Paridhi Administrative Diary➡️गरीब मरीजों से ब्लड के नाम पर वसूली न हो, गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ.सोनवणे➡️जिले में 24 घंटे में औसतन 12.5 मिमी वर्षा दर्ज, अब तक औसतन 337.1 मिमी वर्षा दर्ज➡️महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा इण्डक्शन प्रशिक्षण➡️शासकीय कन्या महाविद्यालय में निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस कैम्प का आयोजन➡️शासकीय आईटीआई भीमपुर में प्रवेश के लिए 25 जुलाई तक होंगे रजिस्ट्रेशन➡️एनआरसी जिला चिकित्सालय की देखरेख में कु.प्रियल ने कुपोषण से जीती जंग
परिधि प्रशासनिक डायरी बैतूल
1️⃣➡️गरीब मरीजों से ब्लड के नाम पर वसूली न हो, गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ.सोनवणे
✓मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
✓कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के दिए निर्देश
✓बाल मृत्यु के मामलों की रोकथाम के कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

बैतूल/ कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकीय सेवाओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
कलेक्टर डॉ.सोनवणे ने जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थानों में रक्त की उपलब्धता की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों से ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड़बड़ी पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने सभी विकासखंडों के बीएमओ एवं चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए कि जरूरतमंद मरीजों को शासन की व्यवस्था के अनुसार समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी भी स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, डॉक्टर अथवा अन्य कर्मचारी द्वारा ब्लड दिलाने के नाम पर मरीज या उसके परिजनों से पैसे लेने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जिले में गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान प्रभात पट्टन क्षेत्र में एएनसी पंजीयन की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए तथा पंजीयन के साथ ही उन्हें निर्धारित सभी स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मॉडरेट और सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के आईडेंटीफिकेशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने आमला, आठनेर, मुलताई में कम प्रगति पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि ऐसी गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक उपचार तथा फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एनीमिया से प्रभावित गर्भवती महिलाओं को समय पर आयरन सप्लीमेंट, पोषण संबंधी परामर्श एवं चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में उन्होंने मातृ मृत्यु समीक्षा से संबंधित रिपोर्टों की भी समीक्षा की।
कलेक्टर ने नियमित टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की। मुलताई, प्रभात पट्टन, घोड़ाडोंगरी, आमला, आठनेर, बैतूल ग्रामीण, भैंसदेही एवं शाहपुर में टीकाकरण की कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बीएमओ को सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत पात्र बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने टीकाकरण संबंधी अभिलेखों के नियमित अद्यतन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने शाहपुर, भीमपुर एवं प्रभातपट्टन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बीएमओ और बीपीएम को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में दर्ज बाल मृत्यु के प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने विकासखंड के डॉक्टरों को जिला अस्पताल में प्रसव प्रशिक्षण देने के सख्त निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी बीएमओ एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाई-रिस्क नवजात एवं बच्चों की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रत्येक बाल मृत्यु प्रकरण का गंभीरता से ऑडिट उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य यकृत मिशन के अंतर्गत स्क्रीनिंग कार्य की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान प्रभात पट्टन और बैतूल में स्क्रीनिंग में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। टीबी स्क्रीनिंग कार्य की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ को तीन दिनों में शत प्रतिशत स्क्रीन कर फूड बॉस्केट वितरित की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं की सिकलसेल स्क्रीनिंग समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ.सोनवणे ने पूर्ण हो चुके प्राथमिक सामुदयिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र शीघ्र हैंडोवर कराने के निर्देश दिए।
