सांसद,विधायक, नपाध्यक्ष से गुहार लगाते- लगाते बस गुजर ही गया साल
आमला की आस.. सौगातें मिल जाती तो याद रह जाता साल बीस सौ पच्चीस
✓आमला की आस.. सौगातें मिल जाती तो याद रह जाता साल बीस सौ पच्चीस
गौरी पदम/परिधि न्यूज बैतूल

वैसे तो बैतूल के खास शहरों के पेज सोशल मीडिया पर कुछ जागरूक नागरिकों ने बनाए है। जिनमें माय बैतूल, सारणी,मेरा बैतूलबाजार, एक बैतूल श्रेष्ठ बैतूल खास है।इन सबसे परे एक और पेज है आमला – शहर अपना सा।साल 2025 के जाते जाते इस फेसबुक पेज पर आमलावासियों की आवाज गूंज रही है।आमला की जनता की टूटती उम्मीदें और हताशा के साथ शिकायत भी है अपने कर्णधारों से..आमला ने सोशल मीडिया के माध्यम से बात और शिकायत की है सांसद,विधायक और नपाध्यक्ष से..और उम्मीद भी कि यह साल तो बीत ही गया है पर आने वाले साल में उम्मीद न टूटे और जनता जो चाहती है अपने प्रतिनिधि से वह चाहते पूरी हो जाए..यह पेज वास्तव में आमला की आवाज उठाता है..यह पेज आमला के अतीत,वर्तमान और भविष्य का आईना है…परिधि न्यूज का प्रयास है कि फेसबुक पेज आमला शहर अपना सा पर अपलोड की गई वर्षांत की यह पोस्ट शायद माननीयों को आमला के दर्द से वाकिफ करा दे और जनप्रतिनिधि वर्ष 2026 की शुरुआत में ही इन समस्याओं का निराकरण कर आमला को सौगात दे दे।
यह है आमला – शहर अपना सा पर अपलोड पोस्ट

हो सके तो आगे बढ़कर सम्भालो-बचा लो मुझको……..खत्म हो रहा हूँ मैं भी दिसंबर की तरह।।
निवेदक:- #आपका_आमला
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उक्त पंक्तियां निश्चित ही हमारा शहर सासंद,विधायक और नपाध्यक्ष से कहता होगा…….साथ ही 2025 में नही मिल पाई निम्न सुविधाओं के लिए गिड़गिड़ाता भी होगा।
सांसद जी:- आपकी इच्छाशक्ति और जीवटता का क्या कहना___2025 में एक भी नई ट्रेन का स्टॉपेज आपने नही करवाया तो नही ही करवाया…..रेलवे की खाली पड़ी जमीन आपको मदद के लिए पुकारती रही,आपने न सुनना था, और न ही सुना।
इसके अतिरिक्त केंद्र से कोई योजना लाने में भी आपको आमला याद नही आया।
विधायक जी:- किसी भी क्षेत्र में उन्नति दो तरह से आती है, सड़के और रोजगार के अवसर______दोनों मायनो में आमला खाली रहा। आमला और सारणी एक ही विधानसभा के दो प्रमुख नगर…परन्तु दोनों में आवागमन और जुड़ाव बेहद जटिल। वर्तमान घाट वाले मार्ग पर न तो बस संचालन सम्भव है और न ही व्यवसायिक दृष्टि से वो मार्ग सहज है, आवरिया-ठानी-बेलोण्ड होते हुए नए मार्ग से न केवल यातायात सुगम होगा,बल्कि रोजगार के नए विकल्प भी खुलेगे। इसके अलावा 2025 में प्लेग्राउंड, आईटीआई जैसी सुविधायें भी आपकी तरफ निहारती रही। और सिविल हॉस्पिटल—उसकी तो पूछिये ही नही!
नगरपालिका अध्यक्ष जी:- 2025 में नगरपालिका न तो शहर में नई व्यवस्थाएं बना पाई और न ही बनी हुई व्यवस्थाओं को बरकरार रख पाई। चन्द्रभागा नदी पर विगत वर्ष हुआ सौंदर्यीकरण इसी अव्यवस्था का उदाहरण है, वहां व्याप्त गन्दगी,बंद हुए फाउंटेन और नदी के समीप बना नया पार्क अव्यवस्था की अपनी कहानी कहता है। इसके अलावा अम्बेडकर पार्क व नेहरू पार्क में भी बच्चो व बुजुर्गों के लिए कोई व्यवस्था नही है। विद्यार्थियों के लिए ई-लाइब्रेरी, खेल मैदान, शनिवार बाजार की अव्यवस्था तमाम बातें 2025 में शोर मचाती रही, पर इन्हें सुना ही नही गया।
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माननीय जनप्रतिनिधियों से निवेदन है कि 2025 की इन अनसुनी व्यथाओं को 2026 में सुना जाए और इनका निराकरण भी किया जाए। सारा शहर आपका आभारी रहेगा🙏🙏🙏