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आपातकालीन बैठक में एकजुट हुए चिचोली के झोलाछाप, बीएमओ ने थमाएं नोटिस, तीन क्लीनिक पर ताला लगाकर भागे फर्जी डाक्टर

➡️बैतूलवासी कृपया ध्यान दें…जिले में मात्र 151 ही है वैध क्लिनिक
➡️मेडिकल संचालकों ने नोटिस लेने से किया इनकार
गौरी बालापुरे पदम परिधि न्यूज बैतूल

जिले के चिचोली क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के एक्शन का डंडा घूमने लगा है। परिधि न्यूज द्वारा प्रसारित समाचार के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में है, बीएमओ डॉ अभिनव शुक्ला ने चिचोली क्षेत्र के करीब एक दर्जन झोलाछाप डॉक्टर्स के नाम से नोटिस जारी कर दिए है। नोटिस जारी करने से पहले बीएमओ द्वारा सीएमएचओ डॉ संजीव शर्मा से भी अनुमति ली गई है। परिधि न्यूज में समाचार प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के एक्शन एवं सख्ती से चिचोली क्षेत्र के झोलाछापों में हडक़म्प मच गया है। जानकार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी प्रैक्टिस पर खतरा मंडराते देख क्षेत्र के डॉक्टरों ने आपातकालीन बैठक बुलाकर हल ढूंढने का भी प्रयास किया। गौरतलब है कि अकेले चिचोली शहर में ही दो दर्जन से अधिक फर्जी डॉक्टर क्लीनिक संचालित कर आदिवासी एवं गरीब लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे है। यह पहली मर्तबा है जब झोलाछाप डॉक्टरर्स को एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए है।
कार्रवाई के डर से क्लीनिक पर जड़ दिए ताले
चिचोली में फर्जी डॉक्टरों में कार्रवाई का खौफ साफ नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को जब विभागीय कर्मचारी नोटिस लेकर फर्जी डॉक्टरों के क्लीनिक पहुंचे तीन फर्जी डॉक्टर ने नोटिस लिए, वहीं तीन सूचना मिलने की वजह से अपने क्लीनिक पर ताला लगाकर भाग गए। तीन मेडिकल दुकानों पर भी विभाग के कर्मचारी पहुंचे, जिन्होंने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार सभी वे सभी डॉक्टर जो क्लीनिक खोलकर बेखौफ लोगों का उपचार कर रहे है उनकी डिग्री, सीएमचओ कार्यालय की एनओसी एवं अन्य दस्तावेज परिधि न्यूज का हवाला देकर जारी नोटिस के माध्यम से मांगे गए है। दो-तीन दिनों में यदि चाही गई जानकारी प्राप्त नहीं होती है तो संयुक्त टीम द्वारा दबिश देकर, पंचनामा बनाकर क्लीनिक सील करने की कार्रवाई की जाएगी। बीएमओ डॉ अभिनव शुक्ला ने भी परिधि न्यूज से चर्चा में बताया कि मेडिकल संचालकों में एक ने नोटिस नहीं लिया वहीं एक अन्य संचालक ने लिखित में दिया है कि उनके द्वारा सिर्फ मेडिकल संचालित किया जाता है, पै्रक्टिस नही की जाती। बहरहाल विभाग को इस संवेदनशील मामले में गोपनीय जांच करने की भी आवश्यकता है।
कौन फैला रहा फर्जी डॉक्टरों की बैठक में बीएमओ की मौजूदगी की अफवाह?


फर्जी डॉक्टर्स के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग के एक्शन मोड में आने से डॉक्टर्स में हडक़म्प मच गया है। तहसील मुख्यालय चिचोली से लेकर ग्रामीण अंचलों में भी झोलाछाप डरे हुए है। सूत्रों के मुताबिक विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए मंगलवार को क्षेत्र के डॉक्टरों की एक आपातकालीन बैठक भी हुई। इस बैठक में क्षेत्र के कुछ राजनीतिक रसूख वाले लोगों के शामिल होने की भी सूचना है। गौतरलब है कि इस बैठक में बीएमओ डॉ अभिनव शुक्ला के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई, जब परिधि न्यूज ने इस संबंध में डॉ अभिनव से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से सूचनाएं आ रही थी कि हम मीटिंग करेंगे आप लोग मिल लो, आ जाओ, लेकिन वे किसी भी मीटिंग में शामिल नहीं हुए है। अब सवाल यह है कि जब बीएमओ मीटिंग में गए ही नहीं तो यह अफवाहें कौन फैला रहा है कि क्षेत्र में अब सब ठीक है। झोलाछाप डॉक्टर कार्रवाई से बचने के लिए अब विभागीय अधिकारियों के साथ होने का भ्रम फैलाने से भी बाज नहीं आ रहे है।


चिरापाटला में क्लीनिक का बोर्ड हटाकर भागा डॉक्टर
चिचोली बीएमओ द्वारा मंगलवार को चिरापाटला में फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई करने पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही डॉक्टर क्लीनिक का बोर्ड आदि हटाकर ताला लगाकर भाग गया। बीएमओ ने आसपास के लोगों से भी झोलाछाप डॉक्टर के विषय में जानकारी ली, लेकिन नागरिकों का सपोर्ट नहीं मिला।
भीमपुर में झोलाछाप जामिनी के विरुद्ध एफआईआर के बार कार्रवाई ठंडे बस्ते में


कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर तत्कालीन सीएमएचओ डा मनोज हुरमाड़े द्वारा भीमपुर विकासखंड के चिखली ग्राम में संचालित आठ बिस्तर वाले अवैध अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की गई थी। यह कार्रवाई चल ही रही थी कि इस बीच जिले के सीएमएचओ का प्रभार डॉ संजीव शर्मा को मिल गया। संयुक्त टीम द्वारा इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल संचालक एवं एक फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध समान धाराओं के प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान फर्जी डॉक्टर जामिनी विश्वास के अस्पताल को सील किया गया और उनके बेटे जयंत विश्वास के मेडिकल पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि गुर्जर मेडिकल की तरह ही लक्ष्मी मेडिकल पर भी कार्रवाई की जानी थी। इस मामले में भीमपुर चौकी प्रभारी का कहना है कि मेडिकल संचालक जयंत विश्वास के पास बीफार्मा की डिग्री थी, इसलिए सील नहीं किया बाकी कार्रवाई बीएमओ द्वारा ही की गई। गौरतलब है कि जिस गुर्जर मेडिकल को सील किया गया उस वक्त वहां कर्मचारी अनूप कास्दे मौजूद था, यह मेडिकल सतीश चौधरी के लायसेंस पर संचालित था। ड्रग इंस्पेक्टर संगीता सरनकर से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने गुर्जर मेडिकल का लाईसेंस चेक किया था जो वैध था। जो कार्रवाई की गई उसमें वह टीम में शामिल नहीं थी, इसलिए लक्ष्मी मेडिकल के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है, हालांकि उन्होंने कहा कि शायद दोनों के लायसेंस वैध है। यहां सवाल है कि टीम ने जब मेडिकल पर छापा मारा तो इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर को शामिल क्यों नहीं किया गया। गुर्जर और लक्ष्मी मेडिकल का लायसेंस वैध होने के अलावा वहां अवैध स्वास्थ्य संबंधी उपचार होता पाये जाने के बावजूद सिर्फ गुर्जर मेडिकल को सील किया जाना और लक्ष्मी मेडिकल पर कृपादृष्टि बनाना, कार्रवाई में सांठ-गांठ की ओर ईशारा है। बहरहाल दोनों आरोपियों के भी विरुद्ध एफआईआर के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में है और लक्ष्मी मेडिकल को सील न करने की वजह से पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की साठ-गांठ की चर्चाएं चौक् चौराहों पर हो रही है। बहरहाल जामिनी विश्वास एवं अनूप कास्दे पर हुई एफआईआर के बाद पुलिस का कहना है कि चालान पेश करने में अभी 10-12 दिन लग सकते है। बीएमओ की देखरेख में सरकारी अस्पताल मेंं जब्त दवाएं एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। हालाकि जब्त सामान पुलिस की निगरानी में ही रखा जाना चाहिए। पुलिस को डॉक्टर की डिग्री का वेरीफिकेशन, कोर्ट में पेश करना एवं डॉक्यूमेंट को वेरीफाई करवाना है। जो डिग्री है उसे सीएमएचओ या संबंधित यूनिवर्सिटी में भेजना पड़ेगा। एजुकेशन वाली डिग्री पुलिस ने अपनी तरफ से ली है, हालांकि चौकी प्रभारी का कहना है कि इसकी जरुरत नहीं है। पुलिस का कहना कि डिग्री रजिस्ट्रेशन नंबर से ही क्लीयर हो पाती है। एक ही मेडिकल सील करने के सवाल पर चौकी प्रभारी का कहना था कि एक मेडिकल संचालक के पास बीफार्मा की डिग्री थी इसलिए बीएमओ ने सील नहीं किया। इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट अब तक बीएमओ डॉ पंकज उईके ने सीएमएचओ कार्यालय तक नहीं पहुंचाई है। यदि इसी गति से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई चलती रही तो झोलाछाप डॉक्टर जामिनी विश्वास का अस्पताल 8 से 16 बिस्तर का होने में देर नहीं लगेगी। इस संबंध में बीएमओ डॉ पंकज उईके एवं चिचोली टीआई हरिओम पटेल से जानकारी के लिए कॉल किया गया उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

इनका कहना…
चिचोली में क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किए है। परिधि के समाचार के आधार पर जारी नोटिस में डिग्री एवं सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त एनओसी आदि के दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया है। दो तीन दिन में यदि दस्तावेज जमा नहीं किए जाएंगे तो दल बनाकर, दबिश देकर, पंचनामा बनाकर क्लीनिक सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ अभिनव शुक्ला, बीएमओ चिचोली
जामिनी विश्वास एवं अन्य का चालान प्रस्तुत करने में वक्त लगेगा। मेडिकल एवं अस्पताल से जब्त सामग्री बीएमओ की निगरानी में अस्पताल में रखी गई है। डिग्री, शिक्षा, रजिस्टे्रेशन का वेरीफिकेशन किया जाएगा।
पवन कुमरे, चौकी प्रभारी भीमपुर

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