नशा मुक्ति अभियान के साथ रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जिले में नशा मुक्ति अभियान को जनभागीदारी के साथ प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वैच्छिक रक्तदान के लिए भी प्रेरित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति अभियान के साथ रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया जाए। इसके लिए सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं का सहयोग लिया जाए। उन्होंने रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करने तथा समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही विजय दिवस के अवसर पर विशेष रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे, जिला ब्लड बैंक अधिकारी अंकिता सीते सहित बीएमओ, बीपीएम, बीईई उपस्थित थे।
2️⃣➡️जिले में 24 घंटे में औसतन 12.5 मिमी वर्षा दर्ज, अब तक औसतन 337.1 मिमी वर्षा दर्ज
बैतूल/ जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 12.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक, भू-अभिलेख ने बताया कि 22 जुलाई प्रातः 8 बजे से 23 जुलाई प्रातः 8 बजे तक जिले के विभिन्न वर्षामापी केंद्रों पर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
उन्होंने बताया कि बैतूल में 10.2 मिमी, घोड़ाडोंगरी में 16.0 मिमी, चिचोली में 13.0 मिमी, शाहपुर में 9.0 मिमी, मुलताई में 17.6 मिमी, प्रभात पट्टन में 12.0 मिमी, आमला में 6.0 मिमी, भैंसदेही में 8.0 मिमी, आठनेर में 9.2 मिमी तथा भीमपुर में 24.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में वर्षा ऋतु 2026-27 में अब तक औसतन 337.1 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। वहीं गत वर्ष 2025-26 में अब तक 380.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।
उल्लेखनीय है कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1083.9 मिमी है तथा गत वर्ष की सामान्य औसत वर्षा 1097.4 मिमी रहीl
3️⃣➡️महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा इण्डक्शन प्रशिक्षण

बैतूल / महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला स्तर पर 40 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 08 दिवसीय इण्डक्शन प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन 19 जुलाई से कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के मीटिंग हॉल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 26 जुलाई तक आयोजित होगा।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में परियोजना अधिकारी बैतूल ग्रामीण श्री निर्मल सिंह ठाकूर द्वारा आंगनवाड़ी एवं परियोजना स्तर पर समन्वय कैसे करें तथा आंगनवाड़ी से अपेक्षाओं के संबंध में जानकारी दी जा रही है। परियोजना अधिकारी चिचोली श्री चयेन्द्र बुड़ेकर, परियोजना अधिकारी श्रीमती अर्चना तिवारी तथा प्रभारी परियोजना अधिकारी आठनेर श्रीमती रंजीता जोशी द्वारा ब्लॉक स्तर पर समन्वय एवं पर्यवेक्षण कार्यों में आंगनवाड़ी से अपेक्षाओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इसी तरह प्रभारी परियोजना अधिकारी सुश्री स्नेहा यादव द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं स्वीकृति संबंधी जानकारी दी जा रही है। पर्यवेक्षक बैतूल ग्रामीण श्रीमती श्वेता वालम्बे तथा पर्यवेक्षक आमला द्वारा सुश्री भावना चौधरी लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राही आवेदन की प्रक्रिया, स्वीकृति एवं आवश्यक अभिलेखों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।इसी प्रकार पर्यवेक्षक बैतूल ग्रामीण श्रीमती नम्रता सूर्यवंशी द्वारा समन्वय एवं आंगनवाड़ी कार्यों को किस प्रकार अधिक अनुकूल बनाया जाए, इस विषय पर जानकारी दी जा रही है। ब्लॉक समन्वयक चिचोली श्री विवेक भारद्वाज द्वारा पोषण ट्रैकर के सभी घटकों पर चर्चा करते हुए पीपीटी के माध्यम से ऑनलाइन प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ब्लॉक समन्वयक कालूराम पवार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इण्डक्शन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
