रिंगढाना स्कूल हुआ जर्जर विद्या मंदिरों की दुर्दशा के बीच भविष्य का निर्माण

✓रिंगढाना स्कूल हुआ जर्जर विद्या मंदिरों की दुर्दशा के बीच भविष्य का निर्माण
मनोहर अग्रवाल परिधि न्यूज खेड़ीसावलीगढ़
जिले में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा की ओर शासन प्रशासन की ओर से कितना ध्यान दिया जा रहा है,
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण विकास खंड भीमपुर के संकुल चांदू के रिंग ढाना शासकीय स्कूल को
देखकर लगाया जा सकता है। रिंगढाना स्कूल में छात्र छात्राए और शिक्षक दोनो दहशत में शाला संचालन कर रहे है। शाला भवन के छत की जर्जर
हालत का आलम ये है कि छत की सरिया बाहर निकल आई है।और पूर्णतः दम तोड चुकी है।जिससे शाला भवन छत कभी भी डह सकता है। सीमेंट भी झड़ने लगा है शाला भवन का रखरखाव पुताई वगेरह नही होने से भवन ऐसा दिखलाई दे रहा जैसे बहुत पुरानी इमारत है। स्कूल का नाम भी पढ़ा नही
जा सकता। ग्रामवासियों ने इस ओर ग्राम पंचायत से लेकर शिक्षा अधिकारयों का भी ध्यान दिलाया लेकिन देखकर भी लापरवाही बरती जा रही है जिसके दुष्परिणाम शाला में अध्यनरत छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ सकता है।