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जादू टोना और आपसी रंजिश की वजह से जीजा साले की हत्या 

पुलिस ने किया चोपना के  दोहरे हत्या कांड का खुलासा

✓जादू टोना और आपसी रंजिश की वजह से जीजा साले की हत्या 

✓पुलिस ने किया चोपना के  दोहरे हत्या कांड का खुलासा

परिधि न्यूज बैतूल

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जिले के थाना चोपना में 13 सितंबर को सूचना प्राप्त हुई कि पुत्तीढाना के पास जंगल में दो व्यक्तियों के शव पड़े हैं। सूचना पर निरीक्षक सरविंद्र धुर्वे, हमराह स्टाफ सउनि राजेश कलम, प्रआर 539 ज्ञानसिंह टेकाम, आर 700 आशुतोष, आर 593 नितेश, आर 684 कमलेश उईके, शासकीय वाहन से घटनास्थल पर पहुंचे। वहां पर धन्नू धुर्वे (पिता स्व. मकड़न धुर्वे, उम्र 65 वर्ष, निवासी पुत्तीढाना) और विस्सू परते (पिता सम्मू परते, उम्र 55 वर्ष, निवासी बजरंग कॉलोनी, गौशाला के पास, घोड़ाडोंगरी थाना रानीपुर) मृत अवस्था में पाए गए।

घटनास्थल निरीक्षण

घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस  रोशन जैन, प्रभारी सीन ऑफ क्राइम /FSL बैतूल निरीक्षक आबिद अंसारी द्वारा थाना प्रभारी चोपना निरीक्षक सरविंद्र धुर्वे की उपस्थिति में घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया एवं फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई जाकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई।

घटना का विवरण

घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण के बाद पाया गया कि दोनों मृतकों को किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार और भारी हथियार से सिर और शरीर पर हमला कर हत्या की है। घटनास्थल पर मृतकों के सिर के पास भारी मात्रा में खून पड़ा था। धन्नू की झोपड़ी में कपड़ों और जमीन पर खून के धब्बे मिले। धन्नू का शव झोपड़ी से 14 फीट की दूरी पर पांव पैदल रास्ते पर पाया गया और विस्सू परते का शव धन्नू से 135 फीट की दूरी पर उसी रास्ते पर मिला। शवों से बदबू आ रही थी और दोनों शव करीब 2-3 दिन पुराने प्रतीत हो रहे थे। प्रथम दृष्टाया मामला हत्या का प्रतीत होने से मर्ग क्रमांक 29/24 एवं 30/24 धारा 194 बी.एन.एस.एस. का पंजीबद् कर जॉंच उपरान्त हत्या की देहाती नालसी लेख कर कार्यवाही की गई । बाद असल अपराध क्रमांक 276/2024 धारा 103 (1) बी.एन.एस. की अज्ञात आरोपी के विरूध्द पंजीबध्द कर विवचेना में लिया गया था ।

विशेष टीम का गठन

 पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बैतूल के मार्गदर्शन में अज्ञात आरोपियों की खोज के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आसपास के लोगों और ग्रामीणों से जानकारी एकत्र की। जांच में यह जानकारी सामने आई कि मृतक धन्नू धुर्वे के साथ ग्राम के लिप्पू और उसके नाबालिग बेटे की जादू-टोने के कारण रंजिश थी। तीन साल पहले एक नाबालिग लड़की की मां की मृत्यु के लिए भी धन्नू को दोषी ठहराया जाता था। इसी रंजिश के कारण 11/09/24 की रात को जब धन्नू और उसका साला विस्सू जंगल की झोपड़ी में सो रहे थे, तो लिप्पू के नाबालिग बेटे ने कुल्हाड़ी और लोहे के पाइप से हमला कर दोनों की हत्या कर दी। हत्या के बाद हथियार और कपड़े घर के पास छिपा दिए।पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके आधार पर लिप्पू के खिलाफ धारा 302/34 भादवि में भी कार्रवाई की गई। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

इस दोहरे अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक सरविंद्र धुर्वे, निरीक्षक आबिद अंसारी, सउनि राजेश कलम, सउनि विनोद इवने, प्रआर 539 ज्ञानसिंह टेकाम, प्रआर 357 बसंत मर्सकोले, आर 700 आशुतोष, आर 593 नितेश बारस्कर, और आर 684 कमलेश उईके की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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