Betul and MP Latest News

PARIDHI PRSHASHNIK DAIRY :➡️जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो: कलेक्टर डॉ.सोनवणे➡️ जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 29 अप्रैल को➡️नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए पंप चालकों को दिया प्रशिक्षण➡️कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने बैतूल नगरपालिका के विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की➡️राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर होगी त्रिस्तरीय जांच➡️विश्व मलेरिया दिवस : मलेरिया से बचाव के लिए अपनाएं यह उपाय➡️ 10वीं-12वीं की द्वि‍तीय परीक्षा के लिए आवेदन अब 26 अप्रैल तक➡️ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भीमपुर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 754 मरीजों का किया उपचार➡️ जनगणना 2027 : प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का अंतिम सत्र प्रशिक्षण शुरू➡️एसडीएम डॉ.अभिजीत सिंह ने छात्रावासों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से लिया फीडबैक➡️ जनगणना 2027: भीमपुर क्षेत्र में स्व-गणना अभियान को मिला जनसमर्थन➡️ कलेक्टर के निरीक्षण का असर: छात्रावासों में लापरवाही पर अधीक्षक-अधीक्षिका को नोटिस,प्रभातपट्टन के बालक व कन्या छात्रावास में आकस्मिक निरीक्षण

परिधि प्रशासनिक डायरी बैतूल

1️⃣➡️जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो: कलेक्टर डॉ.सोनवणे
✓कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने की जिला स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
✓कम प्रगति पर एनसीडी नोडल अधिकारी को नोटिस देने के दिए निर्देश
✓आशा-एएनएम को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश, घर-घर होंगी मॉनिटरिंग
✓ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के दिए निर्देश


बैतूल/कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंन निर्देश दिए कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण अभियान, सिकल सेल एनीमिया, आरबीएसके, पोषण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, एचपीवी वैक्सीन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा दवाइयों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए और समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर लोगों को उपचार की सुविधा दी जाए। साथ ही गंभीर मरीजों के रेफरल में लापरवाही न बरती जाए। एनसीडी समीक्षा के दौरान कम प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर डॉ सोनवणे ने एनसीडी नोडल अधिकारी को नोटिस जारी किए जाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

—सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा, समग्र ई-केवाईसी बढ़ाने के दिए निर्देश—
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सीएम डैशबोर्ड के विभिन्न सूचकांकों की समीक्षा करते हुए एएनसी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रगति का आंकलन किया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की समग्र ई-केवाईसी पूर्ण नहीं होने की समस्या सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक डेटा संकलन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रसूति सहायता योजना एवं जननी सुरक्षा योजना की जानकारी व्यापक रूप से दी जाए, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं समग्र ई-केवाईसी के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब हितग्राहियों का सही और पूर्ण पंजीयन हो। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन और आवश्यक जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए । साथ ही इस कार्य को प्रभावी बनाने के लिए आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड पर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और आगामी बैठक में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करें।

middle post add

—4 एएनसी जांच में कमी पर प्रगति लाने के निर्देश—

जिले में गर्भवती महिलाओं के निर्धारित 4 एएनसी चेकअप में कमी पाए जाने पर कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने शाहपुर, मुलताई और प्रभात पट्टन के बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांक में शीघ्र सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर एएनसी जांच होना सुनिश्चित किया जाए, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि क्षेत्रवार समीक्षा कर कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि घर-घर संपर्क कर गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रखी जाएं ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।

–मातृ मृत्यु के मामलों में कमी लाने के निर्देश—

जिले में गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने स्वास्थ्य विभाग को मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के सभी ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, समय पर उपचार और जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाए। कलेक्टर ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर मां और नवजात की जिंदगी सुरक्षित रखें। इसके लिए सभी को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। आशा, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ.जगदीश घोरे, सहित बीएमओ, सीडीपीओ उपस्थित थे।

2️⃣➡️ जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 29 अप्रैल को
बैतूल / जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 29 अप्रैल को प्रातः 11 बजे से जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने बताया कि बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा की जाएगी।
3️⃣➡️नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए पंप चालकों को दिया प्रशिक्षण

