स्वास्थ्य केंद्र पर सोनोग्राफी मशीन नहीं, मरीज परेशान
समाजसेवी पत्रकार पाशा खान ने की ज्ञापन देकर सोनोग्राफी मशीन की मांग

✓स्वास्थ्य केंद्र पर सोनोग्राफी मशीन नहीं, मरीज परेशान
✓समाजसेवी पत्रकार पाशा खान ने की ज्ञापन देकर सोनोग्राफी मशीन की मांग
रिपोर्टर / राजेश खड़से परिधि न्यूज मुलताई

प्रदेश सरकार द्वारा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोनोग्राफी मशीन की सुविधा नहीं है। मुलताई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मं सोनोग्राफी मशीन न होने से बच गर्भवती महिला और अन्य मरीजों को जांच के लिए परेशानी होती है। अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने और गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व डॉक्टर सोनोग्राफी की सलाह देते हैं। इसके चलते स्वास्थ्य केंद्र में सोनोग्राफी मशीन जरूरी है। स्वास्थ्य केंद्र पर सोनोग्राफी मशीन नहीं होने से ग्रामीण अंचल के मरीजों और प्रसूताओं को जिला अस्पताल जाकर या प्राइवेट में जांच करवाना मजबूरी बना हुआ है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को 50 किमी की दूरी तय करने का जोखिम भी उठाना पड़ता है। इसमें महिलाओं के परिजनों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। जिसमें गरीब वर्ग के लोग इस अतिरिक्त खर्च को वहन कर आर्थिक परेशानी से जूझते हैं।इसलिए मुलताई के समाजसेवी पाशा खान ने ज्ञापन दे कर स्वास्थ केन्द्र मुलताई में सोनोग्राफी मशीन मांग की । गर्भाशय में बच्चे की स्थिति का पता लगाने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भवती महिला की सोनोग्राफी कराते हैं ।
तीन बार होती है जांच
किसी भी गर्भवती महिला को गर्भधारण से प्रसव तक डॉक्टरी सलाह पर तीन बार सोनोग्राफी कराना होती है। जिसमें तीसरे महीने, छठवें और नौवें महीने में यह जांच करना पड़ती है। मुलताई केन्द्र पर जांच की सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को लंबा सफर तय कर जांच कराना मजबूरी बना हुआ है।सोनोग्राफी के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया जाता है की ,गर्भ में बच्चे की क्या स्थिति है ?
इनका कहना…
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोनोग्राफी मशीन नहीं है। सोनोग्राफी मशीन लगाने की मंजूरी शासन स्तर से होती है। इस संबंध में विभागीय रूप से पत्राचार किया जाएगा।
डॉ अभिनव शुक्ला, बीएमओ मुलताई