पैसे और गाड़ी मांगने पर बना अपहरण का मामला
अक्षय तातेड़ ने बताई अपनी पीड़ा, वीडियो में सामने आई साजिश, कहा मेरी और परिवार की सुरक्षा खतरे में
✓पैसे और गाड़ी मांगने पर बना अपहरण का मामला
✓अक्षय तातेड़ ने बताई अपनी पीड़ा, वीडियो में सामने आई साजिश
✓एफआईआर पर उठाए सवाल, हिमांशु दुबे पर गंभीर आरोप
✓अक्षय ने कहा मेरी और परिवार की सुरक्षा खतरे में
परिधि न्यूज बैतूल

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. टेकचंद तातेड़ के सुपौत्र और समाजसेवी अक्षय तातेड़ के खिलाफ अपहरण के आरोपों ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। अक्षय ने एक वायरल वीडियो जारी कर आरोपों को साजिश बताते हुए अपनी बेगुनाही के पुख्ता सबूत पेश किए हैं। वीडियो में तथाकथित पीड़ित हिमांशु दुबे और अक्षय के बीच पैसे और गाड़ी को लेकर बातचीत हो रही है, जिसमें कहीं से भी अपहरण का संकेत नहीं मिलता। अक्षय ने बताया कि उन्होंने हिमांशु को दोस्ती में लाखों रुपये उधार दिए थे, जिसे वह लौटाने में टालमटोल कर रहा था। अपने खिलाफ दर्ज मामले को राजनीति और पुलिस की मिलीभगत का नतीजा बताते हुए अक्षय ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वीडियो में सच्चाई का दावा

अक्षय तातेड़ ने अपने बयान में कहा कि हिमांशु दुबे नामक उनके मित्र ने पैसे और गाड़ी लौटाने के बजाय उनके खिलाफ अपहरण का झूठा आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि हिमांशु ने उनकी एवेंजर बाइक महज 16 हजार रुपये के लिए गिरवी रख दी थी और उनके बार-बार पैसे मांगने पर भी टालमटोल करता रहा। अक्षय ने दावा किया कि उन्होंने दोस्ती में हिमांशु को करीब 20 से 25 लाख रुपये दिए थे, जो बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। जब उन्होंने पैसे लौटाने का आग्रह किया, तो हिमांशु ने कोई जवाब नहीं दिया और अचानक पुलिस को अपहरण की झूठी सूचना दे दी।
पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई पर सवाल
2 नवंबर 2024 को थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 1089/2024 के तहत अक्षय के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अक्षय ने बताया कि रात के करीब 3 बजे पुलिस ने उनके घर पर बिना महिला पुलिसकर्मियों के घुसपैठ की। उस समय घर में केवल उनके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चे मौजूद थे। उन्होंने इसे कानून का उल्लंघन और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
दोस्ती में विश्वासघात का आरोप
अक्षय ने कहा कि उन्होंने हिमांशु से केवल अपने पैसे और गाड़ी लौटाने की बात की थी। लेकिन हिमांशु ने उन्हें फंसाने के लिए साजिश रच डाली। उन्होंने हिमांशु के खिलाफ दिए गए पैसे और गिरवी रखी गाड़ी के सारे सबूत पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने हिमांशु पर पुलिस को गुमराह करने और कानून का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया।
अक्षय ने पुलिस अधीक्षक से इस मामले की गहराई से जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि वह हिमांशु दुबे की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक स्टेटमेंट की जांच करें, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
अक्षय ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इसमें उन्होंने बताया कि हिमांशु ने उनकी पत्नी से भी 5 हजार रुपये लिए थे।इस पूरे मामले को लेकर अक्षय का कहना है कि उसने बेगुनाही के सारे सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं और वह किसी भी प्रकार की गलत गतिविधियों में शामिल नहीं है। हिमांशु ने उसके साथ विश्वासघात किया है और पुलिस को गुमराह कर झूठा मामला दर्ज करवाया है।