जेएच कालेज के गलत निर्णय ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासी छात्र छात्राऐं परेशान
भीमपुर कालेज प्रबंधन ने भी छात्र हित मे नही की पहल

✓जेएच कालेज के गलत निर्णय ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासी छात्र छात्राऐं परेशान
✓भीमपुर कालेज प्रबंधन ने भी छात्र हित मे नही की पहल
✓मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये से छात्र छात्राओं मे नाराजगी
परिधि न्यूज भीमपुर
जिले के अग्रणी जयंती हक्सर महाविद्यालय प्रबंधन के एक अदूरदर्शिता पूर्ण निर्णय से शासकीय महाविद्यालय भीमपुर के सैकड़ों ग्रामीण छात्र छात्राओं को मुसीबत मे डाल दिया है.दरअसल बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जा रही स्नातक प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों के लिए जेएच कालेज प्राचार्य की अनुशंसा पर भीमपुर कालेज के छात्र छात्राओं को चिचोली के प्राइवेट कालेज मे परीक्षा उपकेंद्र बनाकर परीक्षा मे शामिल होने का फरमान जारी कर दिया गया है.इससे सैकड़ों आदिवासी छात्र छात्राओं की परेशानियां बढ़ गई हैं।
पहली बार भीमपुर के विद्यार्थियों को मिला चिचोली सेंटर
जानकारी के मुताबिक शासकीय महाविद्यालय भीमपुर के छात्र-छात्राओं को परीक्षा के लिए जयवंती हक्सर शासकीय महाविद्यालय में शामिल कराया जाता रहा है. लेकिन इस सत्र में बरकत उल्लाह विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार आयोजित की जा रही प्रथम वर्ष की परीक्षा के लिए भीमपुर के छात्र-छात्राओं को जेएच महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र आवंटित नहीं किया गया है।इसके बदले में भीमपुर से 20 किलोमीटर दूर चिचोली ब्लॉक मुख्यालय पर संचालित एक प्राइवेट कॉलेज को परीक्षा उपकेंद्र बनाकर भीमपुर के छात्र-छात्राओं को इस केंद्र पर शामिल होने का फरमान जारी किया गया है।सूत्रों के मुताबिक यह कार्यवाही जेएच कॉलेज की प्राचार्य की अनुशंसा पर की गई है .इस विषय मे प्राचार्य का कहना है कि उन्होंने भीमपुर के छात्र-छात्राओं कीदूरी कम करने के उद्देश्य से चिचोली में परीक्षा केंद्र बनाने की अनुशंसा की थी. बस इसी वजह से बच्चों के सामने कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं।बताया जा रहा है कि भीमपुर कालेज वर्तमान में माडल स्कूल में संचालित हो रहा है और यहां पर बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है। ऐसे में यदि उनका सेंटर भीमपुर ही किया जाता तो बच्चोंं को परेशानी नहीं होती। अब सेंटर चिचोली करने से बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है . सुबह बस की सुविधा नहीं होने से छात्र-छात्राएं रिस्क लेकर निजी वाहनों से चिचोली पहुंच रहे हैं।
चिचोली में नही है सुविधाएं
पालकों का कहना है कि जेएच कालेज सेंटर होने से एक दिन पहले हम लोग वहां पर रहने की व्यवस्था बना लेते थे ताकि बच्चों को परेशानी न हो।चिचोली मे इस तरह से व्यवस्था बनाना बेहद मुश्किल है,क्योंकि वहां पर सुविधाएं नहीं है।पालकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि भीमपुर क्षेत्र के आदिवासी छात्र-छात्राओं पर अन्यायपूर्ण तरीके से यह परीक्षा केंद्र थोपा गया है।पालकों का कहना था कि भीमपुर में वर्तमान में जिस स्कूल में महाविद्यालय संचालित हो रहा है वहां भी परीक्षा कराने की सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं फिर भी भीमपुर प्राचार्य ने छात्र हित मेंकोई पहल न करते हुए छात्र छात्राओं को चिचोली उपकेंद्र पर परीक्षा देने को मजबूर किया है।पालकों ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की इस समस्या से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने से पालकों ने जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की है।