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रात नौ से दो बजे तक आधा सैकड़ा मजदूरों ने डुल्हारा में किया कोयला खनन

पहले ट्रेक्टर फिर 6 चका ट्रक में लोड कर कोयला शाहपुर थाने के सामने से तीन बजे हो गया बाहर

✓रात नौ से दो बजे तक आधा सैकड़ा मजदूरों ने डुल्हारा में किया कोयला खनन
✓पहले ट्रेक्टर फिर 6 चका ट्रक में लोड कर कोयला शाहपुर थाने के सामने से तीन बजे हो गया बाहर
परिधि न्यूज बैतूल

फाइल फोटो

डुल्हारा में कोयला माफिया के हौसले बुलंद है, प्रशासन ने एक बार एक्शन मोड में आकर दीपावली के पहले जरुर कोल माफिया पर अंकुश लगाने का प्रयास किया लेकिन 24 घंटे बाद ही फिर कोयला खनन शुरु हो गया। बीती रात तीन बजे एक छह चका ट्रक में कोयला लोड कर जिले के बाहर भेजा गया। खनिज, राजस्व और पुलिस की टीम कोयले के खनन पर अंकुश लगाने में आखिर क्यों नाकाम हो रही है यह संदेहास्पद है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी अवैध कोल खनन के मामले में सख्त है, लेकिन इस मामले में अधीनस्थ अधिकारियों पर उनकी सख्ती बेअसर साबित हो रही है। गौरतलब है कि परिधि न्यूज द्वारा पूर्व में प्रसारित समाचार के बाद कलेक्टर के निर्देश पर खनिज, राजस्व एवं पुलिस का संयुक्त दल मौके पर पहुंचा और काम बंद करवाया लेकिन 24 घंटे तक काम बंद रखने के बाद स्थानीय कोल माफिया फगन ने फिर डुल्हारा में पुरानी खदानों के अलावा चार नए गड्ढे खुदवाकर कोयला खनन और परिवहन शुरु करवा दिया। कभी दीपावली की छुट्टी तो कभी अन्य कारणों से प्रशासनिक अमला शांत बैठा रहा और अभी भी कोल माफिया पर अंकुश नहीं लग पाया है। प्रशासन की कोल माफिया को मिल रही ढील से कयास लगाए जा रहे है कि कोल माफिया के साथ सांठ-गांठ से डुल्हारा की धरती को रोज छलनी किया जा रहा है।
आधा सैकड़ा मजदूरों ने  पांच घंटे, दो खदानों से निकाला कोयला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात 9 बजे सजीवन के घर के पास एवं यहां से करीब 500 मीटर दूर एक नए गड्ढे से कोयला खनन करवाया गया। आधा सैकड़ा से अधिक मजदूरों ने खनन को अंजाम दिया और ट्रेक्टरों में कोयला लोड किया गया। ट्रेक्टरों से यह कोयला एक छह चका ट्रक में लोड करने के बाद ट्रक को रवाना किया गया जो भौंरा चौकी के सामने से होते हुए शाहपुर थाने के सामने से रात करीब 3 बजे निकला। न पुलिस, न राजस्व और न ही खनिज महकमा फगन, लखन और प्रेम पर अंकुश लगा पा रहा है।
मजदूरों की सुरक्षा पर भी सवाल
कोल माफिया द्वारा रात के समय प्रतिबंधित क्षेत्र में कोयले का खनन कराया जा रहा है। आधा सैकड़ा से अधिक मजदूर बिना किसी सुरक्षा के खदानों में उतारे जा रहे है यदि कोई खदान धसक जाती है और किसी जान माल का नुकसान यदि होता है तो इसकी जिम्मेदारी आखिरी किसकी होगी। सूत्रों की माने तो बीती रात भी आधा सैकड़ा से अधिक मजदूरों से काम कराया गया। यही नहीं कोल माफिया ने आज तीन खदानों से कोयला खनन करने का प्लान बनाया है, इसके लिए बाकायदा मुआयना किया जा चुका है, इस लिहाज से कोल माफिया की मंशा है कि आज एक की जगह दो ट्रक कोयला खनन किया जाएगा। बेखौफ होकर कोल माफिया सुरंग के माध्यम से कोयला खनन में संलिप्त है और प्रशासन बस एक बाद मौके पर पहुंचकर खानापूर्ति करने के बाद शांत बैठ गया।
कलेक्टर से बड़ी कार्रवाई की उम्मीद
डुल्हारा में चल रहे कोल खनन को लेकर उम्मीद की जा रही है कि कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देंगे। वैसे भी कलेक्टर श्री सूर्यवंशी, रेत, मुरम, गिट्टी के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में पूर्व में अपनी सख्ती एवं करोड़ों रुपए के जुर्मानें की कार्रवाई से चौका चुके है। के्रशर, मुरम, रेत जैसे मामलों में वे जिस तरह एक कदम आगे बढक़र कार्रवाई करते रहे है उम्मीद की जा रही है कि डुल्हारा में हो रहे अवैध कोल खनन के मामले में उनका सख्त एक्शन जल्द देखने मिल सकता है।
इनका कहना…
आज दो इंस्पेक्टर की ड्यूटी उसी क्षेत्र में लगाई जा रही है। अवैध रूप से कोयला खनन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
मनीष पालेवार, खनिज अधिकारी बैतूल

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