BREAKING PARIDHI:पांचवी पास डॉक्टर जामीनी विश्वास का आठ खटिया, एक तखत वाला अस्पताल सील,परिधि की सूचना पर कलेक्टर ने करवा दी झोलाछाप डॉक्टर की खटिया खड़ी
➡️पांचवी पास डॉक्टर जामीनी विश्वास का आठ खटिया, एक तखत वाला अस्पताल सील
➡️परिधि की सूचना पर कलेक्टर ने करवा दी झोलाछाप डॉक्टर की खटिया खड़ी
➡️सात बोरी ग्लूकोज की खाली बोतले, सीरींज सहित अन्य मेडिकल वेस्ट सामग्री जब्त


वैसे तो जिले भर में झोलाछाप डॉक्टर्स की भरमार है लेकिन भीमपुर विकासखंड फर्जी एवं झोलाछाप डॉक्टरों का पंसदीदा क्षेत्र है। आदिवासी बाहुल्य विकासखंड के भोले-भाले ग्रामीणों का उपचार कर कई डॉक्टर यहां करोड़पति बन चुके है। ऐसे ही एक पांचवी पास डॉक्टर के क्लीनिक पर सोमवार को कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर कार्रवाई की गई। परिधि न्यूज द्वारा फर्जी डॉक्टर एवं इसके गोरखधंधे को लेकर शनिवार को कलेक्टर डॉ सोनवणे को जानकारी दी थी,इस डॉक्टर द्वारा क्लीनिक में 8 खटिया और 1 तखत पर मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता था। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ मनोज हुरमाड़े को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।



भीमपुर विकासखंड के अंतर्गत हाईवे से लगे चिखली ग्राम में डॉक्टर जमीनी विश्वास द्वारा 8 खटिया वाला अस्पताल लंबे समय से संचालित किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार बिना किसी डिग्री-डिप्लोमा के डॉक्टर द्वारा मरीजों का उपचार एवं भोले-भाले आदिवासियों पर फर्जी डॉक्टर द्वारा मेडिसिन ट्रायल लंबे समय से जारी था। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक समय में डॉक्टर के क्लीनिक में दो दर्जन से अधिक मरीजों को ग्लूकोज भी चढ़ाया जाता था। सीजन के दौरान एक खटिया पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर और संख्या अधिक होने पर जमीन पर चादर बिछाकर भी मरीज भर्ती रहते थे। एक मरीज को दवाए देने, ग्लूकोच चढ़ाने के करीब 750 रुपए का बिल बनाया जाता था। डॉक्टर के पास कोई डिग्री नहीं है और शिक्षा भी पांचवी तक ही होने की चर्चाए है। जब परिधि न्यूज को इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई तो, इस गंभीर मामले की जानकारी कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे को दी गई। जिसके बाद सोमवार को कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ द्वारा संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई कराई गई।
कार्रवाई करने पहुंची टीम में यह थे शामिल

एक साईकिल एक झोला लेकर आया था डॉक्टर जामीनी

अस्सी के दशक में फजी डॉक्टर जामीनी विश्वास एक साइकिल और एक झोला लेकर चिखली आया था। यहां किराए के मकान में रहता था। आज इस डॉक्टर के पास करोड़ों की सम्पत्ति है। दो मंजिला भवन, लाखों रुपए ब्याज पर देना, दो फोर व्हीलर, खाद-बीज दुकान, मेडिकल दुकान, प्राइवेट बैंक का भी संचालन करने की जानकारी सामने आ रही है। भोले-भाले आदिवासियों के साथ झोलाछाप डॉक्टर द्वारा वर्षों से लूट खसौट की जा रही है।
सतीश चौधरी का गुर्जर मेडिकल किया सील


अब बचाव के लिए जमीन तलाश रहा जामीनी
छापामार कार्रवाई से चिखली-भीमपुर सहित अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हडक़म्प व्याप्त है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अपने बचाव के लिए फर्जी डॉक्टर एवं उसके परिवार द्वारा लगातार प्रभावशाली एवं रसूखदार लोगों से सम्पर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। चर्चा है कि जामीनी ने खूब पैसा कमाया है, वह बचाव के लिए पैसों की नदिया बहा देगा। जामीनी के बचाव के लिए कुछ छुटभैयों के सक्रिय होने की भी जानकारी सामने आ रही है। यदि इस तरह लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के बचाव के लिए नेता या अधिकारी शय देंगे तो भविष्य में लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को हौसले और बुलंद होगे। उम्मीद की जा रही है कि फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होने से लोगों की जान दांव पर लगाने वालों को सबक मिलेगा।
चिखली में अवैध क्लीनिक एवं मेडिकल में अवैध उपचार करने की सूचना प्राप्त हुई थी। संयुक्त कार्रवाई की गई। वैध सर्टिफिकेट नहीं मिला, लाईसेंस भी नहीं था। दवाएं जब्त की गई है। एमबीबीएस या एमडी डॉक्टर जो दवा लिख सकते है वह दवाएं कुछ वेटनरी दवाएं भी मेडिकल पर बेची जा रही थी, जिन्हें जब्त किया है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।