सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल कोठी बाजार के अच्छे दिन कब आयेंगे..?
यह वीडियो और फोटो सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल कोठी बाजार बैतूल का है, यह स्कूल बैतूल में स्थित हैं, न की असम में है..!!!
✍️हेमंत चंद्र दुबे बबलू बैतूल
सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल कोठी बाजार के अच्छे दिन कब आयेंगे..?
बैतूल कोठी बाजार श्मशान घाट और कब्रिस्तान के पास स्थित और निर्मित सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल। बड़े बड़े दावे है , योजनाएं है, क्लॉक टावर बनेगी, नगर निगम बनेगा,50 करोड़ की लागत का क्रिकेट स्टेडियम बनेगा, बड़े काम है होना चाहिए लेकिन क्या इनके कारण छोटी छोटी मूलभूत सुविधाओं को नजरअंदाज कर दिया जाना चाहिए। जो तालाब थे वे देखते देखते गायब होते चले जा रहे है और विधालयों के प्रागण तालाब में तब्दील होते जा रहे है।
यदि मैं छोटे सुभाष विद्यालय की बात करूँ तो कौन जनप्रतिनिधि, अधिकारी नहीं होगा जो वहां से पढ़कर न निकला हो, वही छोटा सुभाष विद्यालय अप ग्रेड होकर हायर सेकंडरी स्कूल बना है, लेकिन दृश्य देखकर लगता है मानो यह विद्यालय कोठी बाजार बैतूल में श्मशान घाट, कब्रिस्तान के किनारे नहीं ,बल्कि असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित हो जहां आज भयावह बाढ़ ने तबाही मचा दी है। हर वर्षाकाल में यही विकट परस्थिति इस विद्यालय के प्रांगण के साथ होती हैं, न जाने मीडिया ने कितने ही बार यंहा की दशा के चित्र और समाचार प्रकाशित कर चुका होगा लेकिन लगता हैं जैसे जन प्रतिनिधियो और अधिकारियों ने कसम खा रखी हो कि बैतूल को तो हम वीनस और पेरिस बनाकर ही दम लेंगे लेकिन सुभाष विद्यालय को पानी में डूबो कर ही मानेंगे। लगता हैं हमारे जन प्रतिनिधि अधिकारी किसी बच्चे के साथ भविष्य में होने वाली किसी दुर्घटना के इंतजार में बैठे नगर निगम, क्लॉक टावर, सौंदर्यीकरण, सड़कों के चौड़ीकरण में व्यस्त है, अब लगता हैं कि शिक्षा और शिक्षा के मंदिर हमारे जन प्रतिनिधियो और अधिकारियों की प्राथमिकता में कही पीछे रह गए है। जन प्रतिनिधियो और अधिकारियों को सुझाव है कि विधालय के इस लबालब भरे प्रांगण में नगर पालिका से नौकविहार की व्यवस्था करवाने की कृपा करे ताकि नगर पालिका को राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा और नगर के सौंदर्यीकरण में एक ऐतिहासिक कार्य दर्ज हो जाएगा।
दुःख होता हैं मूलभूत सुविधाओं से शासन, प्रशासन, जन प्रतिनिधि मुंह मोड़ के खड़े हुए है।
शासन कुछ नहीं कर रहा न करे सांसद, विधायक महोदय के पास अपनी सांसद निधि, विधायक निधि होती हैं जो कि उनकी स्वेच्छा से व्यय की जा सकती हैं, सांसद स्वयं शिक्षक रहे हैं और आज केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री के पद को सुशोभित कर रहे है , विधायक महोदय स्वयं छोटे सुभाष विद्यालय से पढ़कर प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी के सबसे बड़े पद आसीन हो हम सभी को गौरांवित कर रहे है, लेकिन सुभाष विद्यालय के अच्छे दिन कब आयेंगे यह केवल एक जुमला ही साबित हो रहा है।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि शिक्षार्थियों विद्यार्थियों के साथ कोई दुर्घटना न घटित हो, साथ जन प्रतिनिधियो से करबद्ध निवेदन हैं की नगर निगम भी बन जाएगा, क्लॉक टावर भी लग जाएगी, सड़को का चौडीकरण भी हो जाएगा, शहर का सौंदर्यीकरण भी हो जायेगा क्योंकि आप इन बड़े कार्यों की दृष्टि रखते हैं, विजनरी है लेकिन हे जन प्रतिनिधियो और अधिकारियों छोटे छोटे मूलभूत कार्य भी होते है जिनसे देश के बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
