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दो, तीन और 5 K आया फोन पे, 10 K क्या कोल माफिया 1 M भी देने हो जाता तैयार..!

प्रेम के पैसे..प्रेम से लौटाने की जानकारी  कलेक्टर के संज्ञान में भी 

✓दो, तीन और 5 K आया फोन पे, 10 K क्या कोल माफिया 1 M भी देने हो जाता तैयार..!
✓प्रेम के पैसे..प्रेम से लौटाने की जानकारी  कलेक्टर के संज्ञान में भी 

परिधि न्यूज बैतूल

 

फोन पे पर परिधि न्यूज को डाली गई राशि
फोन पे से लौटाई गई राशि
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डुल्हारा में कोल माफिया आखिर किस तरह इस गोरखधंधे पर काम कर रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी प्रेम पाटिल ने परिधि न्यूज की पहली खबर के बाद ही सम्पर्क कर जो चाहिए वह देंगे, पर खबरे ब्रेक करने की पेशकश की। इसके साथ ही दो हजार रुपए फोन पे कर दिए। यह राशि वापस लौटाने के बाद फिर तीन हजार रुपए का ऑफर आया जिसे भी परिधि न्यूज की संपादक द्वारा लौटा दिया। इधर खबरों का सिलसिला जारी रहा और कोयला खनन खटाई में पडऩे लगा। इसके बाद प्रेम के नंबर से फिर 5 हजार रुपए आ गए साथ में मैसेज भी आया दीदी भाई को बरबाद करके आपको क्या मिलेगा? यह सभी मैसेज परिधि न्यूज द्वारा जिला कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी से भी सांझा किए। प्रेम द्वारा एक दो दिन में दस हजार रुपए देने की पेशकश कर परिधि न्यूज की खबरों पर अंकुश लगाने का भी प्रयास किया लेकिन राशि डालने से मना कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि दीपावली के दो दिन पहले बैतूल आकर इस व्यक्ति ने कई लोगों को मिठाई बांटी। जिस तरह परिधि न्यूज में लगातार आ रही खबरों से डुल्हारा में कोयला खनन खटाई में आ गया है उससे यह तो स्पष्ट है कि लाख रुपए की डिमांड भी की जाती तो घोड़ाडोंगरी का प्रेम दे जाता।
परिधि न्यूज को सेट करो, नहीं तो सपोर्ट करना मुश्किल होगा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिधि न्यूज में लगातार समाचार प्रसारित होने के बाद लखन, फगन और प्रेम के बीच गांव में संवाद भी हुआ। जिसमें बाकायदा परिधि न्यूज को सेट करने की बातें सामने आई। कोल माफिया का कहना था आखिर उससे (परिधि न्यूज की संपादक ) बात करेगा कौन वह लेडीज है।जिस प्रेम को आगे समाचार प्रसारित न होने पाये इसकी जिम्मेदारी दी गई थी, उसे परिधि की संपादक ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि अब कोई कॉल या पैसे फोन पे पर डाले गए तो शिकायत की जाएगी। हालांकि एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा फगन को बुलाकर यह तक कहा गया कि उपर से प्रेशर है मैं ज्यादा साथ नहीं दे पाऊंगा। बहरहाल डुल्हारा में हो रहे खनन को यदि पूर्णत: बंद कर दिया जाता है तो होली दीवाली के बोनस के साथ महीने की पेशगी कई लोगों की बंद हो जाएगी। उम्मीद है कि कलेक्टर, एसपी एवं जनप्रतिनिधि इस मामले में कोई ठोस कदम जल्द ही उठाएंगे। सूत्रो के मुताबिक जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि मिलकर डुल्हारा से कोल माफिया का कलंक साफ करने की रणनीति तैयार कर चुके है। जल्द ही इसके परिणाम सामने आ जाएंगे।
प्रेम का नंबर और यूपीआई आईडी ट्रेस करने से खुल जाएंगे कई राज, रजिस्टर तो यहां भी है ! 

डुल्हारा में कोयला खनन के सिंडीकेट में महत्वपूर्ण भूमिका घोड़ाडोंगरी के प्रेम की है। सारे तरह के मैनेजमेंट प्रेम के हाथों में ही है। यदि प्रशासन चाहे तो प्रेम के मधुर संबंधों के सारे राज उसके मोबाईल नंबर और ट्रांजेक्शन, बैंक डिटेल खंगालने से ही सामने आ जाएंगे। बहरहाल यह तो तय है कि परिधि की खबरों ने रात में जागने वाले कोल माफिया को अब रात  भर में सोने के लिए मजबूर कर दिया है। कोल माफिया अब खबरों को रोकने के लिए नए नए हथकंडे भी अपनाने लगा है। सूत्रों की माने तो जिनको भविष्य में कोल माफिया से होने वाली कमाई का नुकसान होता दिख रहा है वह सब भी अब एक माला के मोती बनकर इस प्रयास में जुट गए है कि बस किसी भी तरह कोयला निकलता रहे और उनकी जेबे भरती रहें।इसके लिए प्रेम द्वारा फोन पे करने की पे स्लिप इधर उधर की जा रही है..लेकिन रिसीविंग की भनक तक किसी को नहीं होने दी जा रही।
जनप्रतिनधियों ने भी जताई डुल्हारा के हाल पर चिंता
डुल्हारा में जिस तरह कोयले का दोहन अवैध तरह से किया जा रहा है, बिना किसी सुरक्षा से जान माल को ताक पर रखकर उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद और घोड़ाडोंगरी का माफिया कोयले से काली कमाई में लगा हुआ है उसे लेकर घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उईके ने भी चिंता जताई साथ ही बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने भी डुल्हारा में हो रहे अवैध खनन पर कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं एसपी निश्छल झारिया से दो दिन पहले चर्चा कर कार्रवाई के लिए कहा है। इस सप्ताह डुल्हारा को लेकर प्रशासन सख्त एवं ऐसे कदम उठा सकता है कि दोबारा कोल माफिया डुल्हारा की जमीन पर सर भी न उठा पायेगा।

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