भीमपुर में एक सचिव को मूल पदस्थापना के साथ दे दिया 60 किमी दूर की पंचायत का प्रभार
दो पंचायतों के वांशिदे हो रहे परेशान, अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की उठने लगी मांग
✓भीमपुर में एक सचिव को मूल पदस्थापना के साथ दे दिया 60 किमी दूर की पंचायत का प्रभार
✓दो पंचायतों के वांशिदे हो रहे परेशान, अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की उठने लगी मांग
परिधि न्यूज भीमपुर
आदिवासी बाहुल्य विकासखंड भीमपुर की दो पंचायतों में समय पर काम न होने से पंचायतवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ही पंचायतों के वाशिंदे पंचायत के चक्कर काट-काटकर परेशान हो रहे है लेकिन चप्पले घिसने के बाद भी जब काम न हो तो उनका आक्रोशित होना लाजमी है। हम बात कर रहे है ग्राम पंचायत लक्कडज़ाम एवं ग्राम पंचायत पालंगा की। इन दोनों पंचायतों के लिए एक ही सचिव है, ऐसे में सचिव के एक पंचायत में होने पर दूसरी पंचायत का कार्य प्रभावित होता है। इसके पीछे एक पंचायत से दूसरी पंचायत के बीच 60 किमी की दूरी होना भी बड़ी वजह मानी जा रही है।
ग्राम पंचायत लक्कडज़ाम में सचिव सुरेश यादव की मूल पदस्थापना है लेकिन उन्हें ग्राम पंचायत लक्कडज़ाम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार दो पंचायतों की जिम्मेदारी होने की वजह से सचिव सुरेश यादव दोनों ही पंचायतों का काम ठीक से नहीं कर पा रहे है। इन पंचायतों में ग्रामवासी मनरेगा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अन्य कार्यों के लिए चक्कर काटने विवश हो रहे है। पंचायत में सचिव के उपलब्ध न होने से उन्हें हताश होकर वापस होना पड़ता है। दो पंचायत में उलझे सचिव सुरेश यादव के लिए भी एक ही दिन में दोनों पंचायतों में मौजूद रहना मुश्किल हो जाता है।
अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की मांग
लक्कडज़ाम वासियों का कहना है कि लक्कडज़ाम से पालंगा की दूरी 60 किमी दूर है। ऐसी स्थिति में पालंगा ग्राम पंचायत के समीपस्थ ग्राम पंचायत के सचिव को वहां का प्रभार दिया जाना चाहिए ताकि दोनों ही पंचायतों के ग्रामीणों को परेशान न होना पड़े। इधर पालंगा के ग्रामीणों का भी कहना है कि सचिव कब आते है कब जाते है इसका पता ही नहीं चलता। ऐसे में कई बार उन्हें दिन-दिन भर पंचायत में इंतजार करना पड़ता है। लक्कडज़ाम वासियों ने सचिव सुरेश यादव को पालंगा पंचायत के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किए जाने की मांग जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन से की है।
इनका कहना…
60 किमी काफी दूर है।वैसे प्रस्ताव सीईओ जनपद से आता है।यह प्रभार पहले दिया होगा। आपसे यह जानकारी मिली है मैं चेंज करवाता हूं।
अक्षत जैन, सीईओ जिला पंचायत बैतूल