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PARIDHI GROUND REPORT:क्या 5 लीटर दूध ड्राप से पीती है छात्रावास की 100 बालिकाएं..?

✓क्या 5 लीटर दूध ड्राप से पीती है छात्रावास की 100 बालिकाएं..?
✓चिचोली के इस छात्रावास में व्याप्त अनियमितताओं का एक पत्र से खुलासा
परिधि ग्राउंड रिपोर्ट: 09

जिले में एक छात्रावास ऐसा भी है जहां 5 लीटर दूध में अतिथि सत्कार, स्टॉफ की चाय और बच्चों को भी वितरण हो रहा है। वैसे तो नियमानुसारप्रत्येक छात्र या छात्रा को 250 ग्राम दूध प्रतिदिन दिया जाना है, लेकिन छात्रावास में आने वाला 5 लीटर दूध यदि 100 बच्चों को पिलाना हो तो, यह तभी संभव हो सकता है जब दूध ड्राप से पिलाया जा रहा हो। एक पत्र के माध्यम से जिले में संचालित इस छात्रावास में व्याप्त अनियमितताओं से छात्रावास में निवासरत छात्राओं के पालकों एवं ग्रामीणों ने परिधि न्यूज को अवगत कराया गया है। परिधि न्यूज ने पत्र को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे को भी अवगत कराया है। वर्तमान में छात्रावास में बच्चें भले ही नहीं है लेकिन आगामी शैक्षणिक सत्र में जब बच्चे 15 जून से छात्रावासों में वापसी करने लगेंगे तब उनके अधिकारों का हनन पिछले शैक्षणिक सत्र की तरह न हो संभवत: इसी उम्मीद से यह पत्र प्राप्त हुआ है।
नहीं मिलता मैन्यू के हिसाब से भोजन, मौसमी फल बस बिल में

 

जिला शिक्षा केन्द्र के अंतर्गत चिचोली विकासखंड के खपरिया में संचालित नेताजी सुभाषन्द्र बोस बालिका छात्रावास में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायत एक पत्र के माध्यम से परिधि न्यूज को प्राप्त हुई है। इस छात्रावास में कक्षा 6वीं से 8वीं तक 100 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। पत्र में उल्लेख है कि छात्रावास में पदस्थ वार्डन शशिकला इरपाचे का व्यवहार छात्राओं एवं उनके पालकों के प्रति ठीक नहीं है। वार्डन द्वारा छात्राओं को शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का लाभ नहीं दिय जाता है। वर्षों से छात्राओं को बिस्तर एवं अन्य सामग्री आबंटित नहीं की गई है। प्रतिदिन सुबह 250 ग्राम प्रति छात्रा एवं मौसमी फल वितरण के निर्देश है लेकिन छात्रावास में मात्र 5 लीटर दूध ही क्रय कर वितरित किया जाता है। भोजन भी मैन्यू के हिसाब से नहीं दिया जाता न ही भोजन में गुणवत्ता रहती है।फलों का वितरण नहीं किया जाता पर बिल बाकायदा लगाए जाते है।

प्रत्येक तीन वर्ष में बदलना है वार्ड शशिकला को हो गए 10 साल
पत्र में कार्यालय जिला शिक्षा केन्द्र बैतूल पत्र क्र/जि शि के/जेंडर/ 2025/612 दिनांक 27/03/2025 का हवाला देकर उल्लेख किया गया है कि उक्त पत्र के द्वारा वार्डन की चयन सूची जानी की गई है, जिसमें प्राथमिक शाला परसरा में पदस्थ श्रीमती मालती उईके का चयन, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास की वार्डन के लिए हुआ है, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी चयनित वार्डन को नियुक्ति आदेश प्रदान नहीं किया गया। पालकों एवं ग्रामीणों ने छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल बदलने की मांग की है।
रामकरण और अनिल के घर से आता है छात्रावास में दूध
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास खपरिया में ग्राम के ही रामकरण यादव एवं अनिल यादव के घर से दूध पहुंचता है। दूध क्रय करने का कोई निश्चित मापदंड नहीं है। कभी 3 तो कभी 5 और खास मौको पर 10 लीटर दूध दोनों दुग्ध विके्रताओं से लिया जाता है। यदि कलेक्टर या जिम्मेदार अधिकारी दूध का हिसाब एवं अन्य लेखा जोखा औचक निरीक्षण के दौरान चेक करते है तो छात्रावास में चल रही अनियमितताओं को लेकर दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।
क्या 15 जून के  बाद बदलेंगे हालात?
जिले में यह एक मात्र छात्रावास नहीं है। जहां बच्चों के निवालों पर डाका डाला जा रहा है। चाहे आदिम जाति कार्य विभाग हो या फिर जिला शिक्षा केन्द्र के अंतर्गत छात्रावास या फिर रमसा के अंतर्गत संचालित छात्रावास। ज्यादातर जगह अनियिमिताएं व्याप्त है। वैसे जिले में आमद देने के बाद से ही कलेक्टर डॉ सोनवणे द्वारा अपनी मैदानी विजिट के दौरान छात्रावासों में पहुंचकर भी व्यवस्थाएं देखी जा रही है। अनियमिताएं पाए जाने पर कार्रवाई भी जारी है,उम्मीद की जा रही है कि 15 जून के बाद जब छात्रावासों में जब बच्चे वापस आए तो उन्हें नए गद्दे, जरुरत की सभी सामग्री, मैन्यू के अनुसार भोजन, नाश्ता, फल और उनके हिस्से का 250 ग्राम दूध हर दिन मिले।

इनका कहना…
यदि अनियिमिताओं की शिकायत मिली है तो छात्रावास में जांच की जाएगी।वैसे अन्य छात्रावासों की तुलना में यह छात्रावास अपडेट रहाहै।
राजेश तुरिया, प्रभारी डीपीसी
जिला शिक्षा केन्द्र, बैतूल

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