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बस हमारी है, टिकिट दे या ना दे हम तय करेंगे…शिवहरे ट्रेवल्स की बसों में यात्रियों को मांगने पर भी नहीं दी जाती टिकिट

➡️एक दर्जन से अधिक बसों के मालिक अपने एजेंट को नहीं दे पा रहे टिकिट बुक..!
➡️बस हमारी है, टिकिट दे या ना दे हम तय करेंगे…शिवहरे ट्रेवल्स की बसों में यात्रियों को मांगने पर भी नहीं दी जाती टिकिट
परिधि न्यूज बैतूल/9300924744

यातायात नियमों को लेकर आए दिन यातायात पुलिस चालानी कार्रवाई करती है, लेकिन सडक़ों पर दौडऩे वाली अनफिट बसों के साथ-साथ बस संचालकों एवं कुछ बसों के एजेंटों की मनमानी को लेकर संबंधित विभागों का मौन समझ से परे है। किसी भी बस में यात्रा करने वाले यात्री से यदि तय किराया लिया जा रहा है तो उसे उस किराये की टिकिट दी जानी चाहिए, लेकिन शिवहरे ट्रेवल्स की बसों में ऐसा कोई नियम लागू नहीं होता। यह सच्चाई बस में यात्रा करने वाले यात्रियों से जानने पर सामने आ जाएगी। इसकी एक बानगी आज शाहपुर से बैतूल तक देखने मिली जब नर्मदापुरम से इटारसी, भौंरा, शाहपुर, बैतूल, मुलताई होकर छिंदवाड़ा जाने वाली बस में शाहपुर से बैतूल तक बैठे किसी भी यात्री को एजेंट ने टिकिट नहीं दी। इस बस में यात्रियों की सुरक्षा के मापदंड भी हाशिये पर नजर आए। बस के एजेंट सलमान से जब इस प्रतिनिधि ने शाहपुर से बैतूल का 50 रुपए किराया देने के बाद टिकिट की मांग की तो बैतूल पहुंचने के बाद भी टिकिट नही दी गई। शाहपुर से बैतूल तक तीन बार इस प्रतिनिधि ने एजेंट से टिकिट मांगी लेकिन एजेंट ने हर बाद टाल दिया। यहां तक कि उसका कहना था कि बस हमारी है, टिकिट देना है या नहीं ये हम तय करेंगें। इसके अलावा दूसरी बार उसने बोनट के पास टिकिट बुक रखने का हवाला देते हुए कहा कि टिकिट दे दी जाएगी, लेकिन टिकिट दी नहीं।
आधा सैकड़ा से अधिक यात्री शाहपुर से बैतूल तक आए किसी को नहीं दी टिकिट
नर्मदापुरम से छिंदवाड़ा जा रही शिवहरे ट्रेवल्स बस क्रमांक एस01 ईसी 6955 में शाहपुर से बैतूल तक के अलग-अलग गंतव्य के लिए करीब 50 यात्री बैठे। यात्रियों से एजेंट सलमान ने 50 से 30 रुपए तक किराया लिया लेकिन इस तरह लिए गए किराये की कहीं कोई एंट्री की गई न ही किसी यात्री को टिकिट ही दी। गौरतलब है कि शिवहरे ट्रेवल्स की करीब एक दर्जन बसें जिले में विभिन्न रुट पर पर चलती है, जानकारी के अनुसार अधिकांश बसों में इसी तरह यात्रियों को टिकिट नहीं दी जा रही है। टिकिट की राशि देकर भी इन बसों में यात्री बेटिकिट यात्रा करने विवश हो रहे है। इससे तो यही कयास लगाए जा रहे है कि बस संचालक द्वारा एजेंट को टिकिट बुक ही उपलब्ध नहीं कराई जा रही है या फिर एजेंट बस संचालकों को चूना लगा रहे है।
यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल

शिवहरे ट्रेवल्स की इस बस एस01 ईसी 6955 में एक और बड़ी लापरवाही देखने मिली। बस में पिछली सीट पर गेट के पास कोई भी परिचालक नहीं था। यात्री खुद से गेट खोलकर इस बस में चढ़-उतर रहे थे, कई महिला यात्रियों के साथ बच्चे भी यात्रा कर रहे थे। गंतव्य आने पर पीछे बैठे यात्रियों को यदि पीछे के गेट से उतरना है तो गेट खोलने के लिए उन्हें ही जतन करने होते है। इस तरह बस में सुरक्षा नियमों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
परिवहन विभाग को ध्यान देने की है जरुरत
न सिर्फ शिवहरे ट्रेवल्स अपितु अन्य बसों में भी जिला परिवहन विभाग के निरीक्षण दल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए औचक निरीक्षण एवं नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जानकारी के अनुसार यदि बस में किराया लेने के बाद भी यात्री को टिकट नहीं दी जाती है तो प्रति यात्री 500 रुपए चालान वसूला जा सकता है। यदि आरटीओ द्वारा जिले के विभिन्न रुट्स पर चलने वाली बसों के निरीक्षण के दौरान बेटिकिट यात्री ही चेक कर लिए तो शासन के राजस्व में अच्छा-खासा इजाफा हो सकता है इसके अलावा बस संचालक भी यात्रियों की सुरक्षा एवं नियमानुसार बस संचालन के लिए गंभीर होंगे।

इनका कहना…
आपके माध्यम से यह जानकारी मिली है,नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग शुक्ला, आरटीओ, बैतूल
बस में टिकट तो दी जाती है, क्या नंबर की गाड़ी थी, देखता हूं मैं…कॉल कट
संजू शिवहरे, संचालक शिवहरे ट्रेवल्स, नर्मदापुरम

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