छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से ने छात्र को खाने नहीं दी बची हुई रोटी
✓छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से ने छात्र को खाने नहीं दी बची हुई रोटी
✓छात्रों के साथ द्वेष रखने वाले अधीक्षक के विरुद्ध छात्रों ने खोला मोर्चा
परिधि न्यूज बैतूल

जिले में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों की दुर्दशा को आईना दिखाने वाला एक और उदाहरण आज जिला मुख्यालय पर देखने मिला, जहां दो छात्रों ने कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवाणे से छात्रावास अधीक्षक की शिकायत कर द्वेषपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया। यह शिकायत महाविद्यालय अनु जाति बालक छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से के विरुद्ध छात्रावास से निष्काषित करने पर दो भाईयों ने की है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से द्वारा उन्हें भरपेट भोजन नहीं दिया जाता। इन छात्रों का कहना है कि अधीक्षक नहीं चाहते थे कि दोनों भाई हमलापुर छात्रावास में रहे। तत्कालीन कलेक्टर को आवेदन देने के बाद दोनों को छात्रावास में रहने की अनुमति दी गई थी, तभी से दोनों के प्रति अधीक्षक द्वारा खराब व्यवहार किया जाता है और बार-बार छात्रावास से निकालने की धमकी भी दी जाती है।
यह है पूरा मामला
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एमएससी प्राणी शास्त्र प्रथम वर्ष जेएच कॉलेज के छात्र विवेक सूर्यवंशी ने अपनी शिकायत के माध्यम से कलेक्टर को बताया कि वह मेधावी छात्र है कक्षा 12वीं में 80 प्रतिशत, स्नातक में 70, बीएड 75 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण है। उसे संत रविदास जयंती पर सहायक आयुक्त द्वारा पुरस्कृत भी किया जा चुका है। इसी तरह उसके छोटे भाई विक्की सूर्यवंशी भी कक्षा 12वीं की परीक्षा 70 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। वर्तमान में विक्की एमएससी गणित प्रथम वर्ष जेएच कॉलेज का छात्र है। गरीब परिवार के दोनों छात्र हमलापुर छात्रावास में निवासरत है। विवेक ने बताया कि उसे पूर्व में छात्रावास अधीक्षक कमलेश राक्से द्वारा छात्रावास में प्रवेश लेने से मना कर दिया था, उस वक्त कलेक्टर को आवेदन देने पर उसे छात्रावास में प्रवेश दिया गया। इसी के बाद से अधीक्षक दोनों भाईयों के प्रति द्वेष रखते है। आज मंगलवार को भी अधीक्षक द्वारा विवेक को बची हुई रोटी लेने से मना कर दिया और सुबह छात्रावास ने निकालने और करियर खराब करने की धमकी दी। जिससे दोनों भाई डरे हुए है।
निष्कासित छात्रों की वापसी और अधीक्षक को हटाने की मांग

छात्रों के पक्ष में छात्रावास में रहने वाले करीब 20 छात्र सहायक आयुक्त कार्यालय पहुंचे। जानकारी के अनुसार यहां पहले से अधीक्षक कमलेश राक्से ने दोनों छात्रों के विरुद्ध सहायक आयुक्त को आवेदन दे दिया था। जब विवेक, विक्की एवं अन्य छात्र सहायक आयुक्त कार्यालय, अधीक्षक को हटाने की मांग लेकर पहुंचे तो सहायक आयुक्त विवेक पाण्डेय ने जांच के लिए समय मांगा। इस दौरान छात्रों ने निर्णय के लिए इंतजार भी किया लेकिन अधीक्षक, सहायक आयुक्त के कक्ष में मौजूद थे। छात्र काफी देर सहायक आयुक्त कार्यालय में इंतजार करने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां आर्मी ट्रेनर करण चढ़ोकार ने छात्रों के साथ धरना प्रदर्शन किया। मौके पर अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त और तहसीलदार ने सभी की समस्याएं सुनी। छात्रों के आंदोलन के बाद सहायक आयुक्त ने छात्रों को वापस छात्रावास जाने निर्देशित किया और स्वयं भी हमलापुर पहुंचकर छात्रावास का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि छात्रावास का निरीक्षण यदि कोई अन्य अधिकारी, अपर कलेक्टर, एसडीएम या स्वयं कलेक्टर करते तो खामिया भी सामने आती, सहायक आयुक्त यदि अपने अधीन छात्रावास का निरीक्षण करेंगे भी तो कोताही तो मिलने से रही। दो छात्रों की शिकायत छात्रावास अधीक्षकों की कार्यप्रणाली को आईना दिखाने के लिए काफी है। इस संबंध में जानकारी के लिए सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को उनके मोबाईल नंबर पर कॉल किया गया परंतु उन्होंने कॉल कट कर दिया।
ये सब चुपचाप सहन करने का नतीजा हैं ।