MBBS डॉक्टर कलेक्टर सर आपको ही करनी होगी ट्राइबल विभाग की सर्जरी..!
➡️दो बार तबादला हुआ फिर भी अतिशेष हो गए जितेन्द्र काजले
➡️सीटीडी की स्थानांतरण सूची में बैतूल आने के बाद मनमाफिक पोस्टिंग के प्रत्येक आदेश की होनी चाहिए जांच
परिधि पड़ताल बैतूल- 2

जनजातीय कार्य विभाग की कारगुजारिया किसी से छुपी नहीं है। सीटीडी भोपाल 16 जून को किए गए स्थानांतरण आदेश में आयुक्त जनजातीय कार्य, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/शिक्षा स्था./1064163/2026 दिनांक 3/6/2026 की कंडिका 10 में दिए गए निर्देश का हवाला देकर बैतूल जिले में जो खेल खेला गया उसकी की जाए तो प्राथमिक शिक्षक जितेन्द्र काजले की तरह ही आधा सैकड़ा से अधिक शिक्षकों के दो से तीन बार संशोधन की पोल खुल जाएगी। जिले के एमबीबीएस डॉक्टर कलेक्टर यदि जनजातीय कार्य विभाग में सीटीडी से हुए आदेश के बाद किए गए तिकड़म की सर्जरी करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे खेल के पीछे स्थापना शाखा के पूर्व प्रभारी कैलाश यादव का नाम सामने आ रहा है। स्थानांतरण आदेश में काउंसलिंग और पोस्टिग में जमकर धांधली भी इस बात का प्रमाण दे रही है कि तगड़े लेन-देन के चक्कर में जहां जरुरत नहीं है वहां भी पदस्थापना दे दी गई है। इसके लिए सीटीडी ने जिस शिक्षक को बुरहानपुर से बैतूल भेजा उसे झाबुआ तक से दर्शा दिया गया। इस पूरे मामले में जितेन्द्र काजले कब से कब तक झाबुआ में पदस्थ रहे इस बिंदु की भी जांच होनी चाहिए।
दो बार संशोधन फिर भी रिक्त पद पर ही भेजे गए काजले
परिधि न्यूज की पड़ताल-1 में प्राथमिक शिक्षक जितेन्द्र काजले के तीन आदेशों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई है जिसमें उन्हें 16 जून 2026- स्वैच्छिक आवेदन के आधार पर सीटीडी भोपाल द्वारा बुरहानपुर गोंदरी से शासकीय प्राथमिक शाला कोटमी स्थानांतरण किए जाने, 13 जुलाई को जिला कार्यालय कलेक्टर (जनजातीय कार्य)बैतूल झाबुआ से प्राशा हीरापुर वन ग्राम घोड़ाडोंगरी तथा 23 जुलाई 2026 जिला कार्यालय कलेक्टर (जनजातीय कार्य)बैतूल द्वारा प्राथमिक शाला कोटमी विस शाहपुर से प्राथमिक शाला कामठी स्थानांतरित किए जाने का उल्लेख है। गौरतलब है कि तीन स्थानांतरण के बाद भी अंतत: जितेन्द्र काजले को वर्तमान में जिस प्राथमिक शाला कामठी में पदस्थ किया गया है वहां भी वे अतिशेष की ही स्थिति में है।
कामठी में 12 बच्चों पर तीन शिक्षक
हैरत की बात यह है कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संशोधन कर जो स्थानांतरण किया गया उसमें 23 जुलाई के आदेश में जितेन्द्र काजले को कामठी प्राथमिक शाला भेजा गया है जहां की दर्ज संख्या मात्र 12 है। यहां वर्तमान में जितेन्द्र काजले को मिलाकर तीन शिक्षक है। शासन की गाइडलाईन कहती है कि 30 बच्चों पर औसत दो शिक्षक होने चाहिए, प्राईमरी स्कूल में 10 बच्चो पर दो शिक्षक और मिडिल स्कूल में विज्ञान, गणित और अंगे्रजी विषय के तीन शिक्षक दर्ज संख्या यदि 10 है फिर भी रहने चाहिए। बहरहाल कामठी में जनजातीय कार्य विभाग का गणित फेल होने से पूरे संशोधन आदेश जांच की परिधि में आ गए है। सवाल यह है कि जितेन्द्र के आदेश के आधार पर क्या कलेक्टर जनजातीय कार्य विभाग के सभी 16 जून के सीटीडी के आदेश के बाद किए गए सभी आदेशों की जांच करेंगे या नए अधिकारी को अभयदान मिल जाएगा। गौरतलब है कि जितेन्द्र काजले के दोनों संशोधन आदेशों पर सहायक आयुक्त वत्सला शिवहरे के हस्ताक्षर है। सूत्र बताते है कि कलेक्टर द्वारा इस मामले में सहायक आयुक्त को ही जांच के निर्देश दिए है! जानकारी के सहायक आयुक्त को उनके मोबाईल नंबर 9479465801 पर कॉल किया गया उन्होंने कॉल कट कर दिया।
फैक्ट फाईल
शासकीय प्राथमिक शाला हीरापुर
दर्ज संख्या-46
शिक्षक-03शासकीय प्राथमिक शाला कामठी
दर्ज संख्या- 12
शिक्षक-03शासकीय प्राथमिक शाला कोटमी
दर्ज संख्या- 62
शिक्षक-03