कमलनाथ के करीबी दीपक सक्सेना ने छोड़ा हाथ का साथ आखिर थाम लिया कमल का दामन
✓कमलनाथ के करीबी दीपक सक्सेना ने छोड़ा हाथ का साथ आखिर थाम लिया कमल का दामन

भोपाल। आखिर कांग्रेस को लग रहे झटकों में एक और नेता ने आज अपना योगदान दे दिया। कमलनाथ के एक और करीबी दीपक सक्सेना ने भी बीजेपी का दामन थाम दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और लोकसभा चुनाव प्रभारी महेंद्र सिंह द्वारा उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई है। कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में लगने वाला ये झटका भी कांग्रेस के लिए काफी बड़ा ही है।
सैकड़ों समर्थकों के साथ ग्रहण की सदस्यता

कमलनाथ के एक और करीबी आज बीजेपी की शरण ले चुके हैं। छिंदवाड़ा से कांग्रेस नेता दीपक सक्सेना ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। उन्हें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा भोपाल स्थित बीजेपी कार्यालय में भाजपा की सदस्यता दिलाई गई है। कमलनाथ के गढ़ में लगने वाला ये झटका कांग्रेस के लिए काफी बड़ा ही है। दीपक सक्सेना के भाजपा में शामिल होने के दौरान दीपक सक्सेना के बेटे अजय सक्सेना अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ भाजपा के प्रदेश कार्यालय भोपाल पहुंचे थे। इसके बाद दीपक सक्सेना ने कार्यालय में आकर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। आपको बता दें दीपक सक्सेना कांग्रेस के पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ के बेहद करीबी माने जाते हैं, और ये छिंदवाड़ा से चार बार विधायक भी रह चुके हैं। कमलनाथ को सीएम बनाने के लिए दीपक सक्सेना ने अपनी सीट छोड़ दी थी, लेकिन अब इनके बेटे के बाद इन्होंने भी बीजेपी की शरण ले ली है।
नकुल में नहीं कमल सी क्षमता
बीजेपी की सदस्यता लेने से पहले दीपक सक्सेना ने मीडिया से चर्चा की। जिसमें उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से ही कमलनाथ का सिपाही रहा हूं। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि बीजेपी की सदस्यता लूंगा। उनका कहना था कि लोकल के मैनेजमेंट में मैं अपने आप को फिट नहीं पा रहा हूं। दीपक ने कहा कि राष्ट्रीय और प्रदेश की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ले रहा हूं। कमलनाथ और नकुलनाथ की सोच में अंतर है। उनका ये भी कहना है कि कमलनाथ में जो काम करने की क्षमता है वह नकुलनाथ में नहीं है। अन्य विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की बात पर सक्सेना का कहना था कि मैने किसी भी विधायक से चर्चा नहीं की है।
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