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देसली कन्या आश्रम में जांच करने पहुंची पांच सदस्यीय टीम, तीन घंटे चली पूछताछ

➡️देसली कन्या आश्रम में जांच करने पहुंची पांच सदस्यीय टीम, तीन घंटे चली पूछताछ
➡️भीमपुर बीईओ को दिए सहायक आयुक्त ने निर्देश
➡️लीपापोती में माहिर विभाग रिपोर्ट के आधार पर करेगा कार्रवाई, या ठंडे बस्ते में होगा मामला..?
परिधि खबर का असर/फालोअप बैतूल

भीमपुर विकासखंड के आदिवासी कन्या आश्रम देसली की तीन छात्राओं के 24 घंटे तक गायब रहने की खबर के बाद जनजातीय कार्य विभाग हरकत में आ गया। परिधि न्यूज में छात्राओं के गायब होने एवं परिजनों के परेशान होकर उन्हें ढूंढने का समाचार प्रसारित हुआ उसके कुछ ही देर बार सहायक आयुक्त वत्सला शिवहरे ने भीमपुर बीईओ विशाल भोपले को पूरे मामले की गंभीरता से जांच के निर्देश दिए। 8 सितम्बर को बीईओ सहित पांच सदस्यीय टीम जांच के लिए कन्या आश्रम देसली पहुंची। यहां अधीक्षिका सुशीला गुलबाके सहित तीनों छात्राओं के परिजनों एवं अन्य संबंधितों के बयान लिए गए है। जानकारी के अनुसार इस संवेदनशील मामले की जांच रिपोर्ट बीईओ द्वारा दो दिन बाद सहायक आयुक्त वत्सला शिवहरें को सौंपी जाएगी। इसके बाद तय होगा कि गैर जिम्मेदार अधीक्षिका विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में दोषी है भी या नहीं। गौरतलब है कि जनजातीय कार्य विभाग की कार्यप्रणाली किसी से छुपी नहीं है, यहां अधीक्षकों को खासतौर पर अभयदान प्राप्त है। कभी जनप्रतिनिधियों का कभी अधिकारियों का या फिर कभी बाबुओं का। यहीं वजह है कि गंभीर से गंभीर मामले में अधीक्षकों पर कार्रवाई से परहेज किया जाता है।
हरकत में आया महकमा
परिधि न्यूज से चर्चा में भीमपुर बीईओ विशाल भोपले ने बताया कि सहायक आयुक्त के निर्देशानुसार आज पांच सदस्यीय टीम दोपहर करीब 1.30 बजे देसली पहुंची थी। जांच टीम के सदस्यों ने बारी बारी से तीनों छात्राओं एवं उनके परिजनों के लिखित बयान लिए है। इसके अलावा छात्राएं रात में दामजीपुरा में जिस परिवार के साथ रुकी थी उनके भी कथन दर्ज किए गए है। सभी कथनों के आधार पर जांच रिपोर्ट बनाकर बीईओ दो दिन बाद सहायक आयुक्त को सौंपेगे। उसके बाद वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में निर्णय लेंगे। ज्ञात हो कि कन्या आश्रम देसली में निवासरत ग्राम महतपुर, धावड़ा रैय्यत और चिरा की तीन बालिकाएं 6 सितंबर रविवार सुबह से आश्रम छोडक़र गई थी। ये तीनों ही छात्राएं कक्षा 6वीं में अध्ययनरत है और अगले दिन 7 सिंतबर सोमवार को तीनों छात्राएं आश्रम लौटी। करीब 11 से 12 वर्ष उम्र की तीनों छात्राएं 20 किमी दूर दामजीपुरा कुछ जरुरी सामान खरीदने गई थी। आश्रम में बालिकाओं के न होने की जानकारी जब परिजनों को मिली तो सभी अपनी बेटियों को ढूंढने निकल पड़े। वैसे कन्या आश्रम की अधीक्षिका सुशीला का कहना है कि परिजनों के कहने पर ही बालिकाओं को बाहर जाने की अनुमति दी गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त के निर्देश के बाद बीईओ विशाल भोपले द्वारा सोमवार शाम को ही एक महिला शिक्षिका को छात्रावास में जांच के लिए भेजा गया था।
जांच दल में यह है शामिल
सहायक आयुक्त के निर्देश के बाद बीईओ द्वारा पांच सदस्यों के साथ जांच की गई। करीब 1.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक संबंधितों के लिखित कथन लिए गए है। जांच दल में बीईओ विशाल भोपले, चांदू स्कूल के प्राचार्य, देसली स्कूल के प्राचार्य कमल कवड़े, बीएससी एवं प्रभारी बीआरसी नंदराम पांसे एवं एक महिला शिक्षिका शामिल थी।
तीनों गांव में ढूंढने पहुंची थी अधीक्षिका
सूत्र बताते है कि छात्राएं जब आश्रम नहीं लौटी तो कुछ लोगों के साथ अधीक्षिका ने छात्राओं को ढूंढना शुरु किया। अधीक्षिका महतपुर, धावड़ा रैय्यत और चिरा ग्राम में पहुंचकर बालिकाओं के बारे में पूछताछ की जिसके बाद परिजनों में भी हडक़म्प मच गया। बालिकाओं के दामजीपुरा में होने की जानकारी जब मिली तो सभी ने राहत की सांस ली। अगले दिन छात्राओं के आश्रम लौटने पर इस बात का खुलासा हुआ कि वह पूरी रात कहां थी। खैर बालिकाएं सुरक्षित है, लेकिन यदि इन बालिकाओं के साथ कोई अनहोनी होती तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होता। छात्रावास अधीक्षिका के नशे में रहने की शिकायतें भी पूर्व में मिली है। गौरतलब है कि भीमपुर में दो ही अधीक्षिका ऐसी है जो नशा करती है यह जानकारी विभाग के लोग भी जानते है। बावजूद बालिकाओं की देखरेख की जिम्मेदारी ऐसी गैर जिम्मेदार अधीक्षिकाओं को दी गई है। इसके पीछे विभागीय व्यवस्था का दूसरा पहलू काम करता है, जहां भ्रष्टाचार को शिष्टाचार का नाम दिया जाता है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर गंभीर एवं संवेदनशील कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे की जानकारी में भी देसली आश्रम का यह पूरा घटनाक्रम है। सहायक आयुक्त वत्सला शिवहरे वैसे भी छात्र हित के मुद्दों पर जनसंवाद से किनारा करती है, या तो उनका कॉल उठता नहीं है या फिर नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है, इसलिए उनसे इस मामले में कुछ जानने का प्रयास नहीं किया गया। अब देखना यह है कि अन्य छात्रावासों की गंभीर शिकायतों के बावजूद जिस तरह अधीक्षकों को हटाने या निलंबित करने जैसी कार्रवाई नहीं हुई वैसे ही इस मामले में भी होगा या फिर प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारियों का एक्शन बालिका सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में देखने मिलेगा।

इनका कहना…,
सहायक आयुक्त के निर्देश मिलने के बाद परिधि न्यूज में प्रसारित समाचार के आधार पर बिंदुवार जांच की गई है। जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त को सौंपी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आगे निर्णय लिया जाएगा।
विशाल भोपले, बीईओ, भीमपुर

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