निराला “काव्य रत्न” सम्मान से सम्मानित डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’

✓निराला “काव्य रत्न” सम्मान से सम्मानित डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’
राजेश खड़से परिधि न्यूज मुलताई
बैतूल- नगर के साहित्यकार स्व.श्री नरेन्द्र पाल सिंह पुण्डीर की साहित्यकार बेटी डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ को पुनः राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति के नेतृत्व में नमो फाउंडेशन, सिंगरौली द्वारा हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि /लेखक सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की स्मृति में आयोजित कविता लेखन प्रतियोगिता में चयनित होने के उपरांत *निराला “काव्य रत्न” सम्मान* से सम्मानित किया गया है।


नमो फाउंडेशन द्वारा आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में ‘आदर्श युवा की पहचान/ समाज मे मेरा योगदान’ विषय पर आमंत्रित सैकड़ों आवेदनों में डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ द्वारा ‘समाज मे मेरा योगदान’ विषय पर अपनी रचना भेजी थी। निराला रत्न सम्मान से सम्मानित होने पर नमो फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति, उनके परिवारजनों द्वारा इस उपलब्धि में ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है।
डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ की रचनाओं में समाज का दर्पण, मानवीय संवेदनाओं के साथ जीवन के अनुभवों का समावेश मिलता है। उनकी रचनाओं में शब्दों का जादू अलग ही दिखलाई देता है। उनका साहित्य समाज की जड़ों, प्रकृति व उनके परिवेश से जुड़कर लिखा जाता है। इनकी अब तक तीन कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी है, एवं तीन प्रकाशनार्थ है। वहीं अब तक इनके द्वारा 60 से अधिक आलेख एवं 375 से अधिक साझा काव्य संकलनों में वे अपना योगदान दे चुकी है, जो कि अनवरत जारी है।
विशेष बात यह है कि अभी कुछ दिनों पूर्व ही इन्हें नमो फाउंडेशन द्वारा ‘रामधारी सिंह दिनकर साहित्य सेवा सम्मान-2024’, एम एस डब्ल्यू, मुम्बई द्वारा ‘महादेवी वर्मा रत्न सम्मान-2024, रत्नाचल जिला साहित्य समिति, गरियाबंद (छ ग) द्वारा ‘महात्मा गांधी साहित्य सेवा सम्मान-2024’, गोल्डन एरा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के तहत ‘यूनिवेसल स्टार अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। इन्हें अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचो के द्वारा विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया गया है। इनकी रचनायें राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर पत्र/ पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती है।
इस प्रतियोगिता में देशभर से सैकड़ों प्रविष्टियां प्राप्त हुई थी, जिनमें 70 श्रेष्ठ कविताओं के चयन पर उक्त सम्मान से सम्मानित किया गया है।निराला “काव्य रत्न” सम्मान मिलने पर इन्होंने नगर का गौरव बढ़ाया है, जिससे नगरवासियों द्वारा इनको अनेक शुभकामनायें दी गई है।