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नीमच के चौकड़ी गांव में पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया 7 घंटे बंधक

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के 10-12 राउंड छोड़े

✓नीमच के चौकड़ी गांव में पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया 7 घंटे बंधक

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सिंगोली थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जांच के लिए चौकड़ी गांव का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के दो वाहनों को बुलडोजर (जेसीबी) लगाकर घेर लिया और पुलिसकर्मियों को लगभग 7 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, तब जाकर पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों के चंगुल से निकाला जा सका।

ये है पूरा मामला

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पुलिस के अनुसार, सिंगोली थाना पुलिस ने सोमवार को चौकड़ी गांव के नीलेश धाकड़ को 54.300 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस की टीम तीन गाड़ियों के साथ आरोपी के गांव पहुंची। लेकिन जैसे ही वे वापस लौट रहे थे, ग्रामीणों ने पुलिस की दो गाड़ियों को घेर लिया। एक पुलिस वाहन से कुछ पुलिसकर्मी बाहर निकल गए थे, जबकि बाकी दो गाड़ियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।

ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए ये आरोप

ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने जिस युवक को पकड़ा था, उसके पास 30 किलो अवैध मादक पदार्थ था, लेकिन पुलिस ने उसकी मात्रा बढ़ाकर 54 किलो कर दी। उनका कहना है कि पुलिस झूठे मामलों में फंसाकर मादक पदार्थ तस्करी के नाम पर अवैध असूली कर रही है। इस आरोप के बाद ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और पुलिसकर्मियों को उनके ही वाहनों में बंद कर दिया।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई

जब पुलिस बल के अन्य सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पुलिस वाहनों और पुलिसकर्मियों को छुड़ाने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने इस पर जवाबी कार्रवाई की और हल्के बल का प्रयोग किया। साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बाद पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों से बाहर निकाला जा सका। इस पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।बता दें कि, इस प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने पुलिस के खिलाफ अपना विरोध जताया। हालांकि, अब पुलिस ने दोनों वाहनों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया है और पथराव में घायल पुलिसकर्मियों का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है।

ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया

एएसपी नवल सिंह सिसोदिया ने बताया कि ग्रामीणों ने विवाद खड़ा करने के साथ-साथ पथराव किया, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई के दौरान आंसू गैस के करीब 10-12 राउंड छोड़े, जिससे स्थिति नियंत्रित हो पाई। पुलिस ने बताया कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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