4️⃣➡️शासकीय कन्या महाविद्यालय में निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस कैम्प का आयोजन

बैतूल / जिला परिवहन कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 22 जुलाई को शासकीय कन्या महाविद्यालय में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिकाओं के लिए निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस कैम्प का आयोजन गया। प्रशासक वन सेंटर महिला एवं बाल विकास श्रीमती अनामिका तिवारी द्वारा बालिकाओं को कैम्प के उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस कैंप केवल लाइसेंस बनवाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार चालक बनने के लिए प्रेरित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। ड्राइविंग लाइसेंस इस बात का प्रमाण है कि चालक यातायात नियमों से परिचित है और सुरक्षित रूप से वाहन चलाने के योग्य है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति विशेषकर महिलाओं और युवाओं को बिना लाइसेंस वाहन चलाने के बजाय उचित प्रशिक्षण लेकर वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना चाहिए।
कैंप के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व तथा जिम्मेदार ड्राइविंग के बारे में भी जागरूक किया जाता है। सुरक्षित ड्राइविंग केवल हमारी अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, अपितु सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास श्री विवेक उइके द्वारा बालिकाओं को विभिन्न विभागीय योजनाओं, हेल्पलाइन नंबर, साइबर सुरक्षा आदि विषय पर जानकारी दी गई। सीए वन स्टॉप सेंटर श्रीमती शिखा भौरासे द्वारा वन स्टॉप सेंटर के बारे में बताया गया। कैंप में जिला परिवहन कार्यालय से श्री अक्षय राने, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आशीष गुप्ता, 50 से अधिक बालिकाएं, महाविद्यालय के शिक्षक गण उपस्थित रहे।
5️⃣➡️शासकीय आईटीआई भीमपुर में प्रवेश के लिए 25 जुलाई तक होंगे रजिस्ट्रेशन
बैतूल / मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड कौशल विकास संचालनालय के अंतर्गत संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भीमपुर में वर्ष 2026 के प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन एवं चॉइस फिलिंग प्रक्रिया 25 जुलाई तक जारी रहेंगी।संस्था प्राचार्य ने बताया कि 10वीं पास अभ्यर्थी विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। विद्यार्थी संस्थान में उपस्थित होकर सीधे पंजीयन करा सकते हैं, वहीं नजदीकी कियोस्क सेंटर के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। प्रवेश संबंधी जानकारी विभागीय पोर्टल www.dsd.mp.gov.in पर भी प्राप्त की जा सकती है।वर्तमान में संस्था में कोपा में 26 सीट, सोलर टेक्नीशियन में 16 सीट, फिटर 12 में सीट, विद्युतकार में 08 सीट और कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में 10 सीट, रिक्त है, इन ट्रेडों में 1 वर्ष एवं 2 वर्ष अवधि के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। प्राचार्य ने इच्छुक विद्यार्थियों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है, ताकि उन्हें अपनी पसंद के ट्रेड में प्रवेश मिल सके। अधिक जानकारी के लिए शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भीमपुर में हेल्पडेस्क प्रभारी श्री देवेन्द्र बैगामोबाईल नम्बर 7805981819 पर संपर्क किया जा सकता है।
6️⃣➡️वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
बैतूल/ वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग में एडवाइजरी जारी की है। जारी एडवाइजरी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि वर्षा ऋतु में मुख्य रूप दूषित जल के सेवन से डायरिया, पेचिश एवं हैजा, टाइफाइड पीलिया जैसी बीमारियां फैलती हैं। पेयजल के रूप में शुद्ध उबला हुआ जल का उपयोग करें। कुछ भी खाने के पहले व शौच के पश्चात साबुन से अवश्य हाथ धोयें। शुद्ध पेयजल की कमी के कारण, दूषित जल पीने से सबसे अधिक बीमारियां होती हैं, बारिश में यह समस्या बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि दूषित पानी के कारण प्रायः दस्त रोग फैलता है। मुख्य रूप से बच्चों में यह अधिक गंभीर रूप धारण कर सकता है। यह रोग इसलिये भी गंभीर है क्योंकि शरीर में से पानी निकल जाने से बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है। दस्त रोग की रोकथाम के लिए प्रायः शुद्ध पेयजल एवं शुद्ध भोजन का उपयोग करें। सड़े-गले फल एवं खाद्य पदार्थों का उपयोग न करें। खाना खाने से पहले एवं शौच के बाद साबुन से अवश्य हाथ धोयें। खुले में शौच न करें एवं शौचालय का उपयोग करें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें, दस्त लग जाने पर ओ.