
समीपस्थ ग्राम प्रभु ढाना के शासकीय हाईस्कूल में भारत गैस एजेंसी के द्वारा सेफ्टी क्लीनिक का आयोजन किया गया।जिसमे एल पी जी गैस की उपयोगिता और इससे असावधानी बरतने पर होने वाले खतरे के विषय में सावधान किया गया इस अवसर पर गैस एजेंसी संचालक शैलेंद्र पोटे ने बताया की, गैस का उपयोग करने से पहले अपने को सुरक्षा मानकों की ओर ध्यान देना आवश्यक है। जिससे सफलता पूर्वक गैस चूल्हे का उपयोग कर
सके।इसकी जानकारी स्कूली बच्चों और जनता के
बीच में पहुंचकर रुद्र गैस एजेंसी के सचालक शैलेश पोटे के द्वारा दी गई।
गैस उपभोक्ताओं से अपील की गई कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की बजाय वर्तमान में गैस चूल्हे पर खाना बनाना चाहिए ,जिससे शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। आर्थिक दृष्टि से भी एक अच्छा सुझाव है। एल पी जी गैस पर खाना बनाने एक सामान्य परिवार को 12से 15रुपए तक खर्च आता है। डब्लू एच ओ (विश्व स्वस्थ संगठन ) की रिपोर्ट के मुताबिक लकड़ी के चूल्हे,पर खाना बनाते वक्त गृहणी को एक दिन में 400 सिगरेट के धुएं जैसे दुष्परिणाम का शिकार होना पड़ता है उतना ही धुआं शरीर में प्रवेश करता है।इस आयोजन में उपस्थित डॉ औचित्य पांडे ने भी इस विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया गैस का उपयोग होने के बाद रात में रेगुलेटर बंद रखे। चूल्हे को जमीन पर न रखे ऊंचे स्थान पर रखे चूल्हे और गैस पाइप की हमेशा जानकार से जांच करवाते रहे। गैस की गंध चलने पर पहले रेगुलेटर बंद करे और बिजली के उपकरण बंद चालू न करे। इन सावधानियों से हम बिल्कुल सुरक्षित रहेंगे।
