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विधायक हेमंत खण्डेलवाल के विकास का लक्ष्य, सहृदयता और सम्मान के भाव से प्रेरित होकर  भाजपा में शामिल हुए सुनील शर्मा

कार्यकर्ताओं की आत्मीयता ने गदगद कर दिया, कांग्रेस को भी लेनी चाहिए सीख- शर्मा

सुनील शर्मा एक बार पहले भी दे चुके थे इस्तीफा पर नाथ ने स्वीकारा नहीं

✓विधायक हेमंत खण्डेलवाल के विकास का लक्ष्य, सहृदयता और सम्मान के भाव से प्रेरित होकर  भाजपा में शामिल हुए सुनील शर्मा
✓कार्यकर्ताओं की आत्मीयता ने गदगद कर दिया, कांग्रेस को भी लेनी चाहिए सीख- शर्मा
✓सुनील शर्मा एक बार पहले भी दे चुके थे इस्तीफा पर नाथ ने स्वीकारा नहीं
परिधि न्यूज बैतूल
पीसीसी चीफ कमलनाथ के कट्टर समर्थक रहे जिला कांग्रेस शहर के अध्यक्ष सुनील गुड्डू शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर अगले ही दिन बैतूल में भाजपा प्रत्याशी डीडी उईके के समर्थन में आयोजित जनसभा में पहुंचे सीएम डॉ मोहन यादव के समक्ष भाजपा की सदस्यता ले ली। भाषण की लिस्ट से नाम हटाये जाने से नाराज होकर सुनील शर्मा जिला अध्यक्ष जैसे पद को ठुकराकर एक साधारण सदस्य के रुप में भाजपा अपनी आमद दी है। भाजपा ज्वाईन करने के बाद संक्षिप्त साक्षात्कार में गुड्डू शर्मा ने परिधि न्यूज से कहा कि आज भाजपा के मंच पर कार्यकर्ताओं ने जिस आत्मीयता से उनका अभिनंदन किया उसे देख वह गदगद हो गए। काश यही भाव कांग्रेस में भी होता। कांग्रेस को भाजपा के कार्यकर्ताओं से यह सीख लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आगे वे भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व उन्हें जो जिम्मेदारी देगा वह कार्य करेंगें। सुनील शर्मा ने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए भी उनके प्रति स्नेह और सम्मान का भाव रखा। वे एक सच्चे जनसेवक है और बैतूल के विकास के प्रति हमेशा प्रयासरत रहते है, श्री खण्डेलवाल के दिलो दिमाग में हमेशा बैतूल के विकास की ही बात रहती है। उनकी सहृदयता से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा ज्वाईन की। हालांकि भाजपा ज्वाईन करने का यह कदम उन्होंने एकदम से उठाया यह उनका कहना है। उन्होनें चर्चा के दौरान बताया कि विधायक एवं उन्होंने एक दूसरे से सम्पर्क किया। हालांकि पहल किसने की इस सवाल को वे टाल गए।
सुनील शर्मा ने कहा कि वे जब कांग्रेस में भी थे तब भी उनके मन में कभी सत्ता और सुख का लोभ नहीं रहा, न सांसद, विधायक या नगर पालिका अध्यक्ष बनने की मंशा ही रही। पार्टी में उन्होंने हमेशा संगठन को मजबूत करने का कार्य किया है। अब भाजपा में भी वे संगठन से मिली जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।
दूसरी बार दिया इस्तीफा
कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुड्डू शर्मा ने अपने पद से दूसरी बार इस्तीफा दिया। गौरतलब है कि पहली बार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था। पीसीसी चीफ कमलनाथ की समझाईश पर उन्होंने इस्तीफा वापस जरुर ले लिया था, लेकिन वे इस बात को उसी वक्त भांप गए थे कि अब कांग्रेस गुटबाजी का शिकार हो जाएगी। दरअसल कांग्रेस द्वारा जब एक जिले में पार्टी के दो जिला अध्यक्ष नियुक्त किए यह बात गुड्डू शर्मा को नागवार गुजरी थी। उन्होंने एक ही अध्यक्ष रखे जाने की पैरवी करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। गुड्डू ने बताया कि उस वक्त उन्होंने हाईकमान के सामने यह तर्क भी रखा थी कि दो अध्यक्ष बनाए जाने से गुटबाजी बढ़ेगी और इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ेगा। इसका परिणाम विधानसभा चुनाव में देखने भी मिला। समन्वय की कमी एवं आपसी सामंजस्य न होने की वजह से कांग्रेस ने अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार ली। बहरहाल भाजपा में शामिल होने के बाद गुड्डू शर्मा राहत महसूस कर रहे है। उन्होनें कहा कि वे भाजपा से जुडक़र बेहतर जनसेवा कर सकेंगे इसके लिए वे आश्वस्त है।
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