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पावरलेस एलडीसी कैलाश यादव जनजातीय कार्य विभाग में कर रहे पावर फुल स्टंट

➡️जनजातीय कार्य विभाग की स्थापना शाखा से मुक्त हुए पर सिर्फ कागजों पर..!
➡️आलमारी में बंद स्थापना के दस्तावेज, 18 दिन बाद भी नहीं सौंपी चाबी
➡️ प्रमुख सचिव गुलशन बाबरा कल आ सकते है बैतूल

परिधि पड़ताल बैतूल-3

25 जुलाई 2026 को जनजातीय कार्य विभाग में करीब 22 वर्षों से पदस्थ एलडीसी कैलाश यादव को कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर सहायक आयुक्त वत्सला शिवहरे द्वारा स्थापना शाखा से मुक्त तो कर दिया गया लेकिन आदेश होने के 18 दिन बाद भी कैलाश यादव पावरफुल ही है। भले ही कागजों पर एलडीसी कैलाश यादव पावरलेस हो गए है लेकिन आज भी उनके इशारों पर ही सहायक आयुक्त कार्यालय की धूरी घूम रही है। श्री यादव के पास शिक्षा स्थापना, जीपीएफ शाखा, छात्रावास स्थापना, संतान पालन अवकाश, शिकायत शाखा, पदोन्नति/क्रमोन्नति, कोर्ट केस, निलंबन/बहाली, स्थानांतरण/भृत्य शिक्षक शाखाओं की जिम्मेदारी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध वसूली एवं पद का दुरुपयोग करने के मामलों में संलिप्तता के चलते कलेक्टर ने एलडीसी यादव को स्थापना शाखा से हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कलेक्टर के आदेश पर सिर्फ कागजों पर ही कैलाश को पावरलेस दिखाया गया, स्थापना शाखा के हटाए जाने के 18 दिन बाद भी वह उसी शाखा में पावरफुल स्टंट करने से बाज नहीं आ रहे। सहायक आयुक्त ने उन्हें वर्तमान में जीपीएफ, कोर्ट केस एवं अवकाश की जिम्मेदारी दी है।
25 जुलाई 2026 को हटाए गए कैलाश, किसी को कानो-कान खबर नहीं
एलडीसी कैलाश यादव को 25 जुलाई को ही स्थापना शाखा से हटाया जा चुका है, लेकिन विभाग में इसकी खबर किसी को कानों-कान नहीं होने दी गई। इसके पीछे वजह भी है कि आज भी स्थापना शाखा के तमाम दस्तावेज कैलाश यादव की गोदरेज में है और इस की चाबी भी उन्हीं के पास है। जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त द्वारा कैलाश यादव का प्रभार छीनकर यह प्रभार यूडीसी सतीश चौधरी को दिया गया है लेकिन 18दिन बीत गए लेकिन श्री चौधरी को गोदरेज की चाबी कैलाश यादव सौंप नहीं पाए। यहां तक कि कार्यालय में आने वाले अधीक्षकों,शिक्षकों की शिकायतें एवं अन्य कार्यों को एलडीसी इस तरह डील कर रहे है कोई आदेश उनका कुछ बिगाड़ ही नहीं सकता। बहरहाल सवाल यह है कि जिन अधिकारियों ने एलडीसी यादव के आदेश पर हस्ताक्षर किए उनके संज्ञान में भी भलीभांति एलडीसी यादव की गतिविधियां है, लेकिन उन्होंने भी यूडीसी को अब तक पूरा चार्ज सौंपे न जाने पर कोई सवाल नहीं किया और न ही निर्देशित किया।
22 वर्षों में एक ही शाखा की कुर्सी पर टिके थे यादव
जानकारी के अनुसार कैलाश यादव को नांदा में अनुकम्पा नियुक्ति हुई थी, यहां से वे सहायक आयुक्त कार्यालय बैतूल पदस्थ हुए। यहां शिकायत होने पर उन्हें प्रभूढाना स्कूल में एलडीसी बनाया गया, सूत्र बताते है कि यहां उनका मन नौकरी में नहीं लगा और सहायक आयुक्त कार्यालय के तत्कालीन स्थापना शाखा प्रभारी राजू सोनारे की कृपादृष्टि से कैलाश ने सहायक आयुक्त कार्यालय में वापसी की और वे यहीं के होकर रह गए। राजू सोनारे की सेवानिवृत्ति के बाद एलडीसी कैलाश यादव को स्थापना शाखा की जिम्मेदारी सौंप दी गई। जबकि कार्यालय में दो यूडीसी कर्मचारी थे, फिर भी नियमविरुद्ध कैलाश यादव इस सीट पर बने रहे।
सीटीडी से हुए स्थानांतरण के संशोधन का मास्टर माईंड
16 जून 2026 को जो स्थानांतरण सीटीडी द्वारा किए गए उसमें काउंसलिंग एवं संशोधन के नाम पर जो स्थानांतरण जनजाति कार्य विभाग द्वारा जारी किए गए उनका मास्टर माइंड भी कैलाश यादव को ही बताया जा रहा है। परिधि न्यूज द्वारा प्राथमिक शिक्षक जितेन्द्र काजले के स्थानांतरण संबंधी समाचार में जनजाति कार्यविभाग के खेल को सामने लाया था, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गौरतलब है कि जितेन्द्र काजले के स्थानांतरण का तीसरा आदेश परिधि न्यूज को कैलाश यादव ने ही उपलब्ध कराया था, ऐसे कई आदेश आज भी कैलाश की आलमारी में ही बंद है। सूत्रों की माने तो अपने कारनामें छुपाने के लिए एलडीसी यादव द्वारा दूसरों की छवि को धूमि करते हुए चापलूसी और झूठी जानकारियां देकर वरिष्ट अधिकारियों को भरोसे में लिया जा रहा है।

प्रमुख सचिव गुलशन बाबरा कल आ सकते है बैतूल

परिधि न्यूज द्वारा जनजाति कार्य विभाग में चल रहे कारनामों एवं ट्रांसफर के खेल से प्रमुख सचिव गुलशन बाबरा एवं कमिश्रर तरुण राठी को भी अवगत कराया गया था। इसी बीच 14 अगस्त को प्रमुख सचिव के बैतूल प्रवास पर होने की जानकारी सामने आते ही ट्राइबल विभाग में हडक़म्प मच गया है। जानकारी के अनुसार अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य पूर्व विधायक मंगल सिंह धुुर्वे भी जनजातीय कार्य विभाग को लेकर प्रमुख सचिव से शिकायत कर चुके है। श्री बाबरा के बैतूल आने को लेकर सहायक आयुक्त द्वारा भी विभागीय अधिकारियों को अपडेट और अलर्ट रहने के लिए कहा है। अब देखना यह है कि प्रमुख सचिव का प्रस्तावित दौरा विभाग की दशा-दिशा में क्या बदलाव लाएगा।

इनका कहना...
सहायक आयुक्त को लेकर प्रमुख सचिव को शिकायत की गई थी, बैतूल प्रवास के दौरान विभाग में अवैध वसूली एवं अन्य शिकायतों को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
मंगल सिंह धुर्वे, सदस्य अनुसूचित जनजाति आयोग मप्र 

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