बैतूल/जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल जीवन मिशन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं संधारण को लेकर गुरुवार को विकासखंड आमला में विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय खंड बैतूल के निर्देशन एवं जनपद पंचायत आमला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समन्वय से आयोजित इस प्रशिक्षण में 55 ग्रामों के पंप चालकों को योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में ट्यूबवेल मोटर पंप, उच्चस्तरीय जल टंकी, सम्पवेल, पाइपलाइन, पंप हाउस, वाल्व चैंबर, घरेलू नल कनेक्शन एवं विद्युत कनेक्शन जैसे महत्वपूर्ण अवयवों की देखरेख, सुधार एवं प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही प्रतिदिन, मासिक, छमाही एवं वार्षिक आधार पर किए जाने वाले रखरखाव कार्यों पर विशेष जोर दिया गया।पंप चालकों को मोटर संचालन के घंटे, जल आपूर्ति की अवधि, विद्युत खपत, पाइपलाइन लीकेज एवं टूट-फूट जैसी जानकारियों का नियमित रिकॉर्ड रखने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा टंकी, सम्पवेल एवं वाल्व चैंबर की नियमित सफाई कर तिथि दर्ज करने तथा लीकेज की समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा गुणवत्तायुक्त पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने, वर्ष में कम से कम दो बार प्रयोगशाला में जल परीक्षण कराने तथा पंचायत स्तर पर फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से प्रतिमाह जल नमूनों की जांच कराने के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जल संरक्षण, पेयजल के अपव्य को रोकने एवं जल स्रोतों के रिचार्ज की विभिन्न विधियों पर चर्चा की गई। साथ ही योजनाओं से अधिकतम जलकर प्राप्त करने के उपाय भी बताए गए। उक्त प्रशिक्षण जिला समन्वयक श्री भूपेंद्र सिंह मेनवे, उपयंत्री श्री तौफीक शाह, विकासखंड समन्वयक श्रीमती आभा तिवारी एवं हैंडपंप तकनीशियन श्री गोपाल मसोदकर द्वारा प्रदान किया गया।
4️⃣➡️कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने बैतूल नगरपालिका के विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की