आर.एस. एवं जिंक सल्फेट गोली का उपयोग चिकित्सक की सलाह अनुसार करें। खाने-पीने की वस्तुओं को ढक कर रखें, मक्खियों से बचाव करें। हरी सब्जी एवं फलों को उपयोग करने के पहले साफ पानी से धोकर ही उपयोग करें।
—मलेरिया डेंगू रोग से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां—
बारिश में मलेरिया/डेंगू रोग भी फैलता है जिसमें मरीज को ठंड लगकर बुखार आता है। प्रायः खेत, तालाब, गड्ढे, खाई, घर के आसपास रखे हुए टूटे-फूटे डब्बे, पुराने टायर, पशु के पानी पीने का हौद इत्यादि में बरसात के दिनो में जल जमा हो जाता है। इस प्रकार के भरे हुए पानी में मच्छर के लार्वा पैदा होते हैं जो बाद में मच्छर बनकर रोग फैलाते हैं। मलेरिया से बचाव हेतु घर के आसपास जल जमा न होने दें, रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ ऑयल डालें। कूलर, फूलदान, फ्रिज ट्रे आदि को सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। कीटनाशक का छिड़काव करवायें, मलेरिया रोग हो जाने पर खून की जांच अवश्य कराएं एवं चिकित्सक की सलाह से पूर्ण उपचार लें।
सीएमएचओ ने बताया कि वर्षा ऋतु में सर्पदंश प्रकरणों की अधिक संख्या में होते हैं बरसात में अंधेरे में नंगे पाव न घूमे, जूतों को झाड़ कर पहने, सांप दिखने पर पास न जाये, दूर से भगाएं, सर्पदंश से घबराएं नहीं, व्यक्ति को सुरक्षित स्थिति में लिटाकर स्थिर करें। सांप के कटे घाव पर चीरा लगाने, जोर से रगड़ने, मालिश करने, सफाई करने, जड़ी बूटी/रसायनों का उपयोग न करें, ताकि संक्रमण तथा विष अवशोषण को नियंत्रित किया जा सके। सर्पदंश के रोगी को जल्दी से जल्दी उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल पहुंचायें।
वर्षाकाल में आंखों में संक्रमण होने के कारण आंखों में खुजली एवं आंखें लाल हो जाती हैं। इस रोग के वायरस से संक्रमित मरीज के उपयोग की गई किसी भी वस्तु जैसे, रुमाल, तौलिया, बिस्तर का उपयोग करने से दूसरों तक संक्रमण पहुंचता है। आंखे आने पर बार-बार अपने हाथ एवं चेहरे को ठंडे पानी से धोयें, परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग तौलिये एवं रुमाल का उपयोग करें, अगर बच्चा स्कूल जा रहा है तो उसे स्कूल न जाने देवें घर पर रखें, स्वच्छ पानी का उपयोग करें, बार-बार आंखों को हाथ न लगायें, काले चश्मे का उपयोग करें, चिकित्सक को दिखायें।
7️⃣➡️ एनआरसी जिला चिकित्सालय की देखरेख में कु.प्रियल ने कुपोषण से जीती जंग

बैतूल / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि कु. प्रियल पिता श्री सहादेव, माता श्रीमती शशिवाला उम्र 5 वर्ष निवासी धनौरा विकासखंड सेहरा ठीक तरह से खाना नहीं खाती थी तथा हमेशा थकी-थकी और सुस्त रहती थी। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान प्रियल को कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित किया गया।
आशा कार्यकर्ता श्रीमती गंगा सराटकर द्वारा 11 मई 2026 को प्रियल को एनआरसी, जिला चिकित्सालय बैतूल में भर्ती कराया गया। भर्ती के समय उसका वजन 10.530 किलोग्राम था।
जिला चिकित्सालय एनआरसी प्रभारी चिकित्सक डॉ. सुरेन्द्र कुशवाहा की निगरानी में प्रियल को वजन के अनुसार पोषण आहार, थेरेपेटिक डाइट तथा आवश्यकतानुसार औषधीय उपचार उपलब्ध कराया गया। वहीं, पोषक प्रशिक्षक श्रीमती ऊषा पोटफोडे द्वारा उसकी माता को घर पर देखभाल, पूरक आहार तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक परामर्श दिए गए।
एनआरसी में निरंतर देखभाल और उपचार का सकारात्मक परिणाम सामने आया। मात्र 11 दिनों में प्रियल के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। 21 मई 2026 को डिस्चार्ज के समय उसका वजन बढ़कर 11.525 किलोग्राम दर्ज किया गया।
वर्तमान में प्रियल पूर्णतः स्वस्थ है। समय पर एनआरसी में भर्ती, चिकित्सकीय उपचार तथा माता की सक्रिय भागीदारी से उसे कुपोषण से बाहर निकालना संभव हो सका। प्रियल के परिजनों ने सफल उपचार और बेहतर देखभाल के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।