सावधान:दिल्ली का NGO बैतूल में कैंसर पीड़ितों के नाम कर रहा चंदा उगाही

✓सावधान:दिल्ली का NGO बैतूल में कैंसर पीड़ितों के नाम कर रहा चंदा उगाही
परिधि न्यूज बैतूल
जिला मुख्यालय पर दिल्ली की एक सामाजिक संस्था के सदस्य चौक चौराहों पर चंदा करने में मशगूल है। बाकायदा बैनर पोस्टर लगाकर भरी धूप में एनजीओ के सदस्य जो चंदा कर रहे है वह कैंसर पीडि़तों के लिए किया जा रहा है। हालांकि कैंसर पीडि़तों के लिए इस तरह दिल्ली के किसी एनजीओ द्वारा बैतूल जैसे पिछड़े अंचल में आकर चंदा करना संदेहास्पद जरुर है। जब चौक चौराहों पर अनजान लोगों कैंसर पीडि़तों के लिए चंदा जुटाना जागरुक नागरिकों को नागवार गुजरा तो उन्होंने इस संबंध में समाजसेवी एवं कैंसर फाईटर बबलू हेमंतचन्द्र दुबे से चर्चा की। श्री दुबे को जैसे ही जानकारी तो उन्होंने दोनों युवकों के पास पहुंचकर उन्हें समझाईश दी कि-यह बैतूल है यहां कैंसर पीडि़तों के लिए चौक चौराहों पर चंदा नहीं किया जाता। जब श्री दुबे ने एनजीओ के सदस्यों से जानकारी लेना शुरु किया तो वे घबरा गए और चंदा न करने का आश्वासन देते हुए वापस दिल्ली लौटने की बात कही। हालांकि दोनों युवकों ने अगले दिन फिर दूसरे चौराहे पर अपने बैनर पोस्टर टांग दिए और चंदा करने में जुट गए।
सोसायटी फॉर कैंसर रिसर्च ऑर्गनाईजेशन दिल्ली के नाम पर किया जा रहा चंदा
परिधि न्यूज द्वारा मामले की तह तक जाने के लिए जब एनजीओ के सदस्य अजय मिश्रा से उनके मोबाईल नंबर पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि सोसायटी के सर ने दो लोगों को चंदा करने के लिए बैतूल भेजा है। उनका कहना है कि चंदे में मिलने वाली राशि का उपयोग गरीब एवं बीपीएल कार्ड धारी कैंसर मरीजों के उपचार में उपयोग की जाती है। जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली जैसे बड़े और सम्पन्न शहर को छोडक़र बैतूल जैसे छोटे शहर में चंदा क्यों किया जा रहा है तो इस सवाल के जवाब में हड़बड़ाते हुए अजय मिश्रा ने कहा कि उन्हें डॉ जावेद अनवर सर ने बैतूल भेजा है। यहीं नहीं देश के अन्य शहरों में भी सोसायटी फॉर कैंसर रिसर्च आर्गनाईजेशन दिल्ली के नाम पर दो-दो सदस्य चंदा कर रहे है। क्या जिस शहर से चंदा किया जा रहा है उसी शहर के मरीजों को चंदे से उपचार में मदद मिलती है इस बात पर अजय मिश्रा चुप रह गए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे लोग डॉ जावेद अनवर के कहने पर दिल्ली लौट गए है। बुधवार को लल्ली चौक जैसे व्यस्ततम चौराहे पर और गुरुवार को सदर में पीपल चौक पर दोनों युवक फर्जी तरह से चंदा करते नजर आए। गौरतलब है कि दोनों युवक अजय मिश्रा एवं अभिषेक विश्वकर्मा को समाजसेवी बबलू दुबे ने लल्ली चौक पहुंचकर समझाईश भी दी, लेकिन अगले दिन ये फिर पीपल चौक सदर पहुंच गए थे। अजय मिश्रा के मुताबिक वे दिल्ली लौट गए है। लेकिन जब इस संबंध में जावेन अनवर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके बंदे अभी तीन चार दिन और बैतूल में रुकेंगे। जिले में दिल्ली जैसे शहर से आकर चंदा करने की जानकारी इस एनजीओ ने किसी भी संबंधित अधिकारी, विभाग के संज्ञान में नहीं लाई। सच सामने न आ जाए इस डर से एनजीओ के सदस्य बार-बार अब चंदा न करने का हवाला दे रहे है लेकिन कैंसर मरीजों के नाम पर इस तरह संवेदनाएं बटोरकर दिन दहाड़े की जा रही उगाही पर जांच की जानी चाहिए। साथ ही उक्त लोगों ने अब तक चंदा कितना किया और कितने मरीजों को इसका लाभ मिला यह जानकारी सामने लाई जानी चाहिए। इधर जावेद अनवर का कहना है कि पिछले साल भी संस्था के एक सदस्य ने बैतूल में चंदा किया था करीब 8 हजार रुपए की राशि जुटाई थी। जावेद अनवर से जब एनजीओ एवं मरीजों के संबंध में जानकारी चाही गई तो वे कुछ ही देन में बौखलाने लगे। बहरहाल एनजीओ के दोनों सदस्य जिले में है इस संबंध में पुलिस विभाग द्वारा जांच की जानी चाहिए, कहीं यह ठगी का नया तरीका तो नहीं है।
इनका कहना…
इस संबंध में आपके माध्यम से जानकारी मिली है, मैं चेक करवाता हूं।
निश्छल झारिया, एसपी बैतूल