बैतूल में वन अमले की साठगांठ से सागौन के जंगलों पर चला आरा,थिनिंग कूप की आड़ में 300 अतिरिक्त हरे-भरे पेड़ों का सफाया
➡️बैतूल में वन अमले की साठगांठ से सागौन के जंगलों पर चला आरा,थिनिंग कूप की आड़ में 300 अतिरिक्त हरे-भरे पेड़ों का सफाया
गौरी पदम परिधि विशेष(बैतूल/रामपुर भतोड़ी)

बैतूल जिले में वन विकास निगम के जंगलों की सुरक्षा करने वाले ही भक्षक बन बैठे हैं। रामपुर भतोड़ी प्रोजेक्ट के तहत आने वाली चूना हजूरी रेंज के कंपार्टमेंट नंबर 1382 में विभागीय कार्य की आड़ में सागौन के बेशकीमती पेड़ों की अवैध कटाई का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर लगभग 300 अतिरिक्त हरे-भरे सागौन के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी है।
स्वीकृत संख्या 1259, काट डाले 300 अतिरिक्त पेड़
जानकारी के अनुसार, कंपार्टमेंट नंबर 1382 में विभागीय थिनिंग कूप कार्य के तहत चिन्हित की गई बलियों और सूखे पड़े 1,259 वृक्षों की कटाई की जानी थी। लेकिन रेंजर से लेकर वन रक्षकों की कथित मिलीभगत से इस सरकारी कार्य को निजी मुनाफे का जरिया बना लिया गया। चिन्हित पेड़ों के अलावा 300 से अधिक लहलहाते और हरे-भरे सागौन के पेड़ों का सफाया कर दिया गया।
पुराना है भ्रष्टाचार का खेल, वरिष्ठों की चुप्पी पर उठे सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब वन विकास निगम के जंगलों में इस तरह की अनियमितता और भ्रष्टाचार सामने आया हो। इससे पूर्व भी दर्जनों बार अवैध कटाई और हेरफेर के मामले सामने आ चुके हैं। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारी हर बार इन गतिविधियों पर मौन साध लेते हैं, जिसके कारण मैदानी अमले के हौसले बुलंद हैं और बैतूल जिले के जंगल लगातार वीरान होते जा रहे हैं।
क्या होता है थिनिंग कूप कार्य?
जंगलों के रखरखाव और बेहतर विकास के लिए वन विभाग समय-समय पर थिनिंग कूप प्रक्रिया अपनाता है। इसका उद्देश्य घने जंगलों में मुख्य पेड़ों को बढऩे की जगह और पोषण मिले, इसके लिए बीच की कमजोर बलियों, सूखे और बीमार पेड़ों को छांटकर निकाला जाता है।
बड़ी लापरवाही का आरोप
इस प्रक्रिया में केवल पूर्व-चिन्हित (नंबर डाले गए) पेड़ों की कटाई का नियम है, लेकिन चूना हजूरी रेंज में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए स्वस्थ सागौन के वृक्षों को काट दिया गया। अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद वन विभाग के उच्च अधिकारी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करते हैं या फिर हर बार की तरह बैतूल की वन संपदा यूं ही लुटती रहेगी।
वन अमले पर सीधा आरोप
इस अवैध कटाई में सीधे-सीधे वन अमला शामिल है। कटाई की गई लकड़ी को जल्द से जल्द ट्रकों में भरकर ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है।ग्राम वन सुरक्षा समिति अध्यक्ष रामपाल यादव, मोटू यादव एवं सत्यनारायण यादव (निमिया)
इनका कहना…
आपके पास जो भी जानकारी है वह मुझे शेयर कीजिए मैं सब दिखवा लूंगा।
प्रफुल्ल फुलझले, आरजीएम,वन विकास निगम
मैं एक महीने से मेडिकल पर हूं, डीएम के चार्ज में वर्तमान में भदौरिया जी है।
एसपी शाक्य, डीएम वन विकास निगम बैतूल
कितने पेड़ थिनिंग कूप के लिए चिन्हित किए गए थे, इसकी जानकारी कार्यालय में रिकार्ड देखकर ही बता सकता हूं।
डीकेएस भदौरिया, प्रभारी डीएम वन विकास निगम बैतूल
थिनिंग कूप के लिए पेड़ चिन्हित किए जाने के बाद दोबारा चिन्हित किए गए थे, जिसमें संख्या बढ़ी थी, चिन्हित पेड़ों की ही कटाई की गई है।
मधुसूदन उर्फ डेविड पंवार,रेंजर, चुनाहजूरी प्रथम-द्वितीय रेंज