फिरोजपुर पंजाब में पदस्थ गनर मोहित धुर्वे की सड़क हादसे मौत, सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
✓फिरोजपुर पंजाब में पदस्थ गनर मोहित धुर्वे की सड़क हादसे मौत, सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
✓तीन बहनों और एक भाई के साथ माता पिता का सहारा थे आर्मी जवान मोहित धुर्वे
✓शहीद भवन में पार्थिव देह को विधायक हेमंत खंडेलवाल, एसडीएम कहार ने अर्पित की पुष्पांजलि
✓सैनिक के गांव में अंतिम संस्कार में पहुंची विधायक गंगा

परिधि न्यूज बैतूल

जिले के पाढर क्षेत्र के ग्राम भूड़की निवासी 29 वर्षीय आर्मी जवान गनर मोहित धुर्वे का दुखद निधन हो गया।सैनिक की पार्थिव देह को नागपुर से बैतूल लाया गया यहां करीब 10.30 बजे शहीद भवन में कुछ देर पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
शहीद भवन में विधायक हेमंत खंडेलवाल, एसडीएम राजीव कहार, जिला सैनिक अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह, एसडीओपी शालिनी परस्ते, नगर पालिका सी एम ओ सतीश मटसेनिया, पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य, बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य, पूर्व सैनिक महिला संगठन के सदस्य एवं नगर पालिका के कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

गनर मोहित धुर्वे की पार्थिव देह के बैतूल पहुंचने से पहले भोपाल से आर्मी का एक दस सदस्यीय दल भी सैन्य सम्मान से सैनिक को विदा करने शहीद भवन पहुंच चुका था। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में इस टीम के लिए सर्किट हाउस में रुकने की व्यवस्था की गई।एसपी निश्चल झारिया के निर्देश पर एसडीओपी एवं यातायात की टीम भी तैनात रहे।इधर नगर पालिका सी एम ओ श्री मटसेनिया के निर्देश पर सैनिक के शव को ससम्मान शहीद भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखने की व्यवस्था बनाई गई।

विधायक हेमंत खंडेलवाल भी सूचना मिलते ही शहीद भवन पहुंचे और दिवंगत सैनिक को पुष्प अर्पित कर शहीद भवन से उनके गृह ग्राम भूड़की (पचामा) के लिए रवाना किया गया।सैकड़ों लोगों का काफिला शहीद भवन से सैनिक के गांव देश भक्ति गीतों,भारत माता के जयकारों और मोहित धुर्वे अमर रहे के नारे लगाते हुए पहुंचे।यहां सैनिक मोहित को सैन्य सम्मान दिया एवं आदिवासी रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।इस दौरान विधायक गंगा उइके, शाहपुर एसडीएम डॉ अभिजीत सिंह, तहसीलदार, पटवारी एवं ग्राम सरपंच भी दिवंगत सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सड़क हादसे ने तीन भाई बहन और माता पिता का छीन लिया सहारा

गनर (एचके) मोहित पिता मदन धुर्वे फिरोजपुर पंजाब में पदस्थ थे।29 नवंबर से 28 दिसंबर 24 तक सीएल पर थे। 10 दिसंबर 24 को, अपनी यूनिट में लौटने के लिए अपना आरक्षण कराने के लिए बाइक पर यात्रा करते समय, चिकलीफंड के पास दोपहर करीब 1.30 बजे एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे मोहित गंभीर रूप से घायल हों गए। घायल मोहित को एमएच कैम्प में भर्ती कराया गया और प्राथमिक उपचार के बाद और जीएमसी नागपुर रेफर कर दिया गया। 20 दिसंबर 2024 को लगभग सुबह 7.40 बजे जीएमसी नागपुर में उनकी मृत्यु हो गई।मोहित की तीन बहने और एक बड़ा भाई है।माता पिता और भाई खेती और मजदूरी करते है।
बेटे के असमय चले जाने से परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा। जब गांव में सैनिक मोहित का शव पहुंचा तो लोगों ने फूल बरसाए और नम आंखों से विदा किया। बैतूल से सैनिक के गांव तक जगह जगह स्कूली बच्चे, सामाजिक संगठन एवं नागरिक सड़क के किनारे खड़े होकर पार्थिव देह पर फूल बरसाते और सैल्यूट करते नजर आए।
अंतिम विदाई देने उमड़ा गांव

गनर मोहित को अंतिम विदाई देने गांव के मुहाने पर भी सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए थे। गांव में ही सैनिक के घर के पीछे सटे खेत में मोहित को मिट्टी दी गई। गांव में हजारों लोगों के हुजूम ने सैनिक के अंतिम दर्शन कर नाम आंखों से विदा किया। विधायक गंगा उईके, एसडीएम श्री सिंह, सैन्य अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने रीट अर्पित की गई।इसके बाद बिगुल बजाया एवं राष्ट्र गान के बाद गनर मोहित को अंतिम सैल्यूट कर मिट्टी के सुपुर्द किया।