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आसान नहीं है झोलाछापों के साम्राज्य की नींव हिलाना…!

➡️आसान नहीं है झोलाछापों के साम्राज्य की नींव हिलाना
➡️भीमपुर में पांचवीं पास फर्जी डॉक्टर पर कार्रवाई के बाद जिले के जागरूक नागरिकों को कलेक्टर से आस
➡️परिधि को मिली चिचोली भीमपुर में बंगाली डॉक्टर्स की गोपनीय सूचनाएं,फोटो वीडियो के साथ दी जानकारी,जांच के बाद ही सामने आ सकता है सच..कौन डिग्रीधारी कौन फर्जी..?

गौरी बालापुरे पदम/परिधि ग्राउंड रिपोर्ट- 2

 


आदिवासी जिले की कमान संभालने के बाद कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवने ने अपनी प्राथमिकता में शिक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में गंभीरता से काम करने की बात परिधि न्यूज को दिए साक्षात्कार में भी कही थी।उनकी सकारात्मक सोच के परिणाम भी शिक्षा की दिशा में शिक्षा संजीवनी अभियान के रूप में सामने आ रहे है जहां अंचलों में कलेक्टर के आह्वान पर शासकीय प्राथमिक – माध्यमिक स्कूलों की सूरत बदलने लगी है। स्वास्थ्य की दिशा में भी सिकल सेल, गर्भवती महिलाओं सोनोग्राफी, थैलीसीमिया एवं अन्य सुविधाओं को लेकर वे गंभीर भी है और सक्रिय भी। हाल ही में भीमपुर में पांचवीं पास फर्जी डॉक्टर जामिनी विश्वास के 8 खटिया वाले अस्पताल पर कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीम द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में हडक़ंप मच गया है। खासतौर से भीमपुर क्षेत्र के अधिकांश बंगाली डॉक्टर एक महीने के बाद मिलेंगे ऐसी जानकारियां सामने आ रही है। फर्जी अस्पताल, क्लीनिक पर ताले लटक रहे है और नवरात्रि के बहाने दर्जनों बंगाली डॉक्टर्स वेस्ट बंगाल की टिकट कटवा चुके है। भीमपुर एवं चिचोली में झोलाछाप डॉक्टरो की प्राप्त सूचनाओं की जानकारी कलेक्टर डॉ सोनवणे के संज्ञान में भी है।


भीमपुर ब्लॉक में झोलाछाप डॉक्टर्स का वर्चस्व

भीमपुर ब्लॉक मुख्यालय सहित दर्जनों ग्रामों में झोलाछाप डॉक्टर्स की पैठ है। हालांकि चिखली में छापामार के बाद कई झोलाछाप ने पिछले कुछ दिनों से प्रैक्टिस बंद कर दी है। भीमपुर, झापल,रतनपुर, लक्कडज़ाम, तावडी,चकढाना, गुरवापिपरिया, नांदा, गदाखार ,चौहटा -पोपटी, कुनखेड़ी,डोडाजाम, मोहटा, खैरा, चिलौर, दामजीपुरा, चिखली सहित अन्य ग्रामों में फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंचने वाले मरीजों को कहा जा रहा है कि डॉक्टर साहब 1 महीने बाद मिलेंगे। इससे साफ है कि भीमपुर क्षेत्र में फिलहाल डॉक्टर सदमे में है। जानकारी के अनुसार दामजीपुरा में पूजा प्राथमिक केन्द्र के नाम पर भी फर्जी दवाखाना संचािलत हो रहा है। गौरतलब है कि बैतूल जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंडों में झोलाछाप डॉक्टर्स का वर्षों से शिकंजा है। इनके वर्चस्व के पीछे कई प्रभावशाली लोगों का संरक्षण भी है,प्रशासनिक तंत्र की सांठगांठ और अक्सर जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्रवाई में डाली जाने वाली अड़चने भी कही न कही इस अवैध कारोबार के फलने फूलने के लिए जिम्मेदार है।भीमपुर, चिचोली, घोड़ाडोंगरी,शाहपुर,भैंसदेही, आठनेर के अलावा जिला मुख्यालय, मुलताई, पट्टन और आमला भी झोलाछाप के प्रभाव से अछूते नहीं है।
कम्पाउंडर,नर्स, एमआर भी बने डॉक्टर,जागरूक नागरिकों ने परिधि तक पहुंचाई सूचनाएं


फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध भीमपुर में हुई कार्रवाई का असर गहरा हुआ है। लोगो में भी जागरूकता देखने मिल रही है। चिचोली के एक जागरूक नागरिक ने शहर में चल रही फर्जी दुकानदारी की तस्वीरें और वीडियो भी उपलब्ध कराई है। हालांकि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डॉक्टर फर्जी है या डिग्रीधारी। फिलहाल जो जानकारी सामने आई है वह सार्वजनिक करना इसलिए भी जरूरी है कि लोग सतर्क रहे और फर्जी डॉक्टर से उपचार कराने से बचे। सूत्र बताते है कि जब भी कोई चेकिंग होने वाली रहती है तब अस्पताल के ही कोई कर्मचारी या राजनीतिक लोगों द्वारा झोलाछाप डॉक्टर्स को आगाह कर दिया जाता है।

चिचोली में नहीं खौफ संरक्षण में फल-फूल रहा कारोबार प्राप्त सूचनाएं एक नजर में-
➡️बाजार चौक से सडक़ मोहल्ले की ओर जाते वक्त लेफ्ट हेण्ड पर संचालित क्लीनिक किसी यादव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कोविड-19 के दौरान सील भी किया गया था। इस क्लीनिक पर फिर उपचार होने लगा है।
➡️पुलिस थाना परिसर के साइड में अवैध रुप से संचालित क्लीनिक पर कोई क्वालिफाइड प्रैक्टिशनर नहीं है। जानकारी के अनुसार उपचार करने वाले फजी डॉक्टर ने लैब टैक्निशियन का कोर्स किया है, चिकित्सा संबंधी कोई डिग्री न होने की जानकारी सामने आ रही है और बैतूल-बोरगांव से आना-जाना करते है। साइड में मेडिकल संचालित है जो इस फर्जी डॉक्टर की वजह से ही चल रहा है।
➡️आदिवासियों से जमकर उगाही करने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक चिचोली जय स्तंभ चौक से भीमपुर रोड की ओर जाने पर पड़ता है। यह फर्जी डॉक्टर मरीजों को अक्सर टाईफाइड होना बताता है।
➡️दीक्षा इंटरप्राईजेस के पीछे वाले रास्ते से अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते पर पानी की टंकी से पहले काली माता मंदिर वाली गली में प्रेक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टर की योग्यता एक कपाउंडर की है, प्रतिदिन झोलाछाप का क्लीनिक खुलता है और भोले-भाले लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।
➡️डॉ माईकल की भी शिक्षा संबंधी डिग्री संदेहास्पद है। हरदा रोड की तरफ महर्षि दयानंद स्कूल के पास हरे रंग के मकान में संचालित क्लीनिक के सामने संचालित मेडिकल स्टोर की कमाई का कारण भी झोलाछाप डॉक्टर माइकल ही है।
➡️सरकारी अस्पताल की एक नर्स द्वारा भी प्रेक्टिस की जा रही है। चिचोली के सरकारी अस्पताल के सामने ही नर्स का क्लीनिक है। यहां सरकारी दवाईयों एवं ग्लूकोज की बॉटल का भी उपयोग होता है।
➡️बस स्टैंड पर मोना मोबाइल के पास से लोहे की सीढिय़ो से उपर जाने पर सेंकड फ्लोर पर बंगाली डॉक्टर का डेंटल सेटअप है। यहां भी प्रशासनिक टीम यदि जांच करती है तो डॉक्टर की वास्तविकता के प्रमाण मिल सकते है।
➡️सोनी मेडिकल के पीछे भी अवैध रुप से लोगों का उपचार किया जाता है। दुकान के पीछे ही ग्लूकोज और इंजेक्शन लगा दिया जाता है। जानकारी के अनुसार मेडिकल पर आने वाले मरीजों को यह कहकर अपने फेर में लिया जाता है कि डॉक्टर के पास जाने से पैसे ज्यादा लगेगे। हमको भी सब आता है, हम ही उपचार कर देते है।
नोट उक्त सभी जानकारी सूत्रों के आधार पर प्रकाशित की गई है, उक्त क्लीनिक के संचालकों में कौन डिग्रीधारी है और कौन फर्जी इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ही कर सकता है।

इनका कहना…
झोलाछाप डॉक्टरों पर सतत कार्रवाई होगी, यहं हमारी प्राथमिकता में है। इसके अलावा सभी बीएमओ को भी महीनें में दो-तीन छापामार कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। इस संबंध में आज बैठक भी है।
डॉ संजीव शर्मा, सीएमएचओ, बैतूल

 

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