सीएम राइस स्कूल में बालिकाओं ने पढ़ा सुरक्षा का पाठ
'प्रयास - एक कोशिश' पहल अंतर्गत नाबालिग बालिकाओं की कार्यशाला का आयोजन
✓सीएम राइस स्कूल में बालिकाओं ने पढ़ा सुरक्षा का पाठ
✓’प्रयास – एक कोशिश’ पहल अंतर्गत नाबालिग बालिकाओं की कार्यशाला का आयोजन
परिधि न्यूज बैतूल


सी एम राइस स्कूल बैतूल बाजार में ‘प्रयास – एक कोशिश’ पहल के अंतर्गत “नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा” पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम एवं जागरूकता का प्रसार था।

कार्यशाला के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें साइबर सुरक्षा और जागरूकता, बालिकाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराध और उनकी रोकथाम, देह व्यापार के खिलाफ जागरूकता, बाल विवाह निषेध एवं कानूनी प्रावधान प्रमुख थे। इसके साथ ही पुलिस की भूमिका एवं सहयोग तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
छात्राओं की सृजनात्मक प्रतिभा

कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। महिला सशक्तिकरण विषय पर आधारित रंगोली प्रदर्शनी, साइबर सुरक्षा और बाल विवाह निषेध पर जागरूकता चित्र, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संदेशपरक पेंटिंग्स तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित कलात्मक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
साइबर सुरक्षा विशेष सत्र

साइबर सैल प्रभारी द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और साइबर बुलिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। छात्राओं को सावधानीपूर्वक इंटरनेट का उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए प्रेरित किया गया।
विशिष्ट अतिथियों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैतूल, महिला बाल विकास अधिकारी,डीपीओ/एडीपीओ, एसडीओपी शाहपुर, एसडीओपी बैतूल, संभाग एवं जिला समन्वयक जन अभियान परिषद, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, साइबर सैल प्रभारी,प्रदीपन एवं जन साहस संस्थान के सदस्य, समाज सेवी तथा वन स्टॉप सेंटर के प्रभारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
महत्वपूर्ण निर्देश एवं हेल्पलाइन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बैतूल ने विशेष रूप से बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को विवाह संबंधी निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर साइबर हेल्पलाइन (1930), पुलिस हेल्पलाइन (100), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), या महिला हेल्पलाइन (1090) पर संपर्क किया जा सकता है।
विशेष अभियान एवं कानूनी प्रावधान

“बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत समाज में बाल विवाह एवं महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए सभी विभागों द्वारा सामूहिक प्रयास किया जा रहा है। वैधानिक विवाह आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष एवं लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।कार्यक्रम का समापन यातायात प्रभारी द्वारा बालक-बालिकाओं को यातायात नियमों एवं संकेतों की जानकारी देकर किया गया।