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कलेक्टर साहब…दुलारा में कोल माफिया पर अंकुश लगाना है नामुमकिन..!

खनिज-पुलिस टीम के लौटने के बाद और भी बेखौफ हुआ कोल माफिया

✓कलेक्टर साहब…दुलारा में कोल माफिया पर अंकुश लगाना है नामुमकिन..!
✓खनिज-पुलिस टीम के लौटने के बाद और भी बेखौफ हुआ कोल माफिया
✓रातोरात कर ली गई चार नई खदाने ईजाद, अब और ज्यादा किया जा रहा खनन
✓कोयला खनन और परिवहन पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा प्रशासन
परिधि फालोअप न्यूज बैतूल


जिले में कोल माफिया पर अंकुश लगाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि दुलारा में अवैध रुप से कोयला खनन एवं परिवहन के समाचार परिधि न्यूज में प्रसारित होने के कुछ ही घंटों बाद कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर खनिज अधिकारी मनीष पालेवार, राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन टीम के लौटने के 24 घंटे भी नहीं बीते और कोल माफिया ने दोगुनी ताकत से कोयला खनन करना शुरु कर दिया। हैरत की बात तो यह है कि जिस टनल से होकर खदान तक पहुंचकर कोयले का खनन किया जा रहा था अब उसके अलावा चार नई और खदान कोल माफिया ने रातोरात तेयार कर खनन का काम कराया जा रहा है।
बेखौफ कोल माफिया पर कैसे लगेगा अंकुश ?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुलारा में बगडोना, होशंगाबाद एवं भोपाल का कोलमाफिया सक्रिय है। कोल माफिया के बुलंद हौसलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में चार और नई खदाने तैयार कर कोयला खनन कराया जा रहा है। प्रशासनिक टीम के मौके से लौटने के 24 घंटे बाद स्थानीय कोल माफिया फगन एवं अन्य ने फिर इस क्षेत्र में खनन शुरु कर दिया है।

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सूत्रों के अनुसार सजीवन के घर के पास वाली खदान से सटी और खदानों से भी लगातार कोयला निकाला जा रहा है। मात्र कुछ घंटों के लिए खदान बंदकर कोल माफिया ने प्रशासन की आंख में धूल झोंकने का प्रयास किया है। इधर प्रशासनिक अधिकारी दीपावली त्योहार के चलते छुट्टी मना रहे है और इसका फायदा उठाकर दुलारा में प्रेम से फगन के मजूदर कोयले की खुदाई और ढुलाई में व्यस्त है। कोलमाफिया अपने नुकसान की भरपाई के लिए अब नया टारगेट फिक्स कर एक रात में दो से तीन ट्रक कोयला बाहर निकालने की फिराक में है।
कलेक्टर की सख्ती का भी नहीं डर
कोल माफिया को लेकर कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी सख्त है। यहीं वजह है कि परिधि न्यूज में समाचार जारी होने के बाद उन्होंने तत्काल जांच के लिए खनिज अधिकारी को निर्देशित भी किया था। मौके पर पहुंचे खनिज, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को कोयला खनन के प्रमाण भी मिले। फिर भी प्रशासनिक सख्ती बेअसर साबित हो रही है, कोल माफिया कोयले से सोना बनाने में जिस तरह कुछ ही घंटों बाद सक्रिय हुआ उससे यह कयास लगाए जा रहे है कि प्रशासन का भी डर अब कोल माफिया को नहीं है।
इनका कहना…
मैं अभी बालाघाट में हूं, टीम को जांच के लिए निर्देशित करता हूं।
मनीष पालेवार, खनिज अधिकारी बैतूल 

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