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नारदमोह की लीला से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ

विश्व मोहिनी के स्वयंवर ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

✓नारदमोह की लीला से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ
✓विश्व मोहिनी के स्वयंवर ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
✓श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजन का 67वां वर्ष
परिधि न्यूज बैतूल
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श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति बैतूल द्वारा आयोजित पारंपरिक रामलीला महोत्सव का 67वां आयोजन शुक्रवार 2 अक्टूबर से रामलीला मैदान गंज में शुरू हुआ। यह भव्य आयोजन बैतूल की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, जहां हर साल हजारों की संख्या में लोग सम्मिलित होते हैं। ध्वज पूजन और भगवान श्री गणेश की आराधना के साथ रामलीला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ।
रामलीला के पहले दिन नारद मोह, विश्व मोहिनी स्वयंवर, और रावण जन्म जैसी अद्भुत लीलाओं का मंचन किया गया। आदर्श श्री इंद्रलोक रामलीला मंडल, खजूरी, जिला सीधी के पारंगत कलाकारों ने नारद मोह की लीला का शानदार मंचन किया। नारद जी की कथा में देवर्षि नारद काम पर विजय पाकर इसे भगवान शिव को बताते हैं, भगवान शिव के मना करने के बावजूद अभिमानवश इस बात को भगवान विष्णु से भी कह देते हैं। भगवान विष्णु अपनी माया से एक काल्पनिक नगर का निर्माण करते हैं, जहां विश्व मोहिनी का स्वयंवर होता है, नारद जी विश्व मोहिनी को देखकर मोहग्रस्त हो जाते हैं। इस अद्भुत कथा में दिखाया गया कि ईश्वर की माया के आगे सभी विवश होते हैं, और वही होता है जो राम चाहते हैं।
इन्होंने किया अभिनय
इस मंचन में देवर्षि नारद की भूमिका में कृष्ण कुमार तिवारी, विश्व मोहिनी की भूमिका में हरि गोविंद तिवारी, भगवान विष्णु के रूप में अभिषेक रसिक, और रावण की भूमिका में मंडल के मैनेजर श्री चतुर्वेदी ने जीवंत अभिनय किया। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति के सदस्यों की उपस्थिति में रामलीला महोत्सव की शुरुआत बेहद सफल रही। इस मौके पर दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जो इस पारंपरिक सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेने के लिए आए थे। रामलीला का यह महोत्सव 67 वर्षों से लगातार हो रहा है, और यह बैतूल जिले की संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा बन गया है। रामलीला मंडल के महंत जी के अनुसार रामलीला में भगवान राम की लीलाओं का मंचन के माध्यम से समाज को नैतिक और आध्यात्मिक संदेश दिया जाता है। यह आयोजन हर साल बढ़ते हुए उत्साह और उमंग के साथ संपन्न होता है, और बैतूल जिले के लोग इसे अपनी धरोहर मानते हैं।
रामलीला में कल 
गुरुवार 3 अक्टूबर को रामलीला के दूसरे दिन श्री राम जन्म, सीता जन्म, और मुनि आगमन की लीलाएं मंचित की जाएंगी, जो दर्शकों को भगवान राम और देवी सीता के जन्म की दिव्य घटनाओं से जोड़ेंगी।
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