पिंनड्रॉप साइलेंट के बीच गूंजती रही शिवानी दीदी की आवाज
अपना भाग्य बनाना,घर को स्वर्ग बनाना आपके अपने हाथ में - ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी

✓पिंनड्रॉप साइलेंट के बीच गूंजती रही शिवानी दीदी की आवाज
✓अपना भाग्य बनाना,घर को स्वर्ग बनाना आपके अपने हाथ में – ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी
परिधि न्यूज बैतूल


नगर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आध्यात्मिक वाणी को सुनने हजारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार शाम 6.15 बजे मंच पर पहुंची विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता बी के शिवानी दीदी का स्वागत श्रोताओं ने अपने स्थान पर खड़े होकर किया। मंच पर विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख,गंगा उइके, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे, नपाध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर, पूर्व विधायक निलय डागा,जिला सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थापलियाल, संयुक्त कलेक्टर मकसूद अहमद मंच पर मौजूद थे।

स्वागत भाषण ब्रम्ह कुमारी मंजु दीदी ने व्यक्त करते हुए बताया कि विधायक भ्राता हेमंत खंडेलवाल ने 14 वर्ष पहले कहा था कि क्यों नहीं बुलाते हो आखिर किए गए प्रयास सार्थक हुए। आध्यात्मिक उद्बोधन की शुरुआत करते हुए शिवानी दीदी ने दो मिनट आत्मचिंतन करने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कुछ क्षणों के लिए मै की तरफ देखते है। हर रोज हम बाहर की चेकिंग करते है।घर, गाड़ी, चेहरा, सब कुछ लेकिन हम यह नहीं देखते कि इस आंतरिक जगत में मेरा मन ठीक है या नहीं। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि दूसरों से आगे जाने के लिए हम नियम तोड़ते है। लोगो से आगे जाने के लिए हम अपने जीवन की मर्यादाएं तोड़ देते है। रेस करने के एक विचार से दूसरों की मदद करना भूलकर उसे मुश्किल में देखकर खुश होने लगते है।

जब हम किसी की सफलता से ईर्ष्या करते है तो हमारी सफलता हमसे दूर होने लगती है।मोबाइल को लेकर एडिक्ट हो रहे बच्चो को लेकर उन्होंने कहा कि गुलामी से वहीं हटा सकता है जो खुद उस गुलामी से छूटेगा। इसलिए पहले बड़े लोग मोबाइल से दूर रहने का उदाहरण पेश करें।शिवानी दीदी ने कहा कि कोविड के पहले दुनिया नॉर्मल थी फिर दो साल हम अपने घरों में कैद हो गए। हम डर, दर्द में जिए। सब लोग बदलेंगे यह इंतजार नहीं करना है, शुरुआत खुद से ही करनी होती है।जिसने फोन बनाया था उसने कभी नहीं सोचा था पूरी दुनिया उसकी गुलाम हो जाएगी।फोन को मालिक बनकर उपयोग करे गुलाम बनकर नहीं। जब से ये खिलौना आया है इसका एडिक्शन हो गया है।कोई भी एडिक्शन आत्मा की शक्ति को कम करता है।भगवान यदि भाग्य लिख रहे होते सबका भाग्य परफेक्ट, सबका भाग्य इक्वल होता।
अपने कर्मों से बनता है भाग्य: शिवानी दीदी

शिवानी दीदी ने कहा कि हम दिन भर में जो बोलते हैं, जो सोचते हैं ,जो कर्म करते हैं, जैसा व्यवहार करते हैं, वह सब हमारे घर के वातावरण को हमारे अंदर के वातावरण को प्रभावित करता है। आजकल सोशल मीडिया का जमाना है जिसमें कई प्रकार के इन्फॉर्मेशन हम लोग लगातार लेते हैं। उसे इन्फॉर्मेशन की क्वालिटी क्या है, अगर वह नेगेटिव है, व्यर्थ है, उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है, तो हमारे मन का, हमारे घर का वातावरण भी इसी प्रकार का होगा। अगर घर के वातावरण को शुद्ध करना है पावरफुल बनाना है अपने मन को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने विचारों शब्दों और कर्मों की क्वालिटी को सकारात्मक श्रेष्ठ और पावरफुल बनाना होगा। सोच हमारे संस्कार बनाती है, संस्कार से कर्म बनते हैं और कर्मों ही भाग्य बनता है। शुद्ध और सकारात्मक सोच श्रेष्ठ भाग्य का आधार है। कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में हजारों श्रोता मौजूद थे बावजूद इसके पिन ड्रॉप साइलेंट के बीच लोगो ने शिवानी दीदी का वक्तव्य एकाग्रचित्त होकर सुना।