15 दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती से फूटा नागरिकों का आक्रोश, सड़क पर प्रदर्शन, तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा

✓15 दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती से फूटा नागरिकों का आक्रोश
✓तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, सड़क पर उतरे युवा
परिधि न्यूज बैतूल

नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में लगातार 15 दिनों से मप्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा की जा रही अघोषित कटौती से नागरिकों का गुस्सा आज फूट गया। घोड़ाडोंगरी के जागरूक नागरिक व युवाओं द्वारा घोड़ाडोंगरी के पुराने हॉस्पिटल चौक पर बिजली संबंधित समस्याओं को लेकर घोड़ाडोंगरी तहसीलदार को ज्ञापन सौपकर बिजली कटौती से निजात मांगी। पहले तो नगर के नागरिकों व युवाओ ने अस्पताल चौक पर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की साथ ही संबंधित बिजली विभाग के जे ,ई खिलाफ भी नारे लगाए। नागरिकों ने मुख्य सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों का ज्ञापन घोड़ाडोंगरी तहसीलदार महिमा मिश्रा को सौंपा। नागरिकों की मांग थी कि बिजली विभाग संबंधित उच्च अधिकारी को ही ज्ञापन दिया जाएगा किंतु तहसीलदार महिमा मिश्रा के समझाने पर ज्ञापन तहसीलदार को दिया गया। धरना प्रदर्शन स्थल से लगातार बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर व संबंधित अधिकारियों को फोन लगाया जा रहा था किंतु संबंधित अधिकारियों की कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आने पर आश्वासन पर ज्ञापन तहसीलदार को दिया गया।
ज्ञापन में है यह मांगे

नागरिकों ने अपनी मांग रखते हुए बताया कि भीषण गर्मी में भी बिजली की कटौती निरंतर की जा रही थी। इसके बाद बारिश लगने पर भी जहां उमस और गर्मी से लोगों का बुरा हाल है वही बुजुर्ग बीमा व्यक्तियों को भी बिजली कटौती से बड़ी समस्या हो रही है ।अत्यधिक गर्मी और बारिश की उम्मीद से छोटे-छोटे नवजात बच्चों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।इस दौरान बिजली के उपकरण सुधरने वाले इलेक्ट्रीशियन व वेल्डिंग वर्क करने वाले मजदूर भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। फेब्रिकेशन वर्क करने वालों का कहना है कि या तो बिजली सुबह से लेकर भरी दोपहर तक नहीं रहती या फिर रहती भी है तो पूरा वोल्टेज नहीं रहता कम वोल्टेज में काम करना असंभव है जिससे उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या बन रही है।

फेब्रिकेशन के काम करने वाले वह इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले दुकानदार बिजली कटौती और कम वोल्टेज के चलते ठीक से काम नहीं कर पा रहे वही घोड़ा डोंगरी तहसील मुख्यालय होने की वजह से आसपास के छोटे-छोटे गांव से विभिन्न शासकीय कामों को लेकर आने वाले लोगों को भी फोटोकॉपी कराने व अन्य ऑनलाइन सेंटर पर जाकर फॉर्म निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अघोषित बिजली कटौती को लेकर लोगों का गुस्सा आज फूट पड़ा ज्ञापन देने वालों मैं नागरिकों ने अपनी मांग रखी कि यदि शीघ्र ही बिजली कटौती का समाधान नहीं निकल गया तो उग्र आंदोलन के लिए बिजली विभाग ही जिम्मेदार होगा।