जल्द रिहाई की उम्मीद में जूते और कपड़े धोकर रखें, जेल से रिहाई के पहले जिंदगी से रिहा हो गया प्रकाश
✓जल्द रिहाई की उम्मीद में जूते और कपड़े धोकर रखें, जेल से रिहाई के पहले जिंदगी से रिहा हो गया प्रकाश
✓जिला जेल के बंदी की हार्ट अटैक से मौत, चाचा की गैर इरादतन हत्या मामले में सात साल का कारावास
✓अच्छे व्यवहार के कारण जल्द होने वाली थी रिहाई
परिधि न्यूज बैतूल

उसने अपने कपड़े और जूते रख दिए थे,,इस उम्मीद से कि जल्द ही वह जेल से रिहा हो जाएगा और अपने परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी बिताएगा, लेकिन अफसोस रिहाई की खबर आने से पहले ही उसकी मौत हो गई।जिला जेल बैतूल में अपने चाचा की गैर इरादतन हत्या के लिए उसे सात साल की सजा हुई थी।उसने साढ़े पांच वर्ष की सजा काट भी ली थी और अच्छे व्यवहार की वजह से उसकी सजा कम करने की सिफारिश भी की गई थी।लेकिन 29 नवंबर को सुबह बंदी प्रकाश की हार्ट अटैक से मौत हो गई और यह जिंदगी से रिहा हो गया।
अमरावती घाट क्षेत्र निवासी 42 वर्षीय प्रकाश पिता बाबूराव को चाचा की गैर-इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाए जाने सात साल की सजा जिला जेल में काट रहा था। लगभग साढ़े पांच साल से प्रकाश जिला जेल में बंद था। शनिवार सुबह प्रकाश सफाई कार्य के लिए जेलकर्मी राकेश पांडे के साथ जेल परिसर से बाहर गया था। इसी दौरान उसे अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। स्थिति बिगड़ती देख तुरंत उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।प्रकाश की सजा पूरी होने में अब कुछ ही समय बचा था।।जानकारी के अनुसार उसके अच्छे व्यवहार की वजह से उसकी रिहाई की तैयारी भी चल रही थी। रिहाई की उम्मीद में उसने अपने कपड़े और जूते भी धोकर रख दिए थे। जेल प्रबंधन ने प्रकाश के निधन की सूचना परिजनों को दे दी है।परिजनों के आने के बाद ही पीएम किया जाएगा। हालांकि मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
31 मार्च 2022 को हुई थी सजा
जेलर योगेंद्र तिवारी के मुताबिक प्रकाश बाबूराव सातपुते 31 मार्च 2022 को 7 वर्ष की सजा से दंडित होकर के जेल आया था।घाट अमरावती बस स्टैंड पर लक्ष्मण की हत्या हुई थी, जो प्रकाश के चाचा थे।लक्ष्मण की गैर इरादतन हत्या के आरोप सिद्ध होने पर 304(बी) के तहत उसे 7 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया था। पुलिस ने बंदी प्रकाश की मौत के बाद शव को मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया है।