शराब की लत वाले जवानों पर SSB सख़्त, सेवा से हटाने का अभियान शुरू,50 मामलों की पहचान, 8–10 जवानों को किया गया सेवामुक्त
✓शराब के सहारे बॉर्डर पर कर रहे नौकरी, अब SSB करेगा बर्खास्त
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नई दिल्ली।भारत-नेपाल और भारत-भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करने वाले (SSB) ने शराब की लत से ग्रसित जवानों के खिलाफ सख़्त कदम उठाते हुए सेवा से हटाने का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अब तक कम से कम 50 मामलों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें जवानों को अत्यधिक शराब सेवन का आदी पाया गया है।
SSB के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 8 से 10 जवानों को सभी चिकित्सीय और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद सेवा से हटा दिया गया है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं शराबी जवान
अधिकारियों ने बताया कि शराब की लत से ग्रसित जवान न केवल अपनी सुरक्षा, बल्कि अपने साथियों और आम जनता की जान के लिए भी खतरा बन सकते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान हथियारों की उपलब्धता को देखते हुए इस तरह की लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
चिकित्सा श्रेणी घटाकर गैर-ऑपरेशनल ड्यूटी
SSB महानिदेशक संजय सिंघल के निर्देश पर ऐसे जवानों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जा रही है।शराब निर्भरता सिंड्रोम (ADS) से पीड़ित जवानों को पहले निम्न चिकित्सा श्रेणी (LMC) में रखा जाता है और उन्हें ऑपरेशनल ड्यूटी से हटाकर इलाज का मौका दिया जाता है। सुधार न होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाती है।
नेपाल-भूटान सीमा पर तैनात है SSB
करीब 90 हजार जवानों वाली SSB भारत-नेपाल (1,751 किमी) और भारत-भूटान (699 किमी) की बिना बाड़ वाली सीमाओं की सुरक्षा करती है। यह बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, जहां अनुशासन और सतर्कता सर्वोच्च प्राथमिकता मानी जाती है।SSB के इस फैसले को अनुशासन, सुरक्षा और बल की साख बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में लापरवाही या नशे के लिए कोई जगह नहीं है।