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PARIDHI BREAKING: कलेक्टर साहब रातामाटी में छाया चला रही फावड़ा, हरमिला तगाड़ी में सर पर ढो रही सीमेंट और रेत का मसाला

गांव की बेटियों के हाल: किसी ने स्कूल छोड़ दिया तो कोई स्कूल ड्रेस में बना रही स्कूल की बाउंड्रीवाल और सडक़  

बाल मजदूरी…!!!
✓कलेक्टर साहब रातामाटी में छाया चला रही फावड़ा, हरमिला तगाड़ी में सर पर ढो रही सीमेंट और रेत का मसाला
✓गांव की बेटियों के हाल: किसी ने स्कूल छोड़ दिया तो कोई स्कूल ड्रेस में बना रही स्कूल की बाउंड्रीवाल और सडक़  
✓सर्व शिक्षा अभियान को ठेंगा..पढऩे की उम्र में गांव की नाबालिग बच्चियों को ग्राम की पंचायत ने बना दिया मजदूर

गौरी बालापुरे पदम/ मनोहर अग्रवाल

परिधि ग्राउंड रिपोर्ट

बच्चों का काम स्कूल जाना है न कि मजदूरी करना, लेकिन आदिवासी बाहुल्य भीमपुर विकासखंड की इस पंचायत में स्कूल जाने की उम्र में बेटियां स्कूल की बाउंड्रीवाल बना रही है। 5 वी और 8 वी तक पढऩे के बाद स्कूल छोडक़र गांव की बेटियां फावड़े से रेत सीमेंट का मसाला बनाते और तगाड़ी में मसाला सर पर ढोने विवश है। यह कड़वा सच है कि बाल मजदूरी बच्चों से स्कूल जाने का अधिकार छीन लेती है और उनकी शिक्षा में बहुत बड़ी रुकावट बनती है। वैसे तो पुरे जिले में शिक्षा के प्रति जागरुकता लाने और बेटियों को पढ़ाने के लिए शहरों से लेकर ग्रामों तक की दीवारे बेटी-पढ़ाओ-बेटी बचाओं नारों से पाट दी गई है, लेकिन मैदानी स्थिति में भीमपुर विकासखंड के ज्यादातर गांवों में वास्तविकता सर्व शिक्षा अभियान को आईना दिखाती नजर आ रही है। इसका उदाहरण परिधि न्यूज के माध्यम से आपके सामने लाई गई तस्वीरें और इन आदिवासियों बेटियों से की गई बाते है।
रातामाटी में पांचवी की छात्रा भी कर रही मजदूरी

आदिवासी बाहुल्य भीमपुर की ग्राम पंचायत जामू के अंतर्गत आने वाले ग्राम रातामाटी में कक्षा 5वीं और 8वी की छात्राएं स्कूल की बाउण्ड्रीवाल और सडक़ बना रही है।

निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा इन नाबालिक बालिकाओं से मजदूरी कराई जा रही है। परिधि की टीम को सोमवार दोपहर मे जामू पंचायत के रातामाटी में गांव की बेटी छाया रेत-सीमेंट का मसाला फावड़े से मिलाती नजर आई तो हरमिला सर पर तगाड़ी में यह मसाला ढो रही थी। कलावती बाउण्ड्रीवाल बना रहे राज मिस्त्री को ईंट देते मिली। सर्व शिक्षा, बालिका सुरक्षा और श्रम कानूनों के साथ-साथ यहां, पंचायत राज अधिनियम की भी धज्जियां उड़ती नजर आई। ज्यादातर बच्चियों का स्कूल जाना छूट गया है और जो स्कूल जा रही है उनके हाल भी कुछ ठीक नहीं है।

निर्माण कार्य में भी काली रेत का उपयोग

ग्राम रातामाटी में स्कूल भवन की बाउण्ड्रीवाल एवं सीसी रोड का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी कर सडक़ और बाउण्ड्रीवाल तो बनाई जा रही है वहीं निर्माण कार्य में घटिया सामग्री भी प्रयुक्त की गई है। काली रेत का उपयोग बे-रोकटोक किया जा रहा है। न तो निर्माण कार्यों की कोई मॉनीटरिंग हो रही और न ही बालमजदूरी पर ही अब तक कोई सवाल उठाए गए। जिसकी वजह से सरपंच-सचिव के हौसले बुलंद है।
श्रम कानून को जाने

कोई भी व्यक्ति जो 14 साल से कम उम्र के बच्चे से काम करवाता है अथवा 14-18 वर्ष के बच्चे को किसी खतरनाक व्यवसाय या प्रक्रिया में काम देता है, उसे 6 महीने से 2 साल तक की जेल की सजा हो सकती है और साथ ही 20,000 -50,000 रूपए तक का जुर्माना भी हो सकता है।

           इनका कहना…
मुझे आपके माध्यम से जानकारी मिली है, मैं संबंधित अधिकारी से बात करता हूं और जांच के निर्देश देता हूं।
     नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी

        कलेक्टर बैतूल

पंचायत में किए जा रहे कार्यों की जांच कराई जाएगी। दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

            अभिषेक वर्मा

  सीईओ, जनपद पंचायत बैतूल 

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