108 एंबुलेंस के चालक दो बच्चों के पिता ने अपने घर में 17 वर्षीय किशोरी से किया दुराचार
नानी के घर पैदल जा रही नाबालिग को एम्बुलेंस में बिठाकर घर ले गया चालक

✓नानी के घर पैदल जा रही नाबालिग को एम्बुलेंस में बिठाकर घर ले गया चालक
✓दो बच्चों के पिता ने अपने घर में 17 वर्षीय नाबालिग से किया दुराचार
✓किसकी माने बात किस पर करें यकीं…
फरियादी बोली 376 टीआई का कहना बहला फुसलाकर 363
✓क्या कोतवाल तय करेंगे मीडिया में क्या छपेगा और क्या नहीं?
परिधि न्यूज बैतूल/खेड़ीसांवलीगढ़
नाबालिग बालिकाओं के साथ जिले में छेड़छाड़-अपरहण और दुराचार के मामले नई बात नहीं है। हाल ही में एक और मामला कोतवाली थाने के अंतर्गत सामने आया जहां नानी के घर पैदल जा रही बालिका को छोडऩे के बहाने एम्बुलेंस चालक अपने घर ले गया और यहां उसके साथ बेल्ट से मारपीट की। एम्बुलेंस चालक ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर उसे तीन दिन बाद 50 रुपए देकर बस स्टेण्ड पर छोड़ दिया। कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। इस संवेदनशील प्रकरण को लेकर जब कोतवाली टीआई से परिधि न्यूज ने चर्चा की तो उनका रवैया कुछ चौकाने वाला था। टीआई साहब अपनी तहजीब भूलकर मीडिया पर ही उंगली उठाते नजर आए। इतने बड़े घटनाक्रम की जानकारी देने से बचने के लिए उन्होंने यह तक कह दिया कि यह मामला मीडिया में छापने के लिए नहीं है। कुछ देर बाद साहब शायद अपनी गलती का अहसास हुआ तो पलटकर कॉल करते हुए उन्होंने कहा कि दुराचार नहीं हुआ 363 का मामला पंजीबद्ध है। बाकी आपकी न्यूज कुछ अलग ही रहती है, दो तीन मामलों में मैंने देख लिया। जब परिधि न्यूज ने पीड़िता के बयान होने की बात कही तो बिफरते हुए साहब बोल पड़े तो फिर आप ही विवेचना कर लीजिए ! संभवतः कोतवाल साहब को अपने क्षेत्र में बढ़ते अपराधों को कम करने में मिल रही नाकामयाबी और हर मामला मीडिया की सुर्खियों में आ जाने से उनकी होने वाली किरकिरी की बौखलाहट थी जो चर्चा में सामने आई। हालांकि इस मामले में एसपी निश्छल झारिया से जब कोतवाली साहब की बेरुखी और तल्खी के साथ अपराध की गंभीरता को लेकर चर्चा की गई तो उन्होंने टीआई से जानकारी लेकर बताया कि कोतवाली में धारा 363-अपहरण, 342-गलत तरह से बंधक बनाना, 376 दुराचार, पॉक्सो एक्ट एवं एसटी एससी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया और न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। कोतवाल साहब ने 363 का हवाला देकर झुंझलाते हुए कहा 12 बजे मैं थाने पहुंच जाऊंगा आप थाने आ जाए मैं रिपोर्ट के हिसाब से बता दूंगा। साहब का रवैया बता रहा था जैसे मीडिया को उन्होंने अपना गुलाम समझ रखा है और वह यह तय करेंगे कि कौनसा मामला छपेगा और कौनसा नही।जो भी हो देशभक्ति और जनसेवा का पाठ साहब को सीखने की जरुरत जरुर है।
यह है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र की एक 17 वर्षीय नाबालिग जिसकी मां का निधन हो चुका है और पिता ने दूसरी शादी कर ली। 15 जून को यह नाबालिग किराये के लिए पैसे न होने के कारण नानी के घर जाने की आधी दूरी बस से तय करती है और आधी दूरी पैदल ही तय करने निकल पड़ती है। नाबालिग को रास्ते में 108 एम्बुलेंस का चालक महेन्द्र गिरी गोस्वामी मिलता है और शाम होने के कारण एम्बुलेंस से घर छोडऩे के लिए कहता है। नाबालिग के मना करने बाद भी एम्बुलेंस चालक उसे सुरक्षित पहुंचाने का भरोसा दिलाकर एम्बुलेंस में बिठाता है। कुछ दूरी तक जाने के बाद वह किशोरी को पत्नी की मौत हो जाने, दो बच्चे होने और उससे शादी करने के लिए कहता है। नाबालिग के मना करने पर एम्बुलेंस से उसे नानी के घर छोडऩे की बजाय अपने घर ले जाकर मारपीट करता है। यहां आरोपी द्वारा नाबालिग के साथ बेल्ट से भी मारपीट की गई और दुराचार जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया। नाबालिग को एम्बुलेंस चालक ने घर से बाहर जाने पर पेट्रोल डालकर जलाने, काट देने आदि धमकी देकर तीन दिन तक अपने घर में रखा। नाबालिग ने आरोपी के काम पर जाने के बाद घर से भागने की भी कोशिश की लेकिन उसकी मां द्वारा उसे रोक लिया जाता था। तीन दिनों में नाबालिग दो बार दुष्कृत्य की शिकार हुई। आरोपी द्वारा 18 जून को नाबालिग को 50 रुपए देकर बस स्टेण्ड पर छोड़ दिया गया। 24 जून को नाबालिग पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत करती है। शिकायत के आधार पर आरोपी के विरुद्ध कोतवाली थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे हिरासत में लेकर न्यालय में पेश कर जेल भेज दिया जाता है।
ऐसे आरोपी चंगुल से आजाद हुई पीडि़ता
परिधि न्यूज से चर्चा में पीडि़ता ने बताया कि 18 जून को जब आरोपी सुबह सो रहा था उसने आरोपी के बेटे से मोबाईल का पासवर्ड खुलवाकर अपने भाई को कॉल किया और भाई को अपनी लोकेशन भेजी। आरोपी के जागते ही उसने बता दिया कि भाई को लोकेशन भेज दी है वह किसी भी समय पुलिस को लेकर आ जाएगा। जिससे डरकर आरोपी एम्बुलेंस चालक ने पीडि़ता को बस स्टेण्ड पर बस में बिठाया। गौरतलब है कि किशोरी यहां से सीधे नानी के घर जाती है और बदनामी के डर से कही शिकायत भी नहीं करती। लेकिन 23 जून की रात में जब बुलेरों क्रमांक एम पी 48 सी 3881 में आरोपी के साथ 5-6लोग गांव में पहुंचकर पीडि़ता के बारे में पूछताछ करते है तो वह इस डर से की कहीं दोबारा उसका अपहरण न कर ले वह अगले दिन 24 जून को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराती है।
आरोपी की गिरफ्तारी पर शाबासी तो बनती है, पर लहजा भी सुधारिएं कोतवाल साहब
इस पूरे मामले में कोतवाली पुलिस ने तत्परता से 108 एम्बुलेंस के चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई काबिले तारीफ है, लेकिन कोतवाल साहब को खासतौर से महिलाओं से बातचीत का लहजा सुधारने की आवश्यकता है। पुलिस ही यदि मर्यादित व्यवहार से परहेज करेगी तो सामुदायिक पुलिसिंग से अपराध नियंत्रण कैसे संभव हो पाएगा। हालांकि एसपी श्री झारिया ने चर्चा में बताया कि वे हमेशा ही अपनी पुलिस को गलतियों पर सजा देते है और व्यवहारिकता का पाठ भी पढ़ाते है, लेकिन लगता है थानेदार साहब एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल देते है।
अब एम्बुलेंस भी सुरक्षित नहीं !
इस पूरे मामले में एक और बात ध्यान देने वाली है कि एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन सेवा देने वाले वाहन में भी यदि अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है तो यह चिंताजनक है। अक्सर एम्बुलेंस में सवारी ढोने, शराब परिवहन जैसे भी मामले जिले में सामने आए है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को भी इस ओर गंभीरता दिखाते हुए सभी चालकों का अपराधिक रिकार्ड एवं अन्य जरुरी जानकारी रखने के साथ एम्बुलेंस चालकों को हिदायत देने की जरुरत है।
इनका कहना…
363, 342, 376, पॉक्सो एक्ट, एसटी एससी एक्ट सभी धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है, आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
निश्छल झारिया, एसपी बैतूल
धारा 363 के तहत मामला दर्ज हुआ है, आपकी तो खबर ही अलग रहती है, कोई दुराचार का मामला नहीं है, मामला मीडिया में छापने के लिए नहीं है। आप 12 बजे थाने आ जाईए रिपोर्ट के आधार पर बता दूंगा क्या छापना है।
देवकरण डेहरिया, टीआई कोतवाली