Betul and MP Latest News

खेड़ी के चौक पर आमसभा के बाद बापू ने पंचायती कुएं से पानी भरने का हरिजनों को दिलाया था हक

गांधी जयंती विशेष

✓15मार्च 1933 को खेड़ी और बारालिंग आए थे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी

गौरी पदम/मनोहर अग्रवाल परिधि न्यूज 
राष्ट्र पिता महात्मा गांधी 1933 में हरिजन उद्धार कार्यक्रम के सिलसिले में बैतूल आए थे। तब सेठ जी के बगीचे के नाम से प्रसिद्ध गोठीजी के मकान में वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ ठहरे थे। इसी दौरान वे खेड़ीसांवलीगढ़ भी आए थे। यहां के गांधी चौक में आमसभा ली थी, ताकि  ग्रामीण क्षेत्रों में फैले छुआ छूत जैसे भेदभाव को मिटाया जा सके।जब उन्होंने देखा की गांव में हरिजनो के पानी भरने कुएं अलग थे, उन्हे पंचायती सार्वजनिक कूप से पानी नही भरने दिया जाता था उन्होंने गांव पटेल मोतीलाल ठाकरे, सुंदर लाल ठाकरे सरपंच से बात कर इस भेदभाव को मिटाया और पंचायती कूप से सभी हरिजनों को पानी भरने स्वतंत्रता दिलाई।अपनी यात्रा के दौरान ताप्ती नदी के तट बारालिंग पहुंचे जहा अंग्रेज महिला मीरा बेन जो बारालिंग में ही रहती थी, उनसे मुलाकात की और संत रंगराव महाराज से भेंट कर पुनः बैतूल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरदीचन्द गोठी के निवास पर रुके थे।

middle post add
You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.