रात बारह बजे तक जागता है भीमपुर का कासिया गांव
✓बूंद बूंद पानी को तरस रहे आदिवासी, हेडपंप में नही पानी, कुआ भी सूखा, ग्रामीण परेशान
मनोहर अग्रवाल परिधि न्यूज खेड़ीसावलीगढ़

जिले के ग्रामीण इलाकों में गर्मी के दिनों में पीने के पानी के लिए ग्रामीण कैसे मशक्कत करते है पूरा गांव और एक हैंड, सूखा कुआ। ग्रामीण आखिर पीने के पानी की व्यस्था कैसे करे सुबह से शाम और शाम से बारह बजे रात तक रतजगा कर बच्चो और परिवार के लिए पीने के पानी की व्यस्था करना इन आदिवासियों की मजबूरी है।

यह हाल भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत डोक्या के कासिया गांव का है जहां ग्रामीण पीने के पानी के अभाव में रतजगा कर रहे है या फिर पंचायती कुआ जिसमे जिसमे थोड़ा पानी है नीचे उतर कर उसे ही कपड़े से छानकर उपयोग में लेते है।ग्राम के सल्लू उइके रमिया बाई कालशिया रामसिंह बताते है ग्राम कासिया में पानी के लिए त्राहि त्राहि हो गई है। कोई अधिकारी सुनने वाला नहीं है। ग्रामीण नदी नालों में बरसात का गंदा पानी ला रहे है जिसमे मिट्टी जम जाती मजबूरी में ग्रामीण यह पानी भी पी रहें है। एच ई विभाग और सरकार गांव और घर घर तक नल और पानी उपलब्ध कराने संकल्पित है। कासिया जैसे गांव वास्तविकता बया करने के लिए काफी है।