गैस सिलेण्डर की किल्लत बताकर सप्ताह में बस तीन बार दे रहे दाल, दो दिन का अवकाश हो तो बंद कर देते है छात्रावास, स्कार्पियों से गुंडे बुलाने की दी जाती है धमकी, पानी की टंकी नहीं होती साफ
✓गैस सिलेण्डर की किल्लत बताकर सप्ताह में बस तीन बार दे रहे दाल, दो दिन का अवकाश हो तो बंद कर देते है छात्रावास, स्कार्पियों से गुंडे बुलाने की दी जाती है धमकी, पानी की टंकी नहीं होती साफ
✓छात्रों की शिकायतों पर क्या एक्शन लेगें सहायक आयुक्त
परिधि फालोअप न्यूज

महाविद्यालय अनु जाति बालक छात्रावास हमलापुर के अधीक्षक कमलेश राक्से के विरुद्ध छात्रावास से निष्काषित करने पर दो भाईयों ने की है। मंगलवार को शिकायतकर्ता छात्र भाई विवेक और विक्की के साथ करीब दो दर्जन छात्रों ने पहले से सहायक आयुक्त विवेक पाण्डेय एवं इसके बाद कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन देकर शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। सहायक आयुक्त कार्यालय में छात्रों ने अधीक्षक पर कई आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इन शिकायतों को छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से ने निराधार बताया है। बहरहाल सवाल यह है कि अब इन मामलों में सहायक आयुक्त क्या एक्शन लेंगे?
सहायक आयुक्त से की छात्रावास अधीक्षक की शिकायतें
छात्रों ने अलग-अलग शिकायतों में बताया है कि अधीक्षक कमलेश राक्से द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है, होस्टल में स्कार्पियों से गुंडे बुलाने की धमकी दी जाती है, बिना किसी शासकीय अवकाश के छुट्टी घोषित कर दी जाती है और छात्रावास को बंद कर दिया जाता है, मेस में खाना बनाना बंद करवा देते है। कुछ खास छात्रों को रोककर बाकी को घर भेज दिया जाता है। गैस सिलेंडर की किल्लत बताकर सप्ताह में मात्र तीन दिन ही दाल दी जा रही है। बार-बार धमकी दी जाती है। यह संगीन आरोप छात्रावास अधीक्षक पर लगाए है।
अतिरिक्त छात्रों पर अधीक्षक की कृपादृष्टि का भी आरोप
छात्रावास के छात्रों के मुताबिक अधीक्षक द्वारा छात्रावास में 3-5 ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश दिया है जो छात्रावास में रहने के लिए पात्र नहीं है। इन छात्रों द्वारा छात्रावास की मॉनीटरिंग की जाती है। रात के समय छात्रावास अधीक्षक छात्रावास में न रहकर अपने घर चले जाते है तब ये ही छात्र उन्हें छात्रावास की जानकारियों से अवगत कराते है। छात्रावास में निवासरत बच्चों का हक छीनकर अपने चहेतों को दिया जा रहा है यह आरोप भी अधीक्षक पर लगे है। गौरतलब है कि छात्रावास में छात्रों के उपयोग के लिए प्रदाय एवं क्रया की गई सामग्री भी छात्रावास में उपलब्ध नहीं थी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में छात्रों ने धरना प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की तो सहायक आयुक्त ने स्वयं छात्रावास पहुंचकर निरीक्षण किया, उन्हीं के सामने छात्रावास में टीवी एवं डायनिंग शिफ्ट भी किया गया।
अधीक्षक बोले निराधार है सभी आरोप
इस पूरे मामले में अधीक्षक कमलेश राक्से का कहना है कि छात्रों द्वारा निराधार आरोप लगाए गए है। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को उन्होंने ही छात्रों की शिकायत 112 पर की थी, इसके अलावा सहायक आयुक्त कार्यालय में भी छात्रों द्वारा धमकाने एवं गलत व्यवहार की शिकायत की गई थी।उन्होंने बताया कि छात्रावास में एक ही परिवार के पांच बच्चे है जिनके द्वारा दबाव बनाया जाता है।शिकायत के बाद मंगलवार को इन छात्रों ने अन्य इसी डर की वजह से विरोध किया था। टीवी एवं डायनिंग के छात्रावास में सहायक आयुक्त के सामने पहुंचाने के सवाल पर उन्होंने अपने भाई एवं अन्य परिजन की तबियत ठीक न होने की वजह से न पहुंचवा पाने का हवाला दिया। छात्रावास अधीक्षक का कहना है कि छात्रावास 50 सीटर है और यहां 50 ही छात्र निवासरत है। इसके अलावा छात्रों को स्कार्पियों से गुंडे बुलवाने की धमकी पर अधीक्षक का कहना है कि उन्होंने तो स्कार्पियों से छात्रावास आना ही छोड़ दिया है। इन सबसे परे सवाल यह है कि छात्रों ने यदि अधीक्षक को धमकी दी थी तो उन्होंने इस मामले में ठोस कार्रवाई करने कदम क्यों नहीं उठाया, क्योंंकि आवेशित छात्र अधीक्षक को नुकसान पहुंचा सकते है। बहरहाल ऐसी स्थिति यदि है कि जब छात्रावास अधीक्षक और छात्रों में बार-बार विरोध एवं टकराव की स्थिति बन रही है तो सहायक आयुक्त को सख्त कदम उठाते हुए अधीक्षक को बदल देना चाहिए।
इनका कहना…
8 मई को अधीक्षक द्वारा सहायक आयुक्त कार्यालय एवं पुलिस को शिकायत की थी, छात्रों की शिकायत मिलने के बाद अधीक्षक और छात्रों के बीच लम्बी बातचीत के बाद समन्वय स्थापित किया गया। तत्काल ही छात्रावास का निरीक्षण किया गया था। आज फील्ड होने की वजह से आगे कोई कार्रवाई नहीं की है। भोजन सहित अन्य व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए है। किसी भी छात्र को रेस्टीगेट नहीं किया है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई है, इस संबंध में नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
विवेक पाण्डे, एसी बैतूल