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 Paridhi Administrative Diary ➡️प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान राजेश यादव ने बदली खेती की तस्वीर➡️आम बगीचे से बढ़ी किसान की आय, कलेक्टर डॉ सोनवणे ने किया निरीक्षण➡️बिना अनुमति अवकाश लेने पर होगी निलंबन की कारवाई

1️⃣➡️प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान राजेश यादव ने बदली खेती की तस्वीर
✓लागत घटी, आय बढ़ी और खेत बना मॉडल फार्म की दिशा में अग्रसर
✓कलेक्टर के भ्रमण में सामने आई प्राकृतिक खेती की प्रेरक मिसाल

बैतूल /आमला क्षेत्र के भ्रमण के दौरान कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे जब ग्राम पंचायत बोरीखुर्द पहुंचे, तो यहां एक किसान की मेहनत, नवाचार और प्राकृतिक खेती के प्रति समर्पण ने उनका ध्यान आकर्षित किया। ग्राम बोरीखुर्द के कृषक श्री राजेश यादव आज उन किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो खेती में बढ़ती लागत और घटते लाभ से परेशान हैं।
करीब 10 वर्ष पूर्व तक राजेश यादव भी पारंपरिक रूप से रासायनिक खाद और दवाइयों के सहारे खेती करते थे। बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता ने उन्हें चिंतित कर दिया था। इसी दौरान आत्मा परियोजना के तहत बीटीएम श्री नितिन जायसवाल एवं एटीएम श्री प्रशांत देशमुख ने उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शुरुआत में सीमित स्तर पर प्रयोग करने वाले राजेश यादव ने धीरे-धीरे पूरी तरह प्राकृतिक खेती को अपना लिया। आज वे जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, वेस्ट डीकम्पोजर, पांच पत्ती काढ़ा एवं दस पत्ती काढ़ा जैसे जैविक संसाधनों का उपयोग कर लगभग 10 एकड़ भूमि में खेती कर रहे हैं।
उनके खेत में गन्ना, गेहूं, चना, अरहर, धान एवं मक्का जैसी फसलें उगाई जाती हैं। विशेष बात यह है कि वे गन्ने से गुड़ निर्माण का कार्य भी करते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है, वहीं उनके उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य भी मिल रहा है।
राजेश यादव आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग कर रहे हैं। खेत में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के साथ सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे पानी और बिजली दोनों की बचत हो रही है।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने किसान के खेत का निरीक्षण कर उनके प्रयासों की सराहना की तथा खेत को मॉडल फार्म के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राजेश यादव की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाएं, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।

2️⃣➡️आम बगीचे से बढ़ी किसान की आय, कलेक्टर डॉ सोनवणे ने किया निरीक्षण
✓राज्य पोषित योजना से लाभान्वित किसान किशोरी गंगारे को मिल रहा बेहतर उत्पादन


बैतूल/विकासखंड आमला की ग्राम पंचायत रतेडाकला में भ्रमण के दौरान कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने वर्ष 2021-22 में राज्य पोषित योजनांतर्गत आम उच्च घनत्व योजना से लाभान्वित कृषक श्री किशोरी गंगारे निवासी तोरनवाड़ा के खेत पहुंचकर आम बगीचे का निरीक्षण किया।
कृषक श्री किशोरी गंगारे ने बताया कि योजना के अंतर्गत उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 160 आम के पौधों का रोपण किया था, जिसके लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्हें 16 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि पौधरोपण के लगभग चार वर्ष बाद अब बगीचे में अच्छा फलन प्राप्त होने लगा है। वर्तमान में प्रत्येक पौधे से लगभग 25 से 30 किलोग्राम तक आम का उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे प्रति पौधा 400 से 500 रुपये तक की आय हो रही है।
कृषक ने बताया कि बगीचे के बेहतर रखरखाव एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए वे ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करना चाहते हैं। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बगीचे का अवलोकन कर किसान के प्रयासों की सराहना की तथा उद्यानिकी एवं कृषि अधिकारियों को किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम श्री शैलेन्द्र बड़ोनिया, उप संचालक कृषि श्री कोरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

3️⃣➡️शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता पर दें विशेष ध्यान : कलेक्टर डॉ. सोनवणे
स्कूल समय पर खुलें, इस सत्र में ✓उल्लेखनीय परीक्षा परिणाम हासिल करें
✓बिना अनुमति अवकाश लेने पर होगी निलंबन की कारवाई
✓कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित


बैतूल/कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य किया जाए। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी विद्यालय निर्धारित समय पर खुलना सुनिश्चित किए जाएं तथा शिक्षक स्कूल समय से कम से कम आधा घंटा पूर्व उपस्थित रहें। उन्होंने निर्देशित किया कि बिना अनुमति के प्रिंसिपल, कोई भी शिक्षक अथवा कर्मचारी अवकाश पर नहीं रहेगा। अनधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध निलंबन सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। जिन विद्यालयों में परीक्षा परिणाम कमजोर रहे हैं, वहां विशेष शैक्षणिक गतिविधियां संचालित कर सुधार लाया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, ड्रॉप आउट रोकने तथा बच्चों के सीखने के स्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने जिले के शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, गणवेश वितरण, बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाएं तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने स्कूलवार जानकारी लेते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं रहनी चाहिए। स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली एवं स्वच्छ परिसर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणामों की ब्लाक वार समीक्षा की। शासकीय शालाओं में भीमपुर, शाहपुर, आठनेर में कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर कर परीक्षा परिणामों में सुधार के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से भीमपुर डीईओ को भीमपुर में 90 प्रतिशत परिणाम लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बेहतर परीक्षा परिणाम लाने वाले मुलताई, भैंसदेही ब्लॉक की सराहना की। इस दौरान कलेक्टर ने ऐसे विद्यालयों की जानकारी ली, जहां गेस्ट टीचर पदस्थ होने के बावजूद परीक्षा परिणाम बेहतर रहे। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बीच बेहतर परिणाम देना सराहनीय कार्य है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि परीक्षा परिणाम में अव्वल रहने वाले विद्यालयों के बीईओ, डीईओ, प्राचार्य एवं गेस्ट टीचरों को प्रशंसा पत्र एवं डीओ लेटर देकर सम्मानित किया जाए। इस संबंध में उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

–नामांकन में प्रगति लाने के दिए निर्देश—कलेक्टर डॉ.सोनवणे ने शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की नामांकन प्रगति की समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले विद्यालयों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित कर लक्ष्य अनुसार प्रगति लाई जाए। उन्होंने समेकित छात्रवृत्ति योजना की जानकारी लेते हुए पात्र विद्यार्थियों को 15 जून तक छात्रवृत्ति राशि वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निशुल्क साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर साइकिलों की असेंबली का कार्य समय पर पूर्ण कराया जाए तथा 15 जून से 25 जून के मध्य विद्यार्थियों को साइकिलों का वितरण किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।

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