Betul and MP Latest News

मायके गई पत्नी की अनोखी जिद.. ताप्ती नदी पर पुल बनने के बाद ही लौटेगी ससुराल

ताप्ती नदी के किनारे बसे गांव सिहार का अनोखा मामला

✓ताप्ती नदी में पुल होने से पत्नी छोड़ा पति का साथ, कहा जिस दिन बनेगा ताप्ती पर पुल, खुद ही लौट आएगी सुसराल 
मनोहर अग्रवाल परिधि न्यूज खेड़ीसावलीगढ़

नदी के किनारे बसे गांव आजादी के 75 वर्ष बाद भी अभाव से जूझ रहे है और विकास की बाट जोह रहे है। जिले में ताप्ती नदी के किनारे बसे कई गांवों का संपर्क बारिश के दिनों में टूट जाता है। वर्षों से ग्रामीण इस दंश को झेल रहे है। इन सब से परे ताप्ती किनारे के एक गांव का अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक महिला अपने पति का घर छोड़कर इसलिए मायके चली गई क्योंकि नदी पर पुल नहीं है। पत्नी की जिद है कि जब तक नदी पर पुल या रपटा नहीं बन जाता वह वापस घर नहीं लौटेगी।बैतूल जिले के ग्रामीण अंचलों में आज भी ऐसे गांव है जहां पहुंचने के लिए नदी नालों को पार करके जाना पड़ता है। विकासखंड बैतूल की ग्राम पंचायत सावगा के ताप्ती नदी किनारे बसे सिहार गांव में हाल ही एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने पति का साथ सिर्फ इसलिए छोड़ा की गांव जाने के लिए उन्हें ताप्ती नदी पार करके जाना होता है। बरसात में इस गांव का संपर्क दूसरे गावों से टूट जाता है, ऐसे में उन्हें कई परेशानियां उठानी पड़ती है।ऐसी हालत में इस गांव की आदिवासी महिलाओं का गांव से मोह भंग हो रहा है और वे ससुराल छोड़कर अपने मायके जा रही है। ताप्ती नदी के किनारे बसे सीहार गांव निवासी अनिल पाडलीवार की पत्नी उन्हें छोड़कर इसी वजह से चली गई क्योंकि नदी पर पुल नहीं ही।अनिल ने परिधि न्यूज से चर्चा में बताया की उसकी पत्नी सुमित्रा का मायका बीजादेही शाहपुर का है, उसने सिर्फ इसलिए अनिल का साथ छोड़ दिया क्योंकि नदी पर पुल नहीं है। इसके पहले भी वह  मायके चली गई  थी लेकिन इस बार गई तो वापस ही नहीं लौटी। बार बार पूछने पर आखिर सुमित्रा ने स्पष्ट कह दिया कि जिस दिन ताप्ती नदी पर पुल बन जाएगा वह खुद ही अपने ससुराल चली आएगी। 

middle post add
You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.