बैतूल/ कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बैतूल नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे पेयजल, सीवरलाइन, स्टेडियम, फायर स्टेशन एवं आईएसबीटी सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नगरपालिका अमले को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को सुनियोजित ढंग से मूर्त रूप दिया जाए, ताकि परियोजनाओं की उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जल समस्या का तात्कालिक समाधान करने के साथ ही स्थायी और दीर्घकालिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा बताया गया कि बैतूल नगर में अभी ताप्ती बैराज और माचना नदी जल के प्रमुख स्रोत हैं। वर्ष 2042 तक नगर में 32 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आवश्यकता अनुमानित है, जबकि वर्तमान में 17 एमएलडी जल आपूर्ति की डिमांड है। प्रतिदिन 9 एमएलडी की सप्लाई हो रही है और एक दिन छोड़कर नगर में जल प्रदाय किया जा रहा है। अतिरिक्त पानी की पूर्ति के लिए लगभग 32 करोड़ रुपए की लागत से ताप्ती बैराज पर 9.5 एमएलडी का इंटेकवेल निर्माण प्रस्तावित है। एक अतिरिक्त वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 24 किमी की मेन सप्लाई लाइन, 40 किमी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का प्रावधान का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया है।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलग से विद्युत फीडर की व्यवस्था की जाए, ताकि बिजली बाधित होने पर जलापूर्ति प्रभावित न हो। सीवर लाइन प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य प्रारंभ करने से पहले शहर में मौजूद ऑप्टिकल फाइबर, पाइपलाइन जैसी अन्य यूटिलिटी का समुचित ध्यान रखा जाए। कार्यों का पूर्व सर्वे और पहचान (आइडेंटिफिकेशन) कर व्यवस्थित तरीके से निर्माण किया जाए, ताकि अव्यवस्था की स्थिति न बने।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने लाल बहादुर शास्त्री इनडोर स्टेडियम परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके संचालन को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के नालों पर हुए अतिक्रमण का सीमांकन कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों के सुव्यवस्थित सौंदर्यीकरण के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त फायर स्टेशन, गीताभवन एवं आईएसबीटी परियोजनाओं की समीक्षा कर इन प्रोजेक्ट्स में लोकेशन और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री नवनीत पांडे ,भोपाल के कार्यपालन यंत्री सचिन कडू सहित निकाय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
5️⃣➡️राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर होगी त्रिस्तरीय जांच
त्रिस्तरीय जांच के बाद ही मिलेगा परीक्षा कक्ष में प्रवेश
परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों को 90 मिनट पहले पहुँचना होगा
26 अप्रैल को जिले के 08 केंद्रों पर आयोजित होगी राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा परीक्षा
बैतूल/ मध्यप्रदेश राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा वर्ष-2026 जिले के 08 परीक्षा केंद्रों पर 26 अप्रैल को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक एवं दोपहर 02:15 बजे से शाम 04:15 बजे तक दो सत्रों आयोजित की जाएगी। लोक सेवा आयोग के निर्देशानुसार राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान त्रिस्तरीय नवीन जाँच प्रक्रिया बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग, एचएचएमडी के माध्यम से तलाशी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत परीक्षार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से 90 मिनट पहले पहुँचना होगा। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों की त्रिस्तरीय जांच की जाएगी। परीक्षा केन्द्र के प्रवेश द्वार के समीप अनुमत एवं वर्जित वस्तुओं की जानकारी चस्पा होगी, जिसका पूर्णतः पालन करना होगा।
परीक्षार्थियों की एचएचएमडी के माध्यम से दोनों सत्रों में जांच की जाएगी, जिसमें पुरूष परीक्षार्थियों की जांच पुरुष वीक्षकों द्वारा एवं महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला वीक्षक द्वारा कैबिन में की जाएगी। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के पास विकल्प होगा कि वह अपनी फ्रिस्किंग महिला अथवा पुरूष कर्मचारी से करा सकते हैं। परीक्षार्थियों की दोनों सत्रों में त्रिस्तरीय जांच की जाएगी, इसके बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षार्थी स्वयं के साथ केवल बॉल पेन एवं एक पानी की पारदर्शी बॉटल, ई-प्रवेश पत्र व आई.डी. कार्ड साथ में ला सकते है।
–इन केंद्रों पर होगी परीक्षा—
26 अप्रैल को बैतूल जिले के 08 केंद्रों पर राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा परीक्षा आयोजित होगी। जिसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बांसपानी आठवांमील चौक बैतूल, शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूल बाजार (सीएम राइज स्कूल, बालाजी मंदिर के पास), शासकीय कन्या महाविद्यालय सदर (पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने) बैतूल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंज (कांति शिवा पेट्रोल पंप के पास) बैतूल, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोठी बाजार (ईएलसी कंपाउंड के सामने), शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सोनाघाटी, जयवंती हक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिविल लाइन बैतूल, लिटिल फ्लावर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सदर लिंक रोड बैतूल शामिल है।
6️⃣➡️विश्व मलेरिया दिवस : मलेरिया से बचाव के लिए अपनाएं यह उपाय
बैतूल/प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि मलेरिया एक प्रकार का बुखार है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। मलेरिया रोग में व्यक्ति को ठंड लगकर बुखार आता है, पसीना आकर बुखार उतर जाता है, सिर दर्द होता है, उल्टी होती है, बुखार एक या दो दिन के अंतर से आता है। मलेरिया रोग का यदि उपचार न हो तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि बुखार आने पर मलेरिया रोग की पुष्टि के लिये खून की जांच कराएं। मलेरिया पाये जाने पर पूरा उपचार लें। समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में मलेरिया का पूरा उपचार निःशुल्क किया जाता है। बुखार आने पर अपने निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर मलेरिया की निःशुल्क जांच कराएं अथवा ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता से सम्पर्क करें। अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें, यदि घर के आसपास पानी जमा है तो उसकी निकासी अवश्य करें, यदि निकासी संभव न हो रूके हुए पानी में जला ऑइल या मिट्टी का तेल छिड़क दें ताकि इन जगहों पर मलेरिया फैलाने वाले मच्छर न पनप सकें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं। मच्छर भगाने वाली क्रीम, क्वाईल या लिक्विड का इस्तेमाल करें। मच्छर मारने हेतु इलेक्ट्रिक रैकेट का इस्तेमाल करें एवं नीम की पत्तियों का धुआं करें। खिड़की दरवाजों पर मच्छर रोधी जाली लगवाएं। मच्छरों से बचने के लिये पूरी बांह के कपड़े पहनें।
7️⃣➡️ 10वीं-12वीं की द्वि‍तीय परीक्षा के लिए आवेदन अब 26 अप्रैल तक
✓माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने बढ़ाई आवेदन की ति‍थि
✓एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी कर सकेंगे आवेदन
बैतूल/ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने गुरुवार को विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 26 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में मंडल ने आदेश भी जारी कर दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश के सचिव श्री बुद्धेश कुमार वैद्य ने बताया कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन आवेदन भरने की तिथि को बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल 2026 थी। अब विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 26 अप्रैल तक हाईस्कूदल एवं हायर सेकंडरी द्वि‍तीय परीक्षा के आवेदन कर सकते हैं। शेष नियम-निर्देश पूर्ववत रहेंगे।
8️⃣➡️ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भीमपुर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 754 मरीजों का किया उपचार


बैतूल/ जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के माध्यम से जिले में 20 स्वास्थ्य शिविर लगाने की प्राप्त स्वीकृति के परिपालन में 23 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भीमपुर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ जनपद अध्यक्ष श्री भैयालाल इरपाचे, अनुविभागीय अधिकारी श्री अजीत मरावी द्वारा किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि शिविर में कुल 754 मरीजों का पंजीकरण किया गया, शिविर में जिला चिकित्सालय से स्त्री रोग शिशु रोग दंत रोग, मानसिक रोग विशेषज्ञों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया गया।
शिविर में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक निगवाल, चिकित्सा स्टाफ, स्वास्थ्य स्टाफ, आशा कार्यकर्ता एवं महिला एवं बाल विकास विभाग उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिचोली में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े ने आमजन से स्वास्थ्य शिविरों का लाभ लेने की अपील की है।
9️⃣➡️ जनगणना 2027 : प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का अंतिम सत्र प्रशिक्षण शुरू
बैतूल/ जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना को प्रभावी, सटीक एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का फील्ड प्रशिक्षण अभियान सुदृद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के नेतृत्व तथा अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती वंदना जाट के मार्गदर्शन में नगरीय एवं ग्रामीण चार्ज मुख्यालयों पर आयोजित यह प्रशिक्षण फील्ड स्तर पर कार्यकुशलता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
जिला योजना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 15 से 17 अप्रैल 2026 तक जिले की 9 तहसीलों के ग्रामीण चार्जों में 733 प्रगणक एवं 124 पर्यवेक्षक तथा 19 से 21 अप्रैल 2026 तक द्वितीय सत्र में 26 बैच के माध्यम से 10 ग्रामीण एवं 4 नगरीय चार्जों के कुल 937 प्रगणक एवं 159 पर्यवेक्षक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। इसी क्रम में तृतीय एवं अंतिम सत्र में 30 बैच अंतर्गत 19 चार्ज में लगभग 1040 प्रगणक एवं 190 पर्यवेक्षक का प्रशिक्षण संचालित हो रहा है।उन्होंने बताया कि जिले में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण 22 से 25 अप्रैल अंतर्गत 30 बैचों के माध्यम से 10 ग्रामीण चार्ज-तहसील आमला, बैतूल, भैंसदेही, भीमपुर, घोड़ाडोंगरी, प्रभात पट्टन, मुलताई, शाहपुर, चिचोली एवं आठनेर में लगभग 730 प्रगणकों एवं 130 पर्यवेक्षकों एवं 09 नगरीय चार्ज क्रमशः बैतूल, आमला, मुलताई, सारनी नगर पालिका और आठनेर, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, शाहपुर एवं भैंसदेही नगर परिषद के लगभग 310 प्रगणकों और 60 पर्यवेक्षकों को 64 फील्ड ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
—जनगणना की मूल अवधारणा से ऐप आधारित प्रशिक्षण—
प्रथम दिवस में प्रतिभागियों को जनगणना की मूल अवधारणा, महत्व, विधिक प्रावधान, डेटा गोपनीयता एवं सटीकता संबंधी निर्देशों के साथ-साथ प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की भूमिका एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन एचएलओ मोबाइल एप के उपयोग, तकनीकी विशेषताओं, डेटा प्रविष्टि प्रक्रिया एवं फील्ड में इसके प्रभावी संचालन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को व्यवहारिक दक्षता प्रदान करने हेतु हैंड्स-ऑन सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।

—निरंतर मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता पर विशेष फोकस—
कलेक्टर के निर्देशानुसार अनुविभागीय जनगणना अधिकारियों द्वारा अपने-अपने अनुभागों में प्रशिक्षण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही गुरुवार को जिला योजना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार गौतम द्वारा बैतूल, भीमपुर प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर श्री गौतम द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जनगणना 2027 को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की आधारशिला है। अधिकारियों ने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं सजगता के साथ करें, ताकि संकलित आंकड़े पूर्णतः सटीक एवं विश्वसनीय हो सकें।
🔟➡️एसडीएम डॉ.अभिजीत सिंह ने छात्रावासों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से लिया फीडबैक


बैतूल / कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देशानुसार 23 अप्रैल को अनुविभागीय दंडाधिकारी बैतूल डॉ. अभिजीत सिंह द्वारा बैतूल मुख्यालय स्थित सीनियर उत्कृष्ट बालक छात्रावास एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री सिंह ने छात्रावास में निवासरत छात्र-छात्राओं से संवाद कर भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया तथा आवासीय कक्षों का अवलोकन किया। साथ ही उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के संबंध में छात्र-छात्राओं से फीडबैक प्राप्त किया गया। इस दौरान छात्रावास परिसर में स्नानागार एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत एसडीएम श्री सिंह ने आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए संबंधित छात्रावास अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए।

1️⃣1️⃣➡️ जनगणना 2027: भीमपुर क्षेत्र में स्व-गणना अभियान को मिला जनसमर्थन
बैतूल/ भीमपुर में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार में गुरुवार को स्थानीय नागरिकों के बीच जाकर जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना करने और जनगणना में उत्साह से भागीदारी करने की अपील की गई।
अनुविभागीय जनगणना अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भैंसदेही श्री अजीत मरावी, जिला योजना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार गौतम, तहसीलदार एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी भीमपुर श्री बसंत बरखानिया तथा स्व-गणना पोर्टल के तकनीकी सहायक श्री विवेक दायमा द्वारा आमजनों को तकनीक की सहजता और जनगणना का महत्व बताते हुए, स्व की गणना की अपील की गई। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही ग्रामीणों को स्व-गणना पोर्टल की जानकारी दी गई और उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए स्वयं की उपस्थिति में स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। इससे ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
उत्सुक ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए बताया कि स्व-गणना के माध्यम से समय की बचत होती है तथा प्रक्रिया अधिक सरल एवं पारदर्शी बनती है। स्व-गणना डिजीटल अभिनव पहल से क्षेत्र में जनगणना कार्य को गति मिलने के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इसी प्रकार के प्रयासों से जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकेगा।
1️⃣2️⃣➡️ कलेक्टर के निरीक्षण का असर: छात्रावासों में लापरवाही पर अधीक्षक-अधीक्षिका को नोटिस
✓प्रभातपट्टन के बालक व कन्या छात्रावास में आकस्मिक निरीक्षण

बैतूल/ कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के हालिया निरीक्षण के बाद प्रशासनिक सख्ती का असर दिखने लगा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग बैतूल श्री विवेक पांडे एवं उपयंत्री द्वारा प्रभातपट्टन स्थित सीनियर अनुसूचित जाति बालक एवं कन्या छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधीक्षक एवं अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रातः 9:30 बजे बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान एक भी छात्र उपस्थित नहीं पाया गया, जिसे अधीक्षक श्री गुलाबराव कोडोपे की स्पष्ट लापरवाही माना गया। छात्रावास के कमरों में पलंग एवं गद्दे अव्यवस्थित पाए गए, जिन्हें तत्काल व्यवस्थित करने और अनुपयोगी सामग्री का अपलेखन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कलेक्टर डॉ सोनवणे के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षों में शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए।
इसी दिन कन्या छात्रावास के निरीक्षण में अधीक्षिका श्रीमती सुमन यादव अनुपस्थित मिलीं और कोई भी छात्रा मौजूद नहीं थी। दूरभाष पर सूचना देने के बाद अधीक्षिका मुलताई से आकर छात्रावास पहुंचीं। उनका छात्रावास में निवास नहीं करना शासन के निर्देशों की अवहेलना माना गया। परिसर के पीछे गंदगी का अंबार मिलने पर तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए, वहीं शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कर्मचारी को मौके पर ही निर्देशित किया गया।
उपयंत्री द्वारा दोनों छात्रावासों में निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का भी निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में पाई गई गंभीर कमियों और लापरवाही को देखते हुए सहायक आयुक्त द्वारा अधीक्षक गुलाबराव कोडोपे एवं अधीक्षिका श्रीमती सुमन यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्वयं छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.