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सांदीपनि विद्यालय भीमपुर के गुरुवा पिपरिया में फेल…!

➡️बच्चों के लिए शिक्षकों की भरपाई ही नहीं कर पा रही सरकार

➡️दांव पर भविष्य: 600 विद्यार्थी 4 शिक्षकों के भरोसे, दो अटैच, जरुरत 60 की
गौरी बालापुरे पदम/परिधि न्यूज बैतूल

निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूल संचालित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को और होमवर्क करने की जरूरत है। क्या कमियां है यदि सरकार को जानना है तो एक प्रतिनिधि दल को गुरुवा पिपरिया के सांदीपनि स्कूल में एक सप्ताह के लिए भेजना चाहिए ,जहाँ 60 शिक्षकों का काम 4 शिक्षक कर रहे है।अब इस स्कूल की तुलना किसी निजी स्कूल से करे भी तो कैसे जहां 30 से 35 बच्चों की क्लास को 6 कालखंड में अलग अलग 6 शिक्षक पढ़ाते है वह भी विषय की योग्यता वाले।बात यदि सांदीपनि स्कूल की करे तो यहां हालत कुछ ऐसी है कि जिस शिक्षक को 11वी 12वी के विद्यार्थियों को शिक्षा देनी है उन्हें मजबूरी में पहली, दूसरी के बच्चों को भी अनार आम और ककहरा सिखाना पड़ रहा है।कुल जमा भीमपुर के इस स्कूल में शिक्षा व्यवस्था चौपट ही है।

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने और छात्रों को निजी स्कूलों जैसी आधुनिक और उच्च स्तरीय सुविधाएं मुफ्त प्रदान करने के उद्देश्य से आधुनिक और महत्वाकांक्षी शिक्षा मॉडल की शुरुआत तो कर दी, लेकिन योजना के अनुरुप विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी बानगी बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड के अंतर्गत गुरुवा पिपरिया में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय में देखी जा सकती है। यहां 600 विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था महज 4 शिक्षकों के भरोसे है, जो मध्य प्रदेश सरकार की उच्च-गुणवत्ता, सुलभ और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षा पर पानी फेरने के लिए पर्याप्त है। गुरुवा पिपरिया में 600 विद्यार्थियों को सर्व सुविधा युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नया शाला भवन भी बनकर तैयार है, जल्द ही नए शाला भवन में बच्चे पहुंचेंगे लेकिन शिक्षकों के बिना विद्यार्थी कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे? गौरतलब है कि गुरुवा पिपरिया का यह स्कूल सीएम राईज स्कूल के रुप में चयनित किया जाकर इसमें सुविधाएं बढ़ाई गई थी, लेकिन बाद में सरकार की मंशानुरुप नाम बदलकर सांदीपनी विद्यालय किया गया।
शिक्षकों की कमी फिर भी कर दिया खेल
गुरुवा पिपरिया सीएम राईज स्कूल (सांदीपनि विद्यालय)में वर्तमान में चार शिक्षक 2 महिला, 2 पुरुष अध्यापन करा रहे है, जबकि यहां कक्षा 1 से 12 तक 60 शिक्षकों की आवश्यकता है। शिक्षकों की कमी के बावजूद सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना से जुड़े इस स्कूल के दो शिक्षकों को अलग- जिम्मेदारियां दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवा पिपरिया सीएम राईज स्कूल के लिए परीक्षा देकर चयनित हुए एक शिक्षक नजरसिंहको अंगे्रजी आश्रम भीमपुर कुछ महीने पहले अधीक्षक बना दिया गया वहीं एक अन्य शिक्षक नवल किशोर बारस्कर को बीआरसी कार्यालय में अटैच कर दिया है। जबकि सांदीपनि स्कूल में पहले से ही शिक्षकों का अकाल है।
भीमपुर में नहीं चलता अटैचमेंट पर पाबंदी का नियम
भीमपुर विकासखंड में शिक्षा विभाग में कई शिक्षकों को अभी भी मूल पदस्थापना से दूर अटैच करके रखा गया है। सांदीपनि स्कूल की ही बात करे तो यहां पदस्थ शिक्षक नजर सिंह को करीब 45 किमी दूर अंगे्रजी आश्रम भीमपुर का अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि भीमपुर अंगे्रजी आश्रम और संकुल में कई पात्र शिक्षक पहले से है बावजूद इसके 45 किमी दूर से एक शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे सांदीपनि स्कूल के शिक्षक को अधीक्षक बनाने पर पहले भी सवाल उठे है, गौरतलब है कि यह शिक्षक सीएम राइज स्कूल के लिए पात्रता परीक्षा देकर चयनित हुए है। इसके अलावा हाल ही में गत 25 जून को ही गुरुवा पिपरिया स्कूल में आमद देने वाले शिक्षक नवल किशोर बारस्कर को भी बीआरसी कार्यालय भीमपुर में अटैच कर लिया है। यदि यह दो शिक्षक स्कूल में होते तो कम से कम बाकी शिक्षकों को कुछ राहत तो मिल ही जाती।
उत्कृष्ट शिक्षा के नाम पर ठगे जा रहे 600 विद्यार्थी
आदिवासी अंचल गुरुवा पिपरिया के सांदीपनि विद्यालय में 600 विद्यार्थी दर्ज है। जिनमें 90 प्रतिशत विद्यार्थी जनजाति वर्ग के है। पिछड़े अंचल के अभिभावकों के मेधावी बच्चों का जब सांदीपनि स्कूल में चयन हुआ तो उनमें उम्मीद जागी थी कि आदिवासी और गरीब बच्चों को भी निजी स्कूलों की तरह ही अंगे्रजी माध्यम से अच्छे माहौल में सुविधाजनक शिक्षा मिलेगी, लेकिन स्कूल में व्याप्त शिक्षकों की कमी से अभिभावकों का दीवास्वप्न जल्द ही टूट गया। उत्कृष्ट सुविधा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नाम पर अंचल के 6 सैकड़ा बच्चे ठगे जा रहे है।

इनका कहना…

मैं अभी शिक्षा समिति की बैठक में हूं, आपसे शाम में बात करता हूं।
विशाल भोपले, बीईओ, भीमपुर
स्कूल में शिक्षकों की कमी है, यहां 600 विद्यार्थी दर्ज है, वर्तमान में 4 शिक्षक है।
कपिल जाट, प्राचार्य सांदीपनि विद्यालय गुरुवा पिपरिया

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