कलेक्टर का खौफ: इस सीजन तो माफिया के लिए मुश्किल होगा डुल्हारा के कोयले का कारोबार..!
✓कलेक्टर का खौफ: इस सीजन तो माफिया के लिए मुश्किल होगा डुल्हारा के कोयले का कारोबार..!
✓ईमानदार खनिज विभाग ढूंढ-ढूंढकर बंद कर रहा है कोयले के अवैध ठिकाने
परिधि न्यूज बैतूल

डुल्हारा में कोयला माफिया द्वारा दो दशक पहले खोदे गए गड्ढों एवं सुरंगों भी बड़े-बड़े बोल्डर भरकर बंद किया जा रहा है। ब्लास्टिंग के माध्यम से मुहाने तोड़े जा रहे है ताकि कोल माफिया दोबारा यहां कोयला खनन के बारे में विचार भी न करें। खनन के ठिकानों को बंद करने में खनिज विभाग के जिम्मेदारों की सांसे फूल रही है। हालांकि कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की हिदायतों का खौफ खनिज विभाग के साथ-साथ संबंधित विभाग के नुमाइंदों में भी देखने मिल रहा है। यही वजह है कि ढूंढ-ढूंढकर सभी नए-पुराने गढ्ढों को भरा जा रहा है।
एमएमओ और इंस्पेक्टर की निगरानी में लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई

डुल्हारा में कोयले की अवैध सुरंगे एवं कुएंनुमा गहरे गड्ढों को बंद करने की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। खनिज अधिकारी मनीष पालेवार के निर्देश पर एएमओ बीके नागंवशी एवं खनिज निरीक्षक वीरेन्द्र वशिष्ट अपनी निगरानी में डुल्हारा में अवैध कोयला खनन के ठिकानों को बंद करने में जुटे है। बुधवार सुबह भी लगतार जेसीबी एवं डम्पर के माध्यम से सुरंगों को भरा गया।
पहले की जाती थी सिर्फ खानापूर्ति


डुल्हारा में कोयला खनन की शिकायतें मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अक्सर सुरंगों के मुहाने तहस-नहस करने के निर्देश दिए जाते थे, सुरंगों में पानी छोड़ दिया जाता था, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। कोल माफिया को अब डुल्हारा से कोयला निकालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ेेगी।
क्योंकि जब सुरंगों में पानी भरा जाता था तो आसानी से पानी मोटर के माध्यम से बाहर कर देते थे, तोड़े गए मुहाने भी दुरस्त कर कोल माफिया फिर अपने काम में लग जाता था, लेकिन इस बार जिस तरह बोल्डर एवं बड़े-बड़े पत्थरों से सुरंगों को बंद किया है एवं गड्ढों को भरा जा रहा है उसे हटाने में माफिया को भी मशीनों का सहारा लेना पड़ेगा और कलेक्टर के खौफ के सामने निकट भविष्य में यह संभव नहीं है। हालांकि कोल माफिया के लिए नए गड्ढे खोदना ज्यादा मुश्किल नहीं है, लेकिन पूर्व में की गई कार्रवाईयों से यह कार्रवाई ज्यादा प्रभावी एवं कोल माफिया के हौसले पस्त करने वाली है।
वाह साहब..वन विभाग की जमीन पर खोदा गड्ढा भी ढूंढ निकाला

खनिज विभाग का ईमानदार महकमा फिलहार पूरी तरह मुस्तैद है। दूसरे दिन खनिज इंस्पेक्टर वीरेन्द्र वशिष्ट ने वह नया ठिकाना भी ढूंढ ही लिया जो वन विभाग की भूमि पर था। गांव के आखिरी दो मंजिला मकान से आगे दो सौ मीटर की दूरी तय करने के बाद दो राहे से आगे बढ़ते ही वन विभाग का सीमाक्षेत्र प्रारंभ हो जाता है और यहीं से कुछ कदम पर फगन और पेे्रम ने कोयला खनन के लिए नया ठिकाना खोजा था, यहां से करीब एक सप्ताह तक कोयला निकाला भी गया।
परिधि न्यूज ने वन विभाग की जमीन तक कोलमाफिया के पहुंचने की जानकारी भी दी थी, जिसे भी आखिर खनिज महकमें ने ढूंढ निकाला और बोल्डर से बंद कर दिया।
इनका कहना…
बड़े बोल्डर से सभी गड्ढों एवं सुरंगों को बंद कराया जा रहा है। गहरे गड्ढे है और सुरंगे भी काफी पुरानी है उन्हें बंद करने में वक्त लगेगा।
वीरेन्द्र वशिष्ट, खनिज इंस्पेक्टर बैतूल