कुकरु पहुंचने के आधे घंटे बाद 15 मिनट सन सेट देखेंगे प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव
➡️रात में होगी गांव की चौपाल, जनजातीय परिवार में करेंगे भोजन
➡️जनप्रतिनिधियों के साथ चलेगा चर्चा का दौर, सुनेगे पीएम के मन की बात
➡️दो दिन प्रवास के दौरान कुकरु और जिले को दे सकते है कई सौगातें
गौरी बालापुरे पदम/परिधि न्यूज बैतूल

यदि कश्मीर देश की जन्नत है तो कुकरु मध्यप्रदेश की जन्नत है। सतपुड़ा की वादियों में बसे कुकरु की आकर्षक छटाएं अक्सर लोगों को आकर्षित करती रही है। 27 एवं 28 जून को प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील के अंतर्गत आने वाले पर्यटक स्थल कुकरु के प्रवास पर है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही है, प्रशासन अलर्ट मोड पर है, यहां ब्रिटिशकालीन रेस्ट हाऊस सज-धजकर तैयार है। सबसे ज्यादा उत्साह यहां ग्रामीणों में है, उत्साह के साथ उम्मीदें है जिलेवासियों को कि कुकरु जो अब तक अपने दम पर देश-प्रदेश वासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता रहा है, वहां सरकार की नैमते बरसेंगी और देश-दुनियां कुकरु के सौन्दर्य दर्शन के लिए लालायित होगी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक लंबे समय से कुकरु के संरक्षण एवं इसे पर्यटक हब के रुप में विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है, सीएम के दो दिवसीय प्रवास से अब उम्मीद की जा रही है कि कुकरु को पर्यटन के मानचित्र पर स्थायी पहचान मिलेगी। कुकरु का सन सेट, बुच पाइंट, ब्रिटिशकालीन कॉफी बागान, एडवंचर स्थल,जनजातीय संस्कृति एवं सभ्यता से परिपूर्ण परिवेश ही यहां की विशेषता है। कुकरु गए और यहां सन सेट नहीं देखा तो क्या देखा, जिसे देखने दूर-दूर से पर्यटक पहुंचते है। मुख्यमंंत्री डॉ यादव भी 27 जून को कुकरु पहुंचने के आधे घंटे बाद ही सन सेट स्थल पर पहुंचेगे और करीब 15 मिनट तक यहां मौजूद रहेंगे।

➡️सीएम के दो दिवसीय प्रवास को खास बनाने की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीएम डॉ मोहन यादव 27 जून को कुकरु पहुंचने के बाद करीब 20 मिनट रेस्ट हाऊस में रुकेंगे और यहां से वे सनसेट पाइंट पर जाएंगे। सनसेट पाइंट पर करीब 15 मिनट तक रुकने के दौरान वे सनसेट का आनंद लेंगे। रात में ग्राम पंचायत कुकरु में रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से करीब सवा घंटे तक संवाद करेंगे। रात्रि भोजन ग्राम के ही जनजातीय परिवार के घर पर होगा। रात्रि भोजन के बाद करीब एक घंटे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

रात्रि 10 बजे सीएम रेस्ट हाऊस में विश्राम के लिए पहुंचेगे। 28 जून को सुबह 6.30 बजे से अगले दिन की दिनचर्या प्रारंभ होगी। सीएम द्वारा सुबह मेडिटेशन किया जाएगा। प्रवास के दूसरे दिन वह स्व सहायता समूह द्वारा संचालित मावा दुकान एवं दुग्ध उत्पादों का अवलोकन करेंगे। साथ ही उनके द्वारा पौधरोपण भी किया जाना है। सुबह 8 बजे से 9 बजे तक ब्रिटिशकालीन कॉफी बागान का विजिट एवं इसके ऐतिहासिक पहलुओं को जानेंगे।
➡️जनप्रतिनिधियों से संवाद, सुनेंगे पीएम के मन की बात

कुकरु प्रवास के दूसरे दिन कॉफी बागान के विजिट के बाद मुख्यमंत्री द्वारा जनप्रतिनधियों के साथ एक घंटे कुकरु सहित जिले में विकास की संभावनाओं एवं अन्य विषयों पर मंथन किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र एवं ग्राम के लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण करेंगे। मुख्यमंत्री के जिले में दो दिवसीय प्रवास से उम्मीदें की जा रही है कि कुकरु को पर्यटन हब के रुप में विकसित करने एवं जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं सीएम करेंगे।
➡️चमक गया रेस्ट हाऊस और कुकरु जाने वाली सडक़ भी

सीएम के आगमन को लेकर कुकरु आतुर है, दक्षिण वन मंडल द्वारा कुकरु रेस्ट हाऊस में सीएम के प्रवास की दृष्टि से पूरी तैयारियां कर ली है। रेस्ट हाऊस चमक रहा है, इसके अलावा प्रशासन द्वारा भी कुकरु तक पहुंचने वाली सडक़ों के गड्ढे भरने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं की है। कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवाणे लगातार कुकरु में सीएम प्रवास को लेकर एक्टिव है।

महकमें को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ चाक-चौबंद रहने के लिए कहा गया है। 24 जून को क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र सिंह चौहान एवं कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कुकरु पहुंचकर निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दायित्व सौंपते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए थे।

समुद्र तल से 1137 मीटर की ऊंचाई पर बसे कुकरु में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड होम स्टे, ग्रामीण पर्यटन एवं एडवेंचर टूरिम को बढ़ावा देने तथा इको टूरिज्म कॉर्पोरेशन क्षेत्र के विकास के लिए अपनी कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। पर्यटन के साथ-साथ कुकरु में स्थानीय रोजगार बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास होंगे। वैसे तो कुकरु में पर्यटन की संभावनाओं पर वर्षों से बातें होती रही है, लेकिन पर्यटन के मानचित्र पर कुकरु को रेखांकित करने की तैयारी जो वर्तमान में नजर आ रही है उससे कयास लगाएं जा रहे है कि अब ठोस योजना और प्रत्यक्ष परिणाम देखने मिलेंगे।
➡️मिस फ्लोरेंस हेड्रिक्स ने 1944 में लगाया था कुकरु में कॉफी बागान

जिला मुख्यालय से 93 किलोमीटर दूर भैंसदेही मुख्यालय से 33 किलोमीटर दूर समुद्र सतह से 3 हजार 668 फीट की ऊंचाई पर बसे कुकरू की हसीन वादियां यहां आने वाले पर्यटकों के मन को लुभाती है। पहाड़ों की सौंदर्यता, भोडिय़ा कुंड की पहाडिय़ों के समीप सूर्यास्त का दृश्य, दिलकश मंजर, बुच पॉइंट देखने के लिए यहां पर्यटक आते हैं। कुकरू की आबोहवा को कॉफी उत्पादन के लिए अनुकूल पाकर ब्रिटिश महिला मिस फ्लोरेंस हेड्रिक्स ने वर्ष 1944 में यहां पर कॉफी बागान स्थापित किया था।

कुछ साल पहले तक यह सेंट्रल इंडिया का इकलौता कॉफी बागान था। कुछ वर्ष पहले मंडला जिले में भी प्रायोगिक तौर पर कॉफी का उत्पादन लिया जाने लगा है। पिछले कुछ दशकों में संरक्षण के अभाव में कॉफी के बागान खत्म होने लगे थे लेकिन ईको टूरिज्म विभाग ने यहां संरक्षण काम शुरू कर दिया है। कभी मप्र का इकलौता कॉफी उत्पादक क्षेत्र रहा इस क्षेत्र में करीब सौ साल पहले कॉफी के बागानों की संभावनाएं तलाशी गई थी। कुकरू के पहाड़ों में कॉफी उद्यान लगाए जाने से प्रदेश में कुकरू की एक अलग पहचान है। कुकरू में सन 1906 में अंग्रेजों ने विश्राम गृह बनाया था। इसी विश्राम गृह के आस-पास अंग्रेज मिस फ्लोरेंस हैंड्रिक्स ने सन 1944 में 160 एकड़ खेती में कॉफी उद्यान लगाया था।

देश के गिने-चुने प्रांतों में ही उत्तम किस्म की कॉफी की खेती होती है। भैंसदेही तहसील के कुकरू में उत्तम किस्म की अरेबिका नामक कॉफी का उद्यान है।

इससे कुकुरू की मप्र में एक अलग पहचान है। कुकरु में बुच व्यू पांइट भी प्रसिद्ध है यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा अप्रतिम होता है। यहां पर पवन चक्की भी देखने मिलती है, पवन चक्की से बिजली बनाई जाती है।
