काशी तालाब में मिली देवी देवताओं की पीतल की मूर्तियां
धर्म विरोधी साजिश या असामाजिक तत्व की करतूत? लोगो में आक्रोश
✓तालाब में मिली हिंदुदेवी देवताओं को प्रतिमाओं से भरी बोरी ग्रामीणों में आक्रोश
मनोहर अग्रवाल परिधि न्यूज खेड़ी सांवलीगढ़

जिला मुख्यालय के समीप बसे ग्राम खेड़ीसावलीगढ़ में खेड़ी परतवाडा मार्ग पर काशी तालाब में शनिवार सुबह पानी में देवी देवताओं की कासे और पीतल की मूर्तियों से भरी बोरी एक बच्चे को दिखाई दी। तालाब में बोरी की सूचना बच्चे ने घर जाकर दी और उसके बाद बच्चे के दादा ने बोरी को बाहर निकाला। बोरी खोलते ही वह अवाक रह गए यह बोरी भगवान की मूर्तियों से भरी हुई थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तालाब के समीप रहने वाले शिव बाबा के नाती नवीन ने जब तालाब में बोरी देखी तो उसने घर जाकर दादा को बताया।नाती के साथ तालाब पहुंचे शिव बाबा ने बोरी को काशी तालाब से बाहर निकाला। बोरी खोलते ही वे हैरत में पड़ गए की इतनी सारी पीतल की प्रतिमा वह भी हिंदू देवी देवताओं की, आखिर किसने इन्हे तालाब में इस तरह से डाला होगा।शिव बाबा ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना को दी।पुलिस ने भी मौका मुआयना कर जानकारी ली है। वही स्थानीय लोगो और हिंदू सेना के पदाधिकारियों ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है।।बोरी में जो मूर्तिया मिली है उनकी संख्या तीस से भी ज्यादा है और सभी मूर्तिया पीतल की है। आशका व्यक्त की जा रही है की यह किसी मंदिर से चुरा कर बोरी भरकर यह मूर्तिया किसी अज्ञात असामाजिक तत्व की करतूत है, जो धर्म पर ठेस पहुचाने यह कार्य किया गया है। राष्ट्रीय हिंदूसेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवी न ने घटना स्थल पर पहुंच कर नाराजगी व्यक्त की है और कहा है यह कोई धर्म विरोधी साजिश है।