सपनों की उड़ान का मंच बना मानसरोवर द स्कूल का फेयरवेल समारोह
✓सपनों की उड़ान का मंच बना मानसरोवर द स्कूल का फेयरवेल समारोह
✓प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, तालियों से गूंजा सभागार
✓शिखर महाले बने मिस्टर मानसरोवर, मनीषा मालवीय को मिला मिस मानसरोवर का खिताब
परिधि न्यूज बैतूल

मानसरोवर द स्कूल में आयोजित आशीर्वचन एवं फेयरवेल समारोह विद्यालय के इतिहास का एक यादगार और प्रेरणादायी अध्याय बन गया। समारोह का वातावरण उल्लास और भावनाओं से भरा रहा, जहां एक ओर सीनियर विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई, वहीं दूसरी ओर उनकी उपलब्धियों को सम्मान के साथ मंच प्रदान किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को गरिमा और ऊर्जा से भर दिया।
– प्रतिभाओं को मिला मंच
फेयरवेल समारोह के दौरान शिखर महाले और मनीषा मालवीय को सर्वश्रेष्ठ उपाधियों मिस्टर एवं मिस मानसरोवर से सम्मानित किया गया। मिस्टर हैंडसम का खिताब ओमप्रकाश को प्रदान किया गया, जबकि मिस गॉर्जियस का सम्मान खुशी टेकपूरे को मिला। इसी क्रम में मिस्टर फेयरवेल का खिताब लोकेश खाड़े और मिस फेयरवेल का खिताब गरिमा राठौर को दिया गया। जैसे ही इन नामों की घोषणा हुई, सभागार तालियों से गूंज उठा और विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और गर्व साफ झलकने लगा।
– ऊंचाइयों को छूने का आह्वान
चेयरमैन डॉक्टर विनय सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें उस ऊंचाई को छूना है, ताकि आने वाले हमारे स्कूल के छात्रों का हम मार्गदर्शन और सहयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल विद्यालय की पहचान और समाज की शक्ति बनेंगे।
– मेहनत और संस्कार को बताया सफलता की कुंजी
डायरेक्टर डॉक्टर पुष्पलता साबले ने अपने उद्बोधन में कहा कि कड़ी मेहनत ही सफलता की सीढ़ी है और असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ना ही सच्ची उपलब्धि है। डायरेक्टर हेमराज जसूजा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार देना ही मानसरोवर द स्कूल का मूल उद्देश्य है, जिससे विद्यार्थी जीवन में सही निर्णय ले सकें।
– डायरेक्टर पंकज साबले और समस्त मैनेजमेंट ने छात्रों को दी शुभकामनाएं
प्राचार्य एस वी चंद्रशेखर ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि मानसरोवर द स्कूल से मिली शिक्षा, अनुशासन और संस्कार उनके जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। समारोह का समापन स्मृति चिह्न वितरण और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ, जिसने इस दिन को सभी के लिए अविस्मरणीय बना